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Wednesday, August 12, 2015

Nutty Professor Grows An Ear On His Arm And Plans To Connect It To The Internet So The World Can Listen To Him

प्रोफेसर ने बांह पर उगाया कान, बना रहे वाईफाई से कनेक्‍ट होने का प्‍लानडॉक्‍टरों को जोड़ा इस प्‍लान में
अपने इस अनोखे प्‍लान में उन्‍होंने कुछ मेडिकल एक्‍सपर्ट्स की टीम को भी जोड़ा, लेकिन अभी भी ये प्रोजेक्‍ट पूरा नहीं हुआ है। अभी उनकी बांह पर सिर्फ एक कान उभारा गया है। ये कान उनके स्‍टेमसेल्‍स की मदद से बने हैं। अब इस कान के अंदर एक बेहद छोटा माइक्रोफोन डाला जाएगा। इस माइक्रोफोन को बिना तार के इंटरनेट से जोड़ा जा सकता है। बताते हैं इससे पहले इस तरह का एक्‍सपेरिमेंट उनकी बांह पर उगे कान में किया जा चुका है, लेकिन उस समय उसको इंफेक्‍शन के कारण निकालना पड़ा था। स्‍टेलार्क कहते हैं कि ये काम उनके लिए नहीं है। उनके पास पहले से ही दो कान मौजूद हैं। ये कान अन्‍य जगहों पर लोगों के लिए रिमोट लिसनिंग डिवावइस का काम करेगा।

किया जा सकेगा ट्रैक
इस कान को GPS की मदद से ट्रैक भी किया जा सकेगा। इसके अलावा स्‍टेलार्क ने बताया कि इसका माइक हमेशा ही स्विच ऑन रहेगा। उनका कहना है कि आजकल लोग पूरी तरह से इंटरनेट पोर्टल्‍स से जुड़ चुके हैं। ऐसे में इस कान को लेकर एक बार सोचिए कि हम किसी और के कानों से किसी न्‍यूयॉर्क में बैठे व्‍यक्ति की आवाज सुन रहे हैं। अब ये सोचिए कि अगर में लंदन में बैठे किसी व्‍यक्ति को उसी समय पर वहां किसी की आंखों से देख सकूं।   See more - http://inextlive.jagran.com/nutty-professor-grows-an-ear-on-his-arm-and-plans-to-connect-it-to-the-internet-so-the-world-can-listen-to-him-201508120013

Source: Bizarre News

View: ePaper

Friday, August 7, 2015

BSNl Network Not Work Properly

बीएसएनएल: पैक थ्रीजी और सेवा टूजीबीएसएनएल यानि भारत संचार निगम लिमिटेड की योजनाएं तो बहुत हैं, लेकिन रखरखाव न हो पाने के कारण उन योजनाओं का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है. बीएसएनएल के मोबाइल इंटरनेट पैक अपनी क्षमता के मुताबिक सेवा मुहैया नहीं करा पा रहे हैं. कॉल ड्रॉपिंग आए दिन की समस्या हो गई है, लेकिन अधिकारियों की सेहत पर इस बात का कोई असर नहीं है. नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए दावे तो बड़े- बड़े किए जाते हैं, लेकिन वे धरातल पर दिखाई नहीं देते हैं. इसी के चलते उपभोक्ताओं का बीएसएनएल की सेवा से मोह भंग हो रहा है.

नहीं मिले थ्रीजी सिगनल्स

बीएसएनएल उपभोक्ता इंटरनेट पैक थ्रीजी का डला रहे हैं, उन्हें मोबाइल पर सेवा टू जी की मुहैया हो पा रही है. आज सोशल मीडिया के दौर में हर दूसरा युवा नेट यूजर सब्सक्राइबर है. इसमें कॉलेज गोइंग स्टूडेंट से लेकर जागरूक किसान तक शामिल है. ग्वालियर हाईवे के रहने वाले सुनील ने एंड्रॉयड फोन खरीदा. वह शुरू से ही बीएसएनएल यूजर रहे हैं. उन्होंने नेटसर्फिंग के लिए थ्रीजी नेट का पैक डलवाया. उसे आशा थी कि वह स्पीड के साथ इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेगा. लेकिन, जैसे ही वह अपने घर पहुंचा, तो देखा कि व्हाट्सएप पर प्राप्त हुई एक इमेज को डाउनलोड करने के लिए उसे घंटों का समय लग गया. पहले उसने सोचा कि शायद फोन में कोई कमी हो, लेकिन सिगनल देखने पर पता लगा कि नेटवर्क सेवा थ्रीजी के बजाय टूजी बमुश्किल से मिल पा रही थी. 

Source: Agra News

Play On Munshi Premchand Stories

मंच पर जीवंत हुई प्रेमचंद की कहानियां
भारतीय साहित्य में मुंशी प्रेमचन्द्र की रचनाएं कालजयी होती है. जो सामाजिक जीवन के सरोकार को बेहद संजीदगी के साथ लोगों के सामने प्रदर्शित करती है. स्वतंत्रता आंदोलन को भी उन्होंने बेहद संवेदनशील तरीके से अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों के समक्ष रखा. प्रेमचन्द्र की तीन रचनाओं आहुति, शराब की दुकान, होली का उपहार का कोलाज बनाकर मंच पर प्रदर्शित किया गया. नाटक में महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन से लेकर नशाबंदी तक को लेकर चले संग्राम का जीवंत मंचन किया गया. समन्वय संस्था की ओर से एनसीजेडसीसी में हुए नाटक के मंचन के दौरान कलाकारों ने शानदार अभिनय की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. 

मंच पर उतरा बापू का व्यक्तित्व 

समन्वय संस्था की सचिव सुषमा शर्मा के निर्देशन में मंचित नाटक में 1930 के दशक में युवाओं पर महात्मा गांधी के व्यक्तित्व का पड़े प्रभाव को खूबसूरती से दर्शाया गया. स्वदेशी आंदोलन व नशाबंदी को लेकर महात्मा गांधी ने जो आंदोलन चलाया, उसका देश के युवाओं पर काफी प्रभाव पड़ा. http://inextlive.jagran.com/play-on-munshi-premchand-stories-in-nczcc-87764


Chaimpions Protect The College

देश की पॉपुलेशन में ख्फ्ख् मिलियन यानि क्9.क्भ् परसेंट यंगस्टर्स हैं. भारत सरकार का मानना है कि क्भ् से ख्भ् साल के एज ग्रुप के इस सेग्मेंट को जेंडर इक्विलिटी को लेकर जागरूक करना बेहद जरूरी है, लेकिन यह एक साथ तभी संभव है जब यह वर्ग आगे आकर अपनी जिम्मेदारी को संभालने का काम करे. इसी को देखते हुए भारत सरकार स्कूल, कॉलेजेज और यूनिवर्सिटीज में जेंडर इक्विलिटी और ग‌र्ल्स एंपावरमेंट का जिम्मा यंगस्टर्स के कंधों पर रखने जा रही है. शिक्षण संस्थानों में इसके लिए खासतौर पर 'जेंडर चैंपियन' तैयार किए जाएंगे. जो अपने संस्थानों में जेंडर सेंसिटाइजेशन का काम करेंगे. यूजीसी ने इसे लेकर गाइडलाइंस भी जारी की है.

मेधावी स्टूडेंट्स का होगा चुनाव

भारतीय संविधान के आर्टिकल क्भ् में जेंडर इक्विलिटी (लैंगिक समानता)को बढ़ावा देने के साथ ही गारंटी दी गई है. लेकिन इसे लेकर आज भी सकारात्मकता का अभाव है. इसी को देखते हुए यूजीसी अब नए सिरे से जेंडर इक्विलिटी पर काम करने जा रही है. मिनिस्ट्री ऑफ वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट और मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट यानि एमएचआरडी के ज्वाइंट वेंचर में शुरू होने वाले इस प्लान में न सिर्फ यूनिवर्सिटीज बल्कि स्कूल्स और कॉलेजेज को भी शामिल किया जाएगा. यह चैंपियन स्कूल कॉलेजेज में पढ़ने वाले मेधावी स्टूडेंट्स में चुने जाएंगे, जो संस्थानों में जेंडर इक्विलिटी को लेकर एक बेहर माहौल तैयार करेंगे. See more - http://inextlive.jagran.com/chaimpions-protect-the-college-87714

Source: Dehradun News

Appointment On Single Click

एक क्लिक पर बीआरडी में मिलेगा अप्वाइंटमेंटदिल्ली और लखनऊ की तर्ज पर अब गोरखपुर में भी डिजिटल मोड में वर्क होगा. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) और संजय गांधी पीजीआई की तर्ज पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज को भी अपडेट करने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं. इसके लिए कॉलेज के पि्रंसिपल आरपी शर्मा ने सभी डॉक्टर्स से सुझाव मांगें हैं. मंडे को मेडिकल कॉलेज का दौरा करने आए प्रमुख सचिव हेल्थ आरपी सिंह के सामने भी मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. मेहुल मित्तल पैथालॉजी डिपार्टमेंट के हेड डा. राजीव मिश्रा और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजकिशोर सिंह ने इस इस मामले से अवगत कराया था, जिसपर प्रमुख सचिव ने पॉजिटिव रिस्पांस देते हुए प्रपोजल मांगा था. इस प्रस्ताव के पास होने के बाद मेडिकल कॉलेज में भी पेशेंट्स को घर बैठे एक क्लिक में मनचाहे डॉक्टर का अप्वाइंटमेंट मिल जाएगा. 

11 अगस्त को मीटिंग में होगा फैसला See more - http://inextlive.jagran.com/appointment-on-single-click-87692


Thursday, August 7, 2014

Nepali man tracelss in till now

पिछले महीने की फ्0 जुलाई से नेपाल निवासी नवल किशोर यादव का कुछ पता नहीं चल सका है. नवल किशोर, पत्‍‌नी बेटे और अन्य रिश्तेदार के साथ एसके नगर के रोड नम्बर ख्0 स्थित आलोक मेडिकल सेन्टर में इलाज के लिए आये थे. इसी दौरान ख्9 जुलाई की देर रात वह अस्पताल से लापता हो गए. अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है. नवल किशोर के बेटे ने गणेश यादव ने अस्पताल प्रशासन पर ही उसे लापता करने का आरोप बुद्धा कॉलोनी थाने में आवेदन देकर लगाया है. यहां तक कि गणेश ने अस्पताल के कर्मचारियों पर उसके पिता को मानव अंग तस्करी के लिए नशा खिलाकर छुपाने का आरोप लगाया है. इस मामले की जांच करने में बुद्धा कॉलोनी थाने की पुलिस लग गई है. दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने इस आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

ली गई सीसीटीवी की फुटेज

इन गंभीर आरोपों के बाद पुलिस एक्टिव हो गई और इसमें की जांच में लग गई. बुधवार को आलोक मेडिकल सेन्टर के सीसीटीवी कैमरे का फुटेज लिया है. आलोक मेडिकल सेंटर के व्यवस्थापक राजीव सिंह ने बताया कि पुलिस को पूरी फुटेज दे दी गई है. इसमें नवल किशोर यादव रात में बड़बड़ाते हुए घूमते हुए दिख रहे. सीढि़यों से उतरकर उन्होंने दो अटेंडेंट को भी जगाकर बातचीत की है. इसके अलावा वे खुद से ही नीचे पार्किग स्थल की ओर चले गए हैं. फुटेज में ख्9 -फ्0 जुलाई की देर रात क्ख्.भ्फ् मिनट तक फुटेज में वह दिख रहे हैं. जहां तक कैमरे का रेंज है वो दिख रहे उसके बाद लापता है. राजीव सिंह ने कहा कि पार्किग की ओर से वह दीवार फांद कर वह कहीं निकल गये हैं. उन्होने यह भी कहा कि यह आरोप बदनाम करने की साजिश है. वहीं, इस संबंध में बुद्धा कॉलोनी थानाध्यक्ष मुकेश चन्द्र ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज से कुछ जानकारी मिल सकती है.

Deadline for fir to gangasheel hospital

गंगाशील स्कूल ऑफ नर्सिग इंस्टीट्यूट के नाम पर पर चल रहा विवाद वेडनसडे को फिलहाल सवा महीने के लिए शांत पड़ गया है. नर्सिग स्टूडेंट्स के करियर के साथ खिलवाड़ करने और धोखाधड़ी के आरोपों में फंसे इंस्टीट्यूट ने अपने नाम में गड़बड़ी की शिकायत दूर करने का भरोसा दिया है. वेडनसडे को कलेक्ट्रेट में नर्सिग स्टूडेंट्स व उनके परिजनों संग इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट ने सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात की. जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट ने इंस्टीट्यूट को क्भ् सितंबर तक इंडियन नर्सिग काउंसिल में अपने रजिस्टर्ड नाम को सही कराने के आदेश दिए हैं. साथ ही ऐसा न होने पर इंस्टीट्यूट के खिलाफ एफआईआर करने की चेतावनी दी है.

सड़क पर उतरे थे स्टूडेंट्स

क् अगस्त को गंगाशील स्कूल ऑफ नर्सिग के स्टूडेंट्स इंस्टीट्यूट के खिलाफ सड़क पर उतर आए थे. स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि काउंसिल में इंस्टीट्यूट का नाम गंगाशील कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से रजिस्टर्ड है. जबकि उन्हें डिग्री गंगाशील स्कूल ऑफ नर्सिग के नाम से दी जाती है. स्टूडेंट्स व उनके परिजनों ने इंस्टीट्यूट पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी. इस पर एडीएम सिटी ने म् अगस्त को दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया था.

सवा सौ स्टूडेंट्स पहुंचे

वेडनसडे को सुबह क्क् बजे नर्सिग स्टूडेंट्स अपने परिजनों संग और इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट की ओर से संदीप बाली कलेक्ट्रेट पहुंचे. एडीएम सिटी आरपी सिंह के शहर से बाहर होने के चलते मामले की सुनवाई सिटी मजिस्ट्रेट ने की. प्रशासन से अपनी बात कहने व इंस्टीट्यूट के खिलाफ अपनी आवाज उठाने में बीएससी नर्सिग के फ‌र्स्ट ईयर, सेंकेंड ईयर, थर्ड ईयर व फोर्थ ईयर के सवा सौ स्टूडेंट्स पहुंचे थे.

काउंसिल में बदलेगा नाम

सुबह क्क् बजे से दोपहर ख्.फ्0 बजे तक सिटी मजिस्ट्रेट संग दोनों पक्षों की मुलाकात जारी रही. इस दौरान जहां स्टूडेंट्स व उनके परिजनों ने इंस्टीट्यूट पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए फीस में लिए लाखों रुपए वापस दिलाए जाने और मैनेजमेंट के खिलाफ एफआईआर कराने की मांग की. वहीं मैनेजमेंट ने परिजनों से क्भ् सितंबर तक गलती सुधारने का आश्वासन दिया. इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने इंस्टीट्यूट को काउंसिल में रजिस्टर्ड अपना नाम गंगाशील कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से बदलकर गंगाशील स्कूल ऑफ नर्सिग किए जाने की डेडलाइन दी.

-इंस्टीट्यूट को क्भ् सितंबर तक इंडियन नर्सिग काउंसिल में अपना नाम सही कराने का समय दिया गया है. तय समय तक गड़बड़ी में सुधार न होने पर प्रशासन खुद इंस्टीट्यूट के खिलाफ एफआईआर कराएगा.

- आरके पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट

Jyoti murder case many new facts revealed

बिस्कुट कारोबारी की बहु ज्योति श्यामदसानी पर तीन संडे से मौत मंडरा रही थी. दो बार तो मौत उसके बेहद करीब आकर निकल गई लेकिन उसेजरा सा भी आभास नहीं हुआ. उसका बिगड़ैल पति पीयूष दो संडे पहले से ज्योति का कत्ल कराने की कोशिश कर रहा था. इसलिए वो ज्योति को हर संडे घुमाने के नाम पर कहीं न कहीं ले जाता था. लेकिन हर बार कोई न कोई अड़चन आने से उसका प्लान फेल हो रहा था. लेकिन जुलाई का आखिरी संडे ज्योति की मौत नहीं टल सकी. हत्यारों से टाइम सेट होने से पीयूष आखिर अपनी साजिश में कामयाब हो गया.

रेन डांस पार्टी के बाद होना था ज्योति का कत्ल

हड़बड़ाहट और एक छोटी सी गलती के कारण पीयूष भले पत्नी के कत्ल के गुनाह में सलाखों के पीछे पहुंच गया हो लेकिन उसका दिमाग किसी शातिर अपराधी से कम नहीं है. उसने माशूका मनीषा माखीजा और ड्राइवर अवधेश के साथ ख् जुलाई को ज्योति के कत्ल की साजिश रची थी. जिसके तहत हत्यारों को ज्योति के घर से अकेले निकलने पर उसका कत्ल करना था, लेकिन ज्योति उदास होने की वजह से घर अकेले नहीं निकल रही थी. जिसे देख पीयूष ने गिरगिट की तरह रंग बदलकर ज्योति से मीठी-मीठी बात करनी शुरू कर दी. जिसके बाद पीयूष अपने प्लान के पहले कदम में कामयाब हो गया. पीयूष के बदले व्यवहार से ज्योति उसके साथ क्फ् जुलाई (संडे) को घूमने जाने के लिए राजी हो गई. जिसकी जानकारी पीयूष ने माशूका मनीषा और ड्राइवर अवधेश को दी. वो ज्योति को रनिया स्थित ओरियंट रिसॉर्ट में रेन डांस पार्टी में ले गया. ज्योति पति के बदले व्यवहार से खुश पार्टी में मस्ती कर रही थी. इधर, पीयूष उसके कत्ल की साजिश को हकीकत में बदलने की तैयारी कर रहा था. उसकी प्लानिंग के मुताबिक, ड्राइवर अवधेश साथी रेनू, आशीष और सोनू समेत रिसॉर्ट से कुछ दूरी पर स्थित दीपू चौहान के ढाबे पर पहुंचना था, जबकि पीयूष को देर रात में क्ख् बजे से ज्योति को लेकर रिसार्ट से निकलना था. जिसके बाद रास्ते में सुनसान जगह पर हत्यारों को ज्योति को लूटने के बाद कत्ल करना था, लेकिन रेन डांस पार्टी जल्दी खत्म हो जाने से प्लान फेल हो गया. प्लान फेल होने से पीयूष इतना झल्ला गया था कि उसने एक बार तेज रफ्तार चलती गाड़ी से ही ज्योति को फेंकने का मन बना लिया, लेकिन ज्योति कहीं बच न जाए, इस डर से उसने खुद पर काबू किया. उस दिन मनीषा को छोड़कर सभी हत्यारों की मोबाइल की लोकेशन रनिया में ही मिली है. साथ ही उस दिन पीयूष, उसकी माशूका मनीषा और ड्राइवर अवधेश की करीब ख्भ् बार मोबाइल पर बात भी हुई थी. जिससे पीयूष के इस प्लान की पुष्टि हो रही है.

बैराज पर कत्ल कर लाश गंगा में फेंकनी थी

पीयूष ने ज्योति को रास्ते से हटाने का दूसरा प्रयास ख्0 जुलाई (संडे) को गंगा बैराज पर किया. इस बार वो ज्योति को बैराज पर घुमाने के लिए ले गया था. उस पर किसी को शक न हो. इसलिए वो अपने साथ बड़े भाई के बेटे को भी ले गया था. प्लान के मुताबिक, वो बैराज में सुनसान जगह पर बहाने से कार को रोककर खड़ा हो जाएगा. जिसके बाद ड्राइवर अवधेश समेत अन्य हत्यारों को कार को कवर करके उसको पीटकर गाड़ी से फेंकना था. जिसके बाद उनको ज्योति का कत्ल करना था. हालांकि उसने भतीजे को कोई भी चोट न पहुंचाने की हिदायत हत्यारों को दी थी. वो प्लान के मुताबिक ज्योति और भतीजे को कार से बैराज ले गया, लेकिन उस दिन तेज बारिश होने से हत्यारे टाइम से वहां नहीं पहुंच पाए और उसका दूसरा प्लान भी फेल हो गया. इसके लिए गुस्साए पीयूष ने ड्राइवर अवधेश को खूब फटकार लगाई थी. इस दौरान उसने ड्राइवर अवधेश को आधे घंटे में ख्0 कॉल की थीं.

'इस बार मुझे कोई गलती नहीं चाहिए'

पीयूष लगातार दो संडे से ज्योति के मर्डर की प्लानिंग फेल होने से पागल सा हो गया था. इस बार वो प्लान को हर हाल में अंजाम देना चाहता था. जिसके लिए उसने अवधेश को भी वॉर्निग दे दी थी. प्लान में कोई चूक न हो, इसके लिए पीयूष ने ड्राइवर अवधेश को जेड स्क्वॉयर मॉल बुलाया. वहां दोनों ने करीब आधा घंटा बात की. इस बार पीयूष ने अवधेश को कोई भी गलती न करने की हिदायत दी.

.और वो आखिरी रविवार का वार

महीने का आखिरी संडे और ज्योति के कत्ल की प्लानिंग का तीसरा संडे यानि ख्7 जुलाई को पीयूष सुबह से ही माशूका मनीषा और हत्यारे अवधेश से संपर्क बनाए था. उसने हत्यारे अवधेश, रेनू, आशीष और सोनू को शाम को भी घर के पास बुला लिया था. जिसके बाद वो कार से रेनू और सोनू को जेके मंदिर पर छोड़ने गया था. उसने हत्यारों को कहीं भी न जाने की हिदायत भी दी थी. जिसके बाद वो ज्योति को घर से रेस्ट्रां ले गया. जहां से निकलने पर हत्यारों ने ज्योति की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी. इस दिन भी पीयूष और हत्यारे अवधेश के बीच फ्0 से फ्भ् बार मोबाइल पर बात हुई थी, जबकि उसने वारदात होने से पहले तक माशूका से बात की थी.

रावतपुर से दोबारा गाड़ी घुमा कर लाया था पीयूष

रेस्ट्रां से निकलने के बाद पीयूष ज्योति को कार से लेकर कम्पनी बाग के रास्ते से रावतपुर गया था. प्लान के मुताबिक उसको अंधे मोड़ के पास ड्राइवर अवधेश समेत उसके साथी मिलने थे, लेकिन पीयूष जब वहां पहुंचा तो एक कार खड़ी थी. जिसे देख पीयूष कार को रावतपुर चौराहे ले गया. वहां से यू टर्न लेकर वापस कम्पनी बाग और वहां से दोबारा अंधे मोड़ के पास पहुंचा था. जहां पर हत्यारों को देखकर उसने कार को रोक दिया था.

भ्0 हजार तो सिर्फ टोकन था

ज्योति का कत्ल करने वाले हत्यारों ने पीयूष से भ्0 हजार रुपए की सुपारी नहीं ली थी, बल्कि ये रकम सिर्फ टोकन था. पीयूष ने हत्यारों को ज्योति के लाखों की कीमत के जेवर की सुपारी दी थी. पीयूष ने अवधेश को बताया था कि ज्योति लाखों की कीमत के जेवर पहने होगी. हत्यारों को ज्योति का मर्डर करने के बाद उसके जेवर लूटने थे, लेकिन वो ज्योति की प्लेटिनम की ज्वेलरी को नकली समझकर उसे छोड़ गए थे. यह खुलासा अवधेश समेत अन्य हत्यारों ने पुलिस रिमाण्ड में पूछताछ के दौरान किया.

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खबर का दूसरा पार्ट

शादी तय होने से झटपटा रही थी मनीषा

पीयूष की माशूका मनीषा माखीजा की दिल्ली में शादी तय हो गई थी. जिससे वो काफी बैचेन हो गई थी. वो पीयूष से अलग नहीं होना चाहती थी. इसलिए उसने ज्योति को रास्ते से हटाने के लिए पीयूष को उकसाया. उसने दबाव बनाने पर ही पीयूष ने ज्योति के कत्ल की साजिश रची थी. यह खुलासा मनीषा ने पुलिस रिमाण्ड में हुई पूछताछ में किया. उसने बताया कि वो पीयूष को बेहद चाहती थी. दिल्ली में शादी होने पर उसे पीयूष से बिछड़ने का डर था. वो किसी कीमत पर पीयूष को खोना नहीं चाहती थी. हालांकि वो पीयूष के और लड़कियों से संबंध होने की जानकारी होने से पछता रही है. वो रिमाण्ड के दौरान रोती रही. उसने बताया कि पीयूष ने ज्योति के मर्डर से पहले उसको कॉल की थी. पीयूष ने रेस्ट्रां से निकलकर उससे बात की थी. इस दौरान उसको ज्योति का कत्ल कराने का भरोसा दिलाने के लिए अवधेश से बात की थी. उसने मोबाइल के जरिए पीयूष और अवधेश की सारी बाते सुनी थीं.

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हेडिंग: पीयूष की हवस से कोई नहीं बचा

- फ्रेंड्स क्लासमेट, पड़ोसी, रिलेटिव, ऑफिस इम्पलाई, बिजनेस पार्टनर्स यहां तक की घर की नौकरानी को भी नहीं छोड़ा

- पार्टी सर्किल की अरबपति कारोबारियों की बेटियों सहित 9 लड़कियों से फिजिकल रिलेशन सामने आए

- ज्योति ने सास को दी थी पीयूष की अय्याशियों की जानकारी, लेकिन वो शांत रहीं

- रोज नए खुलासों से पुलिस भी हैरान, अफसर बोले पीयूष के संबंधों पर नहीं वारदात पर फोकस है उनकी जांच

द्मड्डठ्ठश्चह्वह्म@द्बठ्ठद्गफ्ह्ल.ष्श्र.द्बठ्ठ

यन्हृक्कक्त्र(6 न्ह्वद्द.)

पीयूष को पाने के लिए मनीषा ने भले ही ज्योति के कत्ल से अपने हाथ रंग डाले. लेकिन पीयूष पर हवस इस कदर सवार थी कि उसने अपनी फ्रेंड्स क्लासमेट, पड़ोसी, रिलेटिव, ऑफिस इम्पलाई, बिजनेस पार्टनर्स यहां तक की घर की नौकरानी को भी नहीं छोड़ा. पार्टी सर्किल में आने वाली अरबपति परिवारों की बेटियों समेत अब तक 9 लड़कियों से उसके अवैध संबंध होने की बात सामने आ चुकी है. इससे आजिज पुलिस अधिकारियों ने तो यहां तक कह दिया कि पीयूष के संबंधों पर जांच की जाए तो कभी खत्म ही नहीं होगी. इसलिए वो सिर्फ वारदात पर ही फोकस कर रहे हैं. हालांकि जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पीयूष की मां के लाड़ ने उसे बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी. यहां तक कि जब ज्येाति ने पीयूष की अय्याशियों की शिकायत उसकी मां से की तो भी वह जानबूझ कर शांत रहीं.

.फिर तो जांच तो कभी खत्म नहीं होगी

बुधवार को आईजी जोन ने प्रेस कॉफ्रेंस में पीयूष के दूसरी महिलाओं से संबंधों के बारे में भी जानकारी दी. इस दौरान पता चला कि पीयूष ने अपने घर में काम करने वाली नेपाली नौकरानी से भी बहला फुसला कर शारीरिक संबंध बनाए थे. वहीं शहर के एक नामी साबुन कारोबारी की बेटी से पीयूष के फिजिकल रिलेशन की बात सामने आई है. जिसके बारे में आला ऑफिसर भी ऑफ दि रिकार्ड हामी भर रहे हैं. जांच में यह बात भी सामने आई कि ज्योति ने पीयूष के दूसरी महिलाओं से संबंध होने की शिकायत उसकी मां(सास)से की थी लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया. दरअसल पीयूष को पार्टी और क्लबों में जाने का शौक था. वहीं पर उसके सिटी के कई बड़े कारोबारी परिवारों की लड़कियों से भी संबंध बन गए थे. लेकिन मनीषा को पीयूष के इन संबंधों की जानकारी थी या नहीं यह बड़ा सवाल है.

परिवार ने पीयूष को उसके हाल पर छोड़ा !

दिन पर दिन पीयूष की करतूतों को लेकर हो रहे खुलासों को लेकर पीयूष के परिवार में घमासान मचा हुआ है. पहले बहू की हत्या उसके बाद बेटे के ऐसे कारनामों से हो रही बदनामी की वजह से पीयूष के प्रति उसके परिवार में भी काफी नाराजगी है. सूत्रों की मानें तो जेल में मिलने पहुंचे पीयूष के रिश्तेदारों ने उससे अपने किए की सजा भुगतने के लिए कहा है. लेकिन पीयूष को जेल में जो ट्रीटमेंट मिल रहा है वह उसके परिवार के रसूख और पैसे के बल पर ही है. ऐसे में यह अलगाव सिर्फ दिखावा है या सच्चाई, यह कह पाना मुश्किल है.

तो बढ़ जाएंगी पीयूष के परिवार की मुश्किलें

ज्योति के कत्ल की जांच में उसकी डायरियों से जो जानकारियां मिली हैं. उसके आधार पर पीयूष के परिवार पर भी काफी सवाल उठ रहे हैं. पुलिस के मुताबिक ज्योति की डायरी से पता चला है कि उसने पीयूष को लेकर कई बार उसकी मां से शिकायत की. लेकिन कुछ नहीं हुआ. और ऐसा भी संभव नहीं दिखता कि उसके परिवार को पीयूष की अय्याशियों की कोई खबर नहीं थी. ससुराल में ज्योति ने घुटन होने जैसी चीजें भी लिखी हैं. ऐसे में मामला उसके उत्पीड़न का भी बनता है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस एंगल पर भी जांच हो सकती है.

बॉक्स

मुझे बाहर जाने दो, सब मैनेज कर लूंगा

जेल में पीयूष का ड्राइवर अवधेश समेत अन्य हत्यारोपियों से सामना हुआ, तो उसने उसको रुपए की ताकत का हवाला देकर समझाया कि तुम लोग सारे गुनाह कबूल कर लो. जिसके बदले में मैं तुम लोगों के घरवालों को मालामाल कर दूंगा. अगर मैं जेल से छूट जाऊंगा, तो तुम लोगों को भी जेल से छुड़ा लूंगा.

जेल में पीयूष-मनीषा मैसेंजर के जरिए कर रहे बातचीत

जेल में पड़े छापे में यह भी पता चला है कि पीयूष और मनीषा में बातचीत भी हो रही थी. जेल अस्पताल के वार्डब्वाय इसमें मनीषा की मदद करते थे. वे पीयूष तक मनीषा का मैसेज पहुंचाते हैं और जो पीयूष कहता था वह मनीषा को बता देते थे.

डॉक्टर से हो सकती है पूछताछ

मनीषा के मेडिकोलीगल को लेकर पुलिस डॉक्टर से पूछताछ कर सकती है. आईजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि मनीषा के मेडिकोलीगल का विवाद कोर्ट पहुंचने के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है. आईजी ने कहा कि इस संबंध में मेडिकल करने वाले डॉक्टर से बात करके असलियत जानी जाएगी. 

Shoe buisnessmen murderd in sahaganj at agra

 मुकदमे की तारीख में हुई थी मारपीट

आगरा. थाना शाहगंज क्षेत्र में नमक की मंडी में एक जूता कारोबारी को उसके घर के पास मौत के घाट उतार दिया गया. पुलिस ने हत्यारोपियों में से दो को हिरासत में ले लिया है, जबकि एक भागने में सफल रहा.

पुरानी रंजिश बताई जा रही है

नमक की मंडी निवासी 31 वर्षीय जीतू पुत्र करम सिंह का घर के पास ही जूतों का कारखाना है. आरोप है कि शाम करीब साढ़े छह बजे बस्ती के ही पप्पू, संजू, सोनू आए और इसके साथ गाली-गलौज की. विरोध करने पर पेट में रापी (धारदार हथियार) से उसकी हत्या कर दी गई.

भाई, मामा हो गए घायल

जिस दौरान हत्यारोपियों ने हमला किया था उस दौरान मृतक के भाई बीच-बचाव में कूदे थे. जिनके ऊपर हमला कर घायल कर दिया गया. घायलों में भाई का नाम विशाल और मामा का नाम मुन्ना लाल बताया गया है.

दीवानी परिसर में हुई थी मारपीट

पुलिस के मुताबिक इनका मुकदमा चल रहा है. आरोपियों की बहन ने मृतक के भाई पर रेप का मुकदमा दर्ज करा रखा है. जिसकी शनिवार की तारीख थी. उस दौरान दीवानी परिसर में इनकी मारपीट भी हुई थी.

घर पर आकर की गाली-गलौज

शाम को आरोपी घर पहुंच गए और गाली-गलौज करने लगे. उस दौरान जीतू बाहर निकल आया था. उसने गाली का विरोध किया तो उस पर हमला कर दिया. उस दौरान बीच-बचाव में आए भाई और मामा को भी पीटा गया.

पुलिस ने लिया हिरासत में

इंस्पेक्टर शाहगंज ने बताया कि इस सम्बंध में संजू, सोनू को हिरासत में लिया गया है. जबकि आरोपी पप्पू भाग निकलने में सफल रहा. पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है.

Flight slipped on runway

दिल्ली से इलाहाबाद आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट बुधवार शाम को बमरौली एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद फिसल गई. हालांकि, इस घटना के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से इलाहाबाद पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट ने शाम साढ़े चार बजे बमरौली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की थी. 

इसके बाद क्राफ्ट को लिंक टैक्सी के जरिए पार्किंग पर ले जाया जा रहा था, तभी टायर फट जाने से फिसल गया. बाद में सभी पैसेंजर्स को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया. फ्लाइट में कुल म्0 पैंसेजर सवार थे. इस घटना के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट वापसी की उड़ान नहीं भर सकी. दिल्ली जाने वाले पैसेंजर्स को रात आठ बजे दूसरी फ्लाइट से भेजा गया.

Encroachment stricken residents of shastri nagar

अतिक्रमण की समस्या से त्रस्त शास्त्री नगर सीमाद्वार के निवासियों ने मंडे को एमएनए हरक सिंह रावत से गुहार लगाई. स्थानीय निवासियों ने एमएनए को बताया कि अतिक्रमणकारी ने सात फीट चौड़ा रास्ता बंद कर दिया गया है. इस कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है. एमएनए ने उन्हें जांच कर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया. शास्त्री नगर निवासी गंभीर चौहान ने बताया कि जलभराव ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. उन्होंने बताया कि दो साल से निगम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है. उन्होंने बताया कि शास्त्री नगर सीमाद्वार पर सनराइज स्कूल के आसपास बरसाती पानी से जलभराव हो रहा है.

घरों में घुस रहा पानी

स्थानीय निवासी प्रदीप उनियाल और नरेंद्र राणा ने बताया कि मोती नाम के शख्स ने सार्वजनिक 7 फीट चौड़े रास्ते को बंद कर दिया है. इस कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है. उन्होंने बताया कि दो अगस्त की रात को भी तेज बारिश के बाद लोगों के घरों में पानी घुस गया था. नगर निगम, आपदा प्रबंधन, फायर बिग्रेड, क्षेत्रीय विधायक और पार्षद सभी को इसकी सूचना दी गई थी. सबके प्रयास के बाद ही अवैध दीवार को ध्वस्त किया गया था, लेकिन अतिक्रमणकारी द्वारा फिर से दीवार खड़ी कर दी गई. शिकायत करने वालों में गिरीश चौहान, आनंद नाथ, मंजू चौहान, संदीप उनियाल, बसंती चौहान सरिता सेमवाल आदि शामिल रहे.

Stomach stabbed for small amount of money

चंद रुपए के लिए इंसानी जिंदगी को छीन लेने वाले दरिंदों ने एक युवक को ऐसी मौत दी जिससे इंसानियत भी शर्मसार हो गई. जुए के विवाद में युवक का चाकू से पेट फाड़ दिया और हाथ-पैर बांध कर उसकी बॉडी खेत में फेंक दी. हैरत की बात यह है कि दो नहीं बल्कि चार आंखों के सामने जघन्य हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया लेकिन पुलिस हत्यारों को पकड़ नहीं सकी. वारदात को अंजाम देकर पति-पत्नी मौके से भाग निकले. उन्होंने चश्मदीद को भी गवाही देने पर हत्या की धमकी दी.

भट्ठे पर हुआ था विवाद

चिलुआताल के सोनबरसा निवासी पप्पू (फ्ख्) बोगा खजनी स्थित अजय सिंह के ईट भट्ठे पर काम करता था. वह वहीं भट्ठे पर बने एक कमरे में रहता भी था. वेंस्डे मार्निग दो मीटर दूर खेत में उसकी डेडबॉडी पड़ी देखी गई. उसके हाथ-पैर गमछा और बनियान से बांधा गया था और चाकू से पेट फाड़ दिया गया था. सूचना पर पहुंची पुलिस ने बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पप्पू की हत्या के छानबीन कर रही पुलिस की निगाह भट्ठे में काम करने वाले झारखंड के गुमला विशुनपुर निवासी पवन और सोनू पर पड़ी.

चश्मदीद गवाह है साथी

पवन और सोनू दोनों पप्पू के साथ ईट भट्ठे में काम करने वाले सहयोगी हैं. पप्पू की मौत के वह चश्मदीद गवाह भी हैं. पूछताछ में पहले तो वह डरे और सहमे रहे लेकिन पुलिस ने उनकी हिम्मत बढ़ाई तो एक के बाद एक कई राज खोलने शुरू कर दिए. दोनों ने बताया कि पप्पू की हत्या उनके आंखों के सामने हुई है. हत्या के बाद हत्यारों ने गवाही देने या किसी को इसके बारे में बताए पर जान से मारने की धमकी दी थी जिसके चलते वह डर हुए थे.

जुआ बना मौत का कारण

पवन, सोनू और मृतक पप्पू के साथ एक चौथा शख्स भी है जो उनके साथ काम करता था. वह है झारखंड का जनक. पवन और सोनू ने बताया कि ट्यूज्डे नाइट पप्पू और जनक अपने कमरे में जुआ खेल रहे थे. जीत हार में जनक 8 सौ रुपए हार गया था. हार की बराबरी के लिए वह और जुआ खेलने के लिए पप्पू पर दबाव बना रहा था. बिना पैसे के पप्पू ने जुआ खेलने से इंकार कर दिया. जनक और पैसे लेने अपने कमरे में पत्नी के पास भी गया था लेकिन पत्नी ने पैसा देने से इंकार कर दिया. जनक वापस लौटा और उधार खेलने का दबाव बनाने लगा. जिस पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई. इसी दौरान जनक की पत्नी भी मौके पर पहुंच गई. हाथापाई के दौरान पप्पू सिर पर चोट लगने से बेहोश गया.

हाथ-पैर बांधा और फाड़ दिया पेट

पप्पू के बेहोश होने के बाद जनक और उसकी पत्नी ने उसी के गमछे और बनियान से उसका हाथ-पैर बांधा और खेत में ले गए. जहां चाकू से उसका पेट फाड़ दिया. वापस लौटने पर पवन और सोनू को देख कर जनक ने उन्हें किसी से घटना का जिक्र करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी. हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद जनक और उसकी पत्नी मौके से फरार हो गए. पुलिस का कहना है कि दोनों झारखंड के रहने वाले हैं लेकिन दोनों का पता भट्ठे में भी नहीं है. उनके बारे में छानबीन की जा रही है. पुलिस ने बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

World breastfeeding week at graduate college

सिर्फ फिजिकल और मेंटल डेवलपमेंट ही नहीं ब्रेस्टफीडिंग मां और बच्चे के बीच एक मजबूत इमोशनल बांडिग बनाता है. मां के दूध में हर वो पोषक तत्व होते हैं ही जिनके जरूरत एक शिशु को होती है. साथ ही बच्चों के फीडिंग का ये एक नेचुरल और कॉस्ट इफेक्टिव तरीका है. ये बातें कहीं डॉ प्रीति श्रीवास्तव ने. टाटा मेन हॉस्पिटल के डिपार्टमेंट ऑफ पेडिएट्रिक्स की रजिस्ट्रार डॉ प्रीति व‌र्ल्ड ब्रेस्ट फीडिंग वीक के अंतर्गत ग्रेजुएट कॉलेज में आयोजित प्रोग्राम के दौरान बतौर चीफ गेस्ट बोल रही थीं. इस दौरान कॉलेज की प्रोफेसर्स के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स भी मौजूद थीं.

मौजूद रहे प्रोफेसर्स और स्टूडेंट्स

ग्रेजुएट स्कूल-कॉलेज फॉर वीमेन के होम साइंस डिपार्टमेंट द्वारा व‌र्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक के मौके पर बुधवार को प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया गया. प्रोग्राम की शुरुआत एनएसएस वालंटियर्स द्वारा वेलकम सांग के साथ हुई. होम साइंस डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर ने गेस्ट्स का वेलकम करते हुए ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के न्यूट्रिशनल टिप्स भी दिए. इस मौके पर कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ उषा शुक्ला भी मौजूद थीं. इस दौरान पोस्टर कॉम्पटीशन की विनर्स को प्राइज भी दिया गया.

हैं कई फायदे

वक्ताओं ने कहा कि व‌र्ल्ड में हर साल जन्म लेने वाले 13.5 करोड़ बच्चों में से 60 परसेंट को पर्याप्त ब्रेस्टफीडिंग नहीं मिल पाता है. इसका असर बच्चों के डेवलपमेंट के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी पड़ता है. डॉ प्रीति श्रीवास्तव ने कहा कि जन्म से छह महीने तक बच्चों को सिर्फ मां का दूध पिलाना चाहिए, इससे सही डेवलपमेंट के साथ-साथ डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों का खतरा भी कम होता है. ब्रेस्टफीडिंग से बच्चों के आर्टिफिशियल फीडिंग के लिए खर्च नहीं करना पड़ता, जिससे घर के बजट पर भी असर नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि नॉर्मल डिलीवरी के आधे घंटे के अंदर ब्रेस्टफीडिंग शुरू की जा सकती है. 

Broker active in rto

आरटीओ में अधिकारी इन दिनों दलालों के आतंक से परेशान हैं. दलाल इस विभाग में इस कदर हावी हैं कि इनके कारण अब यहां काम प्रभावित होने लगा है. बायोमैट्रिक डीएल बनने की शुरुआत के बाद दलालों पर अंकुश लगने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन ऐसा हुआ नहीं और इनका वर्चस्व कम होने की बजाय और बढ़ गया है. इस वजह से अब अधिकारी इनको यहां से खदेड़ने की तैयारी में हैं. इसके लिए एआरटीओ ने एसएसपी को लेटर लिखकर फोर्स की मांग की है.

हद हो गई है यहां

दरअसल आरटीओ में लंबे वक्त से दलाल एक्टिव हैं. डीएल बनवाने से लेकर आरसी कटवाने व अन्य काम के लिए लोग स्टाफ से ज्यादा दलालों पर ही भरोसा करते हैं. यही वजह है कि आरटीओ के गोपनीय विभाग से लेकर बायोमैट्रिक डीएल बनने वाले रूम में जहां सिर्फ डीएल बनवाने आये लोगों को ही एंट्री की इजाजत है. वहां भी दलाल पहुंच जा रहे हैं. इनके सिर पर सवार रहने से स्मार्ट डीएल बनाने में लगे कर्मचारियों से कार्ड बनाने में गलतियां हो जा रही हैं. इस बारे में एआरटीओ प्रवर्तन आरएस यादव का कहना है कि दलालों पर लगाम लगाना आरटीओ के बस के बाहर हो गया है. ऐसे में एसएसपी से यहां फोर्स देने की रिस्वेस्ट की गई है. फोर्स में दो सिपाही तो परमानेंट मौजूद रखने को कहा गया है. अगर ये हो जाता है तो आरटीओ में दलाल कम हो जाएंगे और काम आसानी से हो सकेगा.

Education

 मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट में सेशन ख्0क्ब्-क्भ् में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इंस्टीट्यूट के ग्रेजुएट, पीजी डिप्लोमा और डिप्लोमा कोर्सेस में एडमिशन के लिए फॉर्म संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है. स्टूडेंट्स इन कोर्सेस में एडमिशन के लिए अगस्त लास्ट तक आवेदन कर सकते हैं. यह जानकारी संस्थान के डायरेक्टर प्रो. मनोज दीक्षित ने दिया है.

नौ कोर्सेस के लिए होने हैं आवेदन

एमकेआईटी में इस साल ग्रेजुएशन के दो कोर्सेस बीबीए, बीबीए इन टूरिज्म, पीजी डिप्लोमा के पीजी डिप्लोमा इन टै्रवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट और पीजी डिप्लोमा इन टै्रवल मैनेजमेंट, वहीं डिप्लोमा के पांच कोर्सेस डिप्लोमा इन हॉस्पिटेलिटी एंड एयरलांइस टिकटिंग विद कम्प्यूटर रिजर्वेशन सिस्टम, डिप्लोमा इन एयर होस्टेस और प्लाइट स्ट्रीवेट ट्रेनिंग, डिप्लोमा इन एयरपोर्ट पैसेंजर सर्विस एजेंट, डिप्लोमा इन फ्रेज लैग्वेज और डिप्लोमा इन जर्मन लैंग्वेज इन कोर्सेस में एडमिशन के लिए आवेदन कर सकते हैं. इन सभी कोर्सेस में म्0-म्0 सीटों पर एडमिशन होना है. जबकि लैग्वेज के दोनों कोर्सेस के लिए फ्0-फ्0 सीटों पर एडमिशन होना है.

स्कूलों को भी पढ़ाएंगे लैंग्वेज कोर्सेस

एमकेआईटी के डायरेक्टर प्रो. मनोज दीक्षित ने बताया कि इस साल हमने तीन स्कूलों में क्लास भ्वीं और छठवीं के फ्रेंच लैंग्वेज पढ़ाने जा रहे हैं. अगले साल से यह क्लास 7 व 8 में भी पढ़ाया जाएगा. सिटी में लॉमार्ट ग‌र्ल्स, लॉमार्ट ब्वॉयज और स्टडी हॉल में लैंग्वेज कोर्स शुरू किया गया है. प्रो. दीक्षित ने बताया कि सीबीएसई बोर्ड पहले यह अपने यहां के स्कूल में लैंग्वेज पढ़ाता आ रहा है. यह पहली बार है जब आईसीएसई ने अपने स्कूलों में लैंग्वेज कोर्स को पढ़ाने की अनुमति दी है. जिसके बाद हमने सिटी के तीन आईसीएसई स्कूलों में इस कोर्स को शुरू किया गया है. प्रो. दीक्षित ने बताया कि इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए हमारे टीचर को वहां पर भेजा जाएगा. 

Police officers awake from sleep

: डकैती के दौरान महिला के साथ गैंगरेप का मामला आई नेक्स्ट में हाईलाइट होने के बाद पुलिस अधिकारियों की नींद टूटी. बुधवार शाम जहां एसपी देहात पीडि़ता के घर पहुंचे, वहीं रात के समय एसएसपी ने गांव पहुंच कर परिजनों से मामले की जानकारी ली.

दरिंदगी की पुष्टि

क्षेत्र के गांव में डकैती के दौरान महिला के साथ मानवता को शर्मसार कर देने वाला घिनौना कृत्य किए जाने का मामला बुधवार को मीडिया में छाया तो पुलिस के उच्च अधिकारियों को पीडि़त पक्ष की याद आई. सूत्रों की मानें तो मेडिकल रिपोर्ट में महिला के प्राइवेट पाटर््स में डंडा डालने की बात सामने आई है. हालांकि पुलिस अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं कर रही. हालत बिगड़ने पर महिला को दिल्ली रेफर कर दिया गया.

अफसरों ने जाना हाल

इतना सब होने के बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों की नींद टूटी. बुधवार शाम एसपी देहात एमएम बेग पीडि़ता के घर पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली. रात को एसएसपी ओंकार सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की. परिजनों ने दोनों अधिकारियों के सामने बदमाशों की दरिंदगी की कहानी सुनाई. परिजनों से पूछताछ के बाद दोनों अधिकारियों ने थाना पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और वापस लौट गए.

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फोटो परिचय

- महिला के परिजन से बातचीत करते एसएसपी.

नोट- कृपया महिला के परिजन का चेहरा ब्लर कर दें.

आई इम्पैक्ट

सरधना के गांव नवाबगढ़ी में मैली कारोबारी के घर डकैती के दौरान महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को आई नेक्स्ट ने प्रमुखता के साथ उजागर किया. परिणामस्वरूप पुलिस हरकत में आई और अधिकारी मामले की जानकारी लेने गांव पहुंचे.

Tourits buses are dump in garage of bihra state transport corporation

पर्यटन डिपार्टमेंट अपनी स्पीड के लाख दावे करे, पर ग्राउंड लेवल पर स्टेयरिंग तक ठीक से घूम नहीं पा रही है. बसों में होने वाली मामूली खराबी तक को ठीक करने में फेल है डिपार्टमेंट. कई गाडि़यां एक साथ खराब होकर गैरेज में पड़ी हुई हैं. पिछले कई महीनों से एक साथ गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को जोड़ने की योजना अब तक ग्राउंड लेवल पर नहीं उतर पायी है. हालत यह हो गई कि इन जगहों की ट्रेवलिंग के लिए एक साथ 1.52 करोड़ की चार एसी बसों की खरीदारी की गयी थी, पर उसकी हालत भी जस की तस बनी हुई है. आज भी पटना से रांची के बीच ही मात्र वॉल्वो बस चल रही है.

गाडि़यों का पा‌र्ट्स तक नहीं आ पा रहा

दो वॉल्वो बस मामूली खराबी की वजह से अब तक बंद पड़ा हुआ है. इसमें से एक वॉल्वो बस महीनों से खराब पड़ा हुआ है. पटना-पूर्णिया के बीच चलने वाली वॉल्वो बस कई महीनों से खराब चल रही है. कब चलेगी, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है. चार एसी बस लंबी दूरी तय करने के लिए खरीदी गई थी, पर मामूली खराबी की वजह से यह गैराज में पड़ी हुई है. ड्राइवर ने बताया कि जब पा‌र्ट्स आएगा, तब आदेश के बाद गाडि़यों का परिचालन किया जाएगा.

बौद्ध सर्किट और जैन सर्किट में पर्यटक नहीं

गया, बोधगया, राजगीर, नालंदा, वैशाली, केसरिया के बीच बसों का परिचालन किया जाना था. इन जगहों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या भी अन्य जगहों की अपेक्षा अधिक रहती है, बावजूद इसके राजधानी से इसका कनेक्शन नहीं होने की वजह से पर्यटकों को काफी परेशानी का सामाना करना पड़ रहा है. हालत तो यह हो गई है कि अब तक तक पीपीपी मोड पर भी बस का परिचालन नहीं हो पाया है.

ब्लास्ट के बाद संख्या में आई कमी

बोधगया ब्लास्ट के बाद लगातार पर्यटकों की संख्या में कमी आती चली गई. पहले जहां पर्यटकों का फ्लो काफी हुआ करता था, वहीं बोधगया में हुए ब्लास्ट के बाद इसकी कमी आयी है. इसमें लोकल से लेकर फॉरेन पर्यटक तक शामिल हैं. इसके अलावा अन्य जगहों पर भी बस की सुविधा प्रोपर नहीं होने की वजह से पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

टूरिज्म फ्लो

इयर ख्0क्फ्

डोमेस्टिक - ख्,क्भ्,88,फ्0म्

फॉरेनर्स - 7,म्भ्,8फ्भ्

इयर ख्0क्ख्

डोमेस्टिक - ख्,क्ब्,ब्7,099

फॉरेनर्स - क्0,9म्,9फ्फ्

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डोमेस्टिक - क्,7भ्,0म्,000

फॉरेनर्स - 9,7ख्,ब्87

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डोमेस्टिक - क्,भ्7,8म्,000

फॉरेनर्स - ब्,9क्,000

इयर ख्009

डोमेस्टिक - क्,भ्7,8ब्,म्79

फॉरेनर्स - ब्,ख्फ्,0ब्ख्

इयर ख्008

डोमेस्टिक - क्,क्8,89,म्क्क्

फॉरेनर्स - फ्,ब्भ्,भ्7ख्

इयर ख्007

डोमेस्टिक - क्,0फ्,भ्ख्,887

फॉरेनर्स - क्,77,फ्म्ख्

इयर ख्00म्

डोमेस्टिक - क्,0म्,70,ख्म्8

फॉरेनर्स - 9ब्,ब्ब्म्

इयर ख्00भ्

डोमेस्टिक - 8म्,87,ख्ख्0

फॉरेनर्स - म्फ्,फ्ख्क्


Land dispute create problem for ss memorial college

कांके रोड स्थित एसएस मेमोरियल कॉलेज के वजूद पर खतरा मंडरा रहा है. टोरेंट इंडस्ट्रीज की ओर से कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन और रांची यूनिवर्सिटी को तीन महीने के अंदर कॉलेज को हटाने का नोटिस भेजा गया है. इस नोटिस को लेकर कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन और स्टूडेंट्स की चिंता बढ़ गई है. रांची यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ अमर कुमार चौधरी बुधवार को कॉलेज पहुंचकर प्रिंसिपल डॉ एसके वर्मा से इस मामले पर पूरी जानकारी ली.

नहीं है लीज एग्रीमेंट

कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन को टोरेंट इंडस्ट्रीज का नोटिस दो दिन पहले मिला है. नोटिस में बताया गया है कि खाता नंबर 113 व प्लॉट नंबर 754 के जिस 73 डिसमिल जमीन पर कॉलेज है, उसे 18 सितंबर 2012 को ही खरीद लिया गया है. ऐसे में पिछले दो सालों से जमीन के लीज एग्रीमेंट के बगैर ही कॉलेज यहां रन कर रहा है. ऐसे में तीन महीने के अंदर कॉलेज को यहां से हटा लिया जाए.

स्टूडेंट्स की बढ़ी चिंता

कॉलेज खाली करने की मिली नोटिस के बाद से ही यहां के टीचर्स और स्टूडेंट्स की चिंता बढ़ गई है. इन्हें समझ नहीं आ रहा है कि टोरेंट इंडस्ट्रीज के कॉलेज खाली करने की मिली नोटिस का क्या असर पड़ेगा. गौरतलब है कि इस कॉलेज में करीब दस हजार स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. ऐसे में अगर यहां से कॉलेज हटा तो स्टूडेंट्स की मुश्किलें बढ़ सकती है.

कॉलेज पहुंचे रजिस्ट्रार

कॉलेज खाली करने की नोटिस मिलने के बाद रांची यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ अमर कुमार चौधरी बुधवार को कॉलेज पहुंचे. उन्होंने पूरे कॉलेज कैंपस का जायजा लिया. स्टाफ रूम और लैब का भी हाल जाना. इस मुद्दे पर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एसके वर्मा से बात की और कहा कि किसी तरह की चिंता की बात नहीं है.

दान की जमीन पर बना है कॉलेज

दान में मिली जमीन पर एसएस मेमोरियल कॉलेज बना है. साल 2012 में कॉलेज की जमीन को लेकर उस वक्त विवाद पैदा हो गया था, जब कमल सिंघानिया नाम के एक व्यक्ति ने इस जमीन को खरीदने की बात कही थी. इस मामले को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था. राजभवन ने इस बाबत रिपोर्ट भी मांगी थी. हालांकि, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की पहल पर कमल सिंघानिया के पक्ष में कॉलेज की हुई दाखिल-खारिज को कैंसिल कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने इस मामले को सिविल कोर्ट में चुनौती दी. यह मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है. दूसरी ओर इस घटना के छह महीने के बाद एक महिला भी कॉलेज की जमीन के दावेदार के रूप में खड़ा हो गई. उसने कहा कि 60 लाख रुपए में कॉलेज की जमीन की रजिस्ट्री उसने करा ली है. इसके बाद से ही जमीन विवाद का मामला कोर्ट में चल रहा है.