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Tuesday, July 5, 2016

ईद में शहर का यातायात रहेगा डायवर्ट

ईद के अवसर पर ट्रैफिक विभाग ने शहर के निम्न प्रकार के यातायात प्रतिबंध व डायवर्जन सुबह 8 बजे से प्रारंभ ईद की नमाज समाप्ति के एक घंटे बाद तक लागू करने का निर्णय लिया है।

- कर्नलगंज चौराहे से स्लाटर हाउस बकरमंडी चौराहे की ओर जाने वाले वाहन कर्नलगंज चौराहा, विवेक टाकीज व मैकरावर्टगंज ढाल की तरफ जा सकेंगे.

- बकरमंडी चौराहा से कोई भी वाहन ईदगाह की ओर नहीं जा सकेगा.

- परेड से होकर कोई भी वाहन लकडमंड़ी रोड से मकरमंडी की ओर नहीं जा सकेगा। जिन वाहनों को माल रोड जाना है। वह लाल इमली से मालरोड जा सकेगा.

- लाल इमली चौराहे से कोई भी वाहन साइकिल मार्केट की तरफ नहीं जा सकेगा.

- जिन वाहनों को जीटी रोड की ओर जाना है। वह माल रोड से नरौना चौराहा से घंटाघर होते कालपी रोड जा सकेगा.

- रूपम टाकीज से कोई भी वाहन नालारोड की तरफ नहीं जाएगा। कार चालक अपनी गाडि़या रूपम टाकीज से हलीम कॉलेज होते हुए सियासत प्रेम से होकर ब्रह्मनगर चौराहे तक ले जा सकेंगे।

- प्रेमनगर चौराहे से पैदल राहगीरों के अतिरिक्त कोई भी वाहन पीरोड सीसामऊ की तरफ नहीं जाएगा।

- जरीब चौकी चौराहे से कोई भी वाहन पी रोड के लिए नहीं जा सकेगा और न ही आ सकेगा.

- ब्रह्मनगर तिराहा से कोई भी वाहन ईदगाह की तरफ नहीं जाएगा। बल्कि आर्यनगर से होकर विवेक टाकीज होते हुए माल रोड पर जाएगा। उनके आने का भी यही मार्ग होगा.

- हर्ष नगर तिराहा से ईदगाह की तरफ न तो कोई वाहन जाएगा और न ही कोई वाहन आएगा। 

Source: Inext Live Jagran

Thursday, June 30, 2016

सेंसर डिवाइस लगाएगी हादसों पर ब्रेक

बसों से होने वाले एक्सीडेंट पर ब्रेक लगाने के लिए रोडवेज विभाग ने अपनी वॉल्वो व स्कैनिया बसों में एंटी कोलीजन डिवाइस का ट्रायल शुरू कर दिया है। सेंसर बेस्ड ये डिवाइस बसों को हादसों से बचाने में कारगर साबित होगी। डिवाइस की खासियत है कि बस चलाते हुए अगर ड्राइवर को झपकी आ जाती है तो ये डिवाइस उसे नींद से भी जगा देगी। इसके बाद भी अगर ड्राइवर कोई रिसपांस नहीं देता है तो डिवाइस खुद बस में ब्रेक लगा देगी.

कंट्रोल करेगा बस की स्पीड

रेलवे की तर्ज पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रबंध तंत्र ने दुर्घटना को रोकने के लिए बसों में एण्टी कोलिजन डिवाइस का यूज करने की तैयारी की है। इस डिवाइस की विशेषता यह है कि बस चलाने के दौरान अगर ड्राइवर को झपकी आ जाती है तो ये डिवाइस सायरन बजा कर ड्राइवर को जगा देगी। वहीं बस की स्पीड आटोमैटिकली कंट्रोल भी कर देगी.

डिवाइस लगाएगी खुद ब्रेक

रास्ते में चलते वक्त अगर किसी बस के सामने कोई आ जाता है और निर्धारित दूरी पर ब्रेक नहीं लगता है तो ये डिवाइस खुद ही ब्रेक लगा देगी। इस डिवाइस में लगे सेंसर 20 मीटर तक की दूरी को ट्रेस करेंगे। पहले एक सायरन बजा कर ब्रेक लगाने का निर्देश देंगे, लेकिन अगर ड्राइवर ने ब्रेक नहीं लगाया तो खुद ब्रेक लगा देंगे। डिवाइस स्पीड के हिसाब से ब्रेक लगाएगी। यानी कि अगर स्पीड कम है तो ब्रेक देर में लगेगी और अगर स्पीड ज्यादा है तो ब्रेक भी जल्दी लगाएगी.  Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Sunday, June 26, 2016

2131 स्टूडेंट्स को आज मिलेगी आईआईटी की डिग्री

आईआईटी कानपुर का 49वां दीक्षांत समारोह मंडे को होगा। जिसमें पहली बार रिकॉर्ड 2 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स को डिग्री बांटी जाएगी। खास बात यह है इसी वजह से कंवोकेशन दो दिन होगा। मंडे को जहां पीजी कोर्सेस जैसे पीएचडी, एमटेक, एमबीए, एमडेस, एमएससी,एमएस जैसे कोर्सेस के स्टूडेंट्स का डिग्री बांटी जाएगी। वहीं दूसरे दिन यूजी कोर्सेस के स्टूडेंट्स को डिग्री मिलेगी। मंडे को ही भारतरत्‍‌न प्रो। सीएनआर राव को आईआईटी कानपुर की तरफ से डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि दी जाएगी। यूएस की प्रतिष्ठित बैफेलो यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट प्रो.सतीश के त्रिपाठी चीफ गेस्ट के रुप में मौजूद रहेंगे। वहीं दूसरे दिन गै्रंड मॉस्टर विश्वनाथन आनंद को भी मानद उपाधि दी जाएगी जिसके लिए वह मंडे को अपनी पत्‍‌नी के साथ कानपुर पहुंचेंगे।

एकेडमिक रिव्यू के बाद पहला बैच

मंडे को जिन स्टूडेंट्स को डिग्री दी जाएगी, उनमें से ज्यादातर साल 2011 में शुरू हुए एकेडमिक रिव्यू कमेटी के नए कोर्सेस और फ्लैक्सिबल लर्निग प्रोग्राम वाले पहले बैच के हैं.आईआईटी कानपुर के डॉयरेक्टर प्रो। इंद्रनील मान्ना ने बताया यहां चलने वाले कोर्सेस किसी भी दूसरी आईआईटी से ज्यादा फ्लैक्सिबल हैं। यहां का कॉकटेल प्रोग्राम कई स्पेशल फीचर्स के साथ है। रिव्यू कमेटी के बाद निकलने वाले इस पहले बैच में डूअल डिग्री वाले यानी बीटेक एमटेक करने वाले 251 स्टूडेंट्स को डिग्री मिलेगी। इसके अलावा 8.5 सीबीआई से ऊपर वाले 165 स्टूडेंट्स को डिक्टेंशन भी दी जा रही है।

भूकंप को लेकर हो सकता है कोलेबरेशन

प्रो। इ्रंद्रनील मान्ना ने बताया की कांवोकेशन में बतौर चीफ गेस्ट मंडे को आने वाले यूएस की बोफैलो यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट प्रो। सतीश के त्रिपाठी का अर्थ क्वेक को लेकर काफी काम है। इसलिए उनके साथ बातचीत में आईआईटी कानपुर और बोफैलो यूनिवर्सिटी के साथ कोलेबरेशन में स्टडी करने को लेकर कोलेबरेशन किया जा सके।

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आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस को नए मुकाम तक ले जाएंगे

वहीं कांवोकेशन में डूयल डिग्री में डॉयरेक्टर्स गोल्ड मेडल पाने वाले उन्नत जैन से भी अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता मनोज कुमार जैन व मां नीलिमा जैन को दिया। मूल रूप से रामपुर से जुड़े और कोलकाता में रहने वाले उन्नत जैन के बड़े भाई धवल जैन दार्जिलिंग में आईएएस अफसर हैं। उन्नत ने बताया कि उसका इंट्रेस्ट और काम मशीन लर्निग व आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस को डेवलप करने में हैं। इसको लेकर आईआईटी में भी उसने प्रो। नंबूदरी के साथ काम किया। उसका अमेरिका की यूआईयूसी यूनिवर्सिटी में एमएस इन कंप्यूटर साइंस में सिलेक्शन हो गया है। जिसके लिए वह अगस्त में अमेरिका चला जाएगा औरवहां पर विजुअल प्ले रिक्गनिशन इमेज प्रोसेस को लेकर काम करेगा। इससे नेत्रहीनों को भी काफी मदद मिलेगी। साथ ही कंप्यूटर में भी एक तरह का आर्टीफिशियल विजन डेवलप हो सकेगा।   Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Tuesday, June 21, 2016

कानपुर में रक्षा हब बनने की अपार संभावना

चाइना और पाकिस्तान को हर तरह से जवाब देने में हमारे शस्त्र पूरी तरह से सक्षम हैं। भारत शस्त्रों की मारक क्षमता और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। एचएएल और पांच आयुध फैक्ट्रियां होने से कानपुर में रक्षा हब बनने की अपार संभावना है। सेनाओं के लिए यहां बेहतरीन शस्त्र निर्माण किए जा रहे हैं। मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर शहर आए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने ये बात कही। उन्होंने सैकड़ों जवानों व सैन्य अफसरों के अलावा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कैण्ट स्थित गैरीसन ग्राउन्ड पर योगासन किए।
रक्षा मंत्री सीधे योगा की क्लास में
रक्षा मंत्री का विशेष विमान चकेरी एयरपोर्ट पर सुबह 6:15 बजे उतरा। वहां से कार द्वारा वे गैरीसन ग्राउन्ड पहुंचे। स्वागत की बिना किसी औपचारिकता के रक्षा मंत्री सीधे योग की क्लास में पहुंच गए और अग्रिम पंक्ति में बैठकर योगा शुरू कर दिया। डॉ। रवीन्द्र पोरवाल के निर्देशानुसार वहां मौजूद सभी जवानों ने योग के विभिन्न आसन किए। योगा की यह क्लास करीब 45 मिनट तक चली। योगासन के बाद रक्षा मंत्री ने जवानों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
चिंता करने की कतई जरूरत नहीं है
गैरीसन ग्राउन्ड से रवाना होने के पूर्व मीडिया के कई सवालों का जवाब उन्होंने बड़ी ही बेबाकी से दिया। पत्रकारों ने पूछा कि क्या भारत के पास पाकिस्तान और चाइना से लड़ने के लिए पर्याप्त शस्त्र हैं। इस पर रक्षा मंत्री मुस्कराते हुए बोले कि चिंता करने की कतई जरूरत नहीं है। हमारे शस्त्र उन्हें माकूल जवाब देने में पूरी तरह सक्षम हैं।  Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Monday, June 20, 2016

मंधना में मालगाड़ी के सामने लेट गया युवक

बिठूर में रविवार को मंधना स्टेशन के पास युवक ने सुसाइड कर लिया। उसने मालगाड़ी को आते देख ट्रैक पर गर्दन रख दी। प्रत्यक्षदर्शी उसको बचाने के लिए दौड़े लेकिन असफल रहे। मालगाड़ी गुजर गई और उसकी गर्दन धड़ से अलग हो गई। पुलिस ने परिजनों को सूना देकर शव को पोस्टमॉर्टम भेज दिया।

घंटाघर के पास सीपीसी कॉलोनी में रहने वाला राजाराम का बेटा राहुल (20) रेलवे स्टेशन के पास टहल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक वो रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गया। लोगों ने समझा कि वो शौच के लिए वहां गया। इसी बीच मालगाड़ी को आते देख वो ट्रैक पर गर्दन रखकर लेट गया। जिसे देख लोगों के होश उड़ गए। एसओ के मुताबिक उसके सुसाइड का कारण पता नहीं चल पाया है। पुलिस पड़ताल कर रही है।  Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Monday, June 13, 2016

चाला काटने पर सपा नेता ने दरोगा को पीटा

जूही में रविवार को टीएसआई को सपा नेता की गाड़ी का चालान काटना महंगा पड़ गया। उसकी हरकत से सपा नेता इतना भड़क गए कि उन्होंने साथी कार्यकर्ताओं को बुलाकर टीएसआई को पीट दिया। राहगीरों ने बीच- बचाव कर किसी तरह उसको सपा नेता के चंगुल से छुड़ाया। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन सत्ताधारी का मामला देख बैकफुट पर आ गई। जिसके चलते आरोपी सपा नेता और उनके कार्यकर्ता वहां से आसानी से निकल गए।

हमीरपुर के सपा नेता

बारादेवी में रविवार को टीएसआई यतेंद्र सिंह यादव की ड्यूटी थी। वो गाडि़यों के पेपर चेक कर रहे थे कि उनकी नजर नौबस्ता की ओर से आ रही बोलेरो गाड़ी की नम्बर प्लेट पर पड़ी। नम्बर प्लेट टूटी होने से उन्होंने गाड़ी को रोक लिया। बोलेरो में हमीरपुर निवासी राम नरेश और उनके साथी बैठे थे। वो सपा नेता हैं। वो गोविन्दनगर विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी ओम प्रकाश मिश्रा के पास जा रहे थे। आरोप है कि राम नरेश अपना परिचय देते, इससे पहले टीएसआई ने चालान काट दिया। जिससे यतेंद्र भड़क गए। उन्होंने टीएसआई से गाली- गलौज कर दी। टीएसआई ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वो देख लेने की धमकी देकर वहां से चले गए।   Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Monday, June 6, 2016

नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले जालसाज दबोचे

शहर में भले ही अभी मेट्रो चालू नहीं हुई है, लेकिन जालसाजों ने मेट्रो में नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगारों को चपत लगाना शुरू कर दिया है। एक गिरोह ने 12 बेरोजगारों को मेट्रो समेत सरकारी डिपार्टमेंट में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 12 लाख की ठगी कर दी। उन्होंने रुपए ऐंठने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। वे नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे तो उन्हें ठगी का पता चला। उनकी शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया।

मेट्रो में नौकरी का झांसा

सिद्धार्थनगर में रहने वाले संजीव कुमार त्रिपाठी नौकरी की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कई वेबसाइट के जरिए नौकरी के लिए आवेदन भी किया है। उनके घर के पास एक युवक ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर उन्हें न्यू आजाद नगर में रहने वाले सुशील कुमार श्रीवास्तव से बात कराई। सुशील ने नौकरी लगवाने के नाम पर उसने एक लाख रुपए जमा करवा लिए। साथ ही उसने संजीव के जरिए 12 और बेरोजगारों को अपने जाल में फंसा लिया। उसने मेट्रो, कांशीराम हॉस्पिटल समेत अन्य डिपार्टमेंट नौकरी लगवाने का झांसा दिया था।

नगदी, फर्जी दस्तावेज बरामद

एक- एक लाख रुपए लेकर उनको फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी थमा दिया था। वे जब नौकरी ज्वाइन करने गए तो तब उन्हें ठगी का पता चला। उन्होंने 17 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसकी क्राइम ब्रांच जांच कर रही थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार को सुशील और उसके साथी अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उनके कब्जे से एक लाख की नगदी, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, मोहर समेत कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुआ है।  Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Monday, May 30, 2016

लापरवाही पड़ी जिंदगी पर भारी

ट्रेन में सफर के दौरान जल्दबाजी और लापरवाही में दो पैसेंजर्स ने जान गवां दी। मना करने के बाद भी ट्रेन के गेट पर बैठकर सफर कर रहे छात्र की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई, जबकि दूसरे पैसेंजर ने जल्दबाजी में चलती ट्रेन से उतरने की गलती की और जिंदगी से हाथ धो बैठा।

खत्म हो गया 'सफर'

संजय गांधी नगर में रहने वाले रामआसरे विश्वकर्मा का बेटा शुभम बांदा में कृषि विद्यालय का स्टूडेंट था। वो शनिवार को बांदा पैसेंजर से घर लौट रहा था। वो ट्रेन के गेट पर पैर लटकाए बैठा था। दादानगर के पास वह चलती ट्रेन से गिर गया। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। वहीं, पनकी स्टेशन में उपेन्द्र कुमार सिंह ने जल्दबाजी में जान गवां दी। वो गजनेर में रहने वाले शैलेंद्र सिंह के बेटे थे। वो गुड़गांव में एक प्राइवेट फर्म में जॉब करते थे। वो ट्रेन से पनकी स्टेशन जा रहे थे। वो चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश करने लगे और उनका पैर फिसल गया। ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।  Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Thursday, May 19, 2016

'विशेष परिस्थिति' में फंसा आरटीओ विभाग

आरटीओ विभाग इस समय आदेशों के फेर में उलझा हुआ है। एक साथ टू व्हीलर व फोर व्हीलर का लाइसेंस न बनने के आदेश के चलते ही ये समस्या क्रिएट हुई है। दरअसल, इस आदेश में विशेष परिस्थिति पर लाइसेंस एक साथ बनाने के निर्देश हैं, लेकिन वे विशेष परिस्थिति क्या हैं, इन्हें स्पष्ट नहीं किया गया है। इसकी वजह से हर आवेदक एक साथ ही टू व फोर व्हीलर का लाइसेंस बनवाना चाहता है। 

रोज होता है बवाल

आरटीओ में आने वाले सभी अप्लीकेंट्स यही कहते हैं कि हमारा टू व्हीलर व फोर व्हीलर दोनों का लाइसेंस बनवा दो। दरअसल, टू व्हीलर व फोर व्हीलर एक साथ बनाने की व्यवस्था के शासनादेश में विशेष परिस्थितियों में दोनों के लाइसेंस बनाने की छूट दी गई थी। इस छूट को देखते हुए कुछ लोगों के लाइसेंस बन गए। जिस पर बाहर के दलालों ने ये फैला दिया कि आरटीओ प्रशासन चाहे तो एक साथ दोनों लाइसेंस बना सकते हैं। इसके चलते आरटीओ में लाइसेंस के लिए आने वाले अप्लीकेंट्स दोनों के लाइसेंस एक साथ ही बनाने की बात पर जोर देते हैं। इसको लेकर आरटीओ में रोज ही कोई न कोई अप्लीकेंट्स बवाल काट देता है.

10 परसेंट से ज्यादा लाइसेंस नहीं

दिए गए नए शासनादेश की खास बात ये है कि विशेष परिस्थिति के लाइसेंस भी माह में कुल बने लाइसेंस के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होने चाहिए। हरदोई, फतेहपुर समेत कुछ जिलों ने 50 प्रतिशत तक विशेष स्थिति के लाइसेंस बनवा दिए, जिस पर उन्हें शासन ने जमकर फटकार लगाई है।  Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Thursday, April 7, 2016

60 किलोमीटर में बने सौ से अधिक मौत के कट

कानपुर लखनऊ हाईवे पर डिवाइडर काट कर बने अवैध कट राहगीरों की जान ले रहे हैं। ये कट ढाबा संचालक और पेट्रोल पंप वालों ने अपनी कमाई के चक्कर में बना रखे हैं, इन अवैध कटों से इनकी कमाई तो भरपूर हो रही है, पर इसके बदले इंसान की कीमती जान जरूर जा रही है। लखनऊ- कानपुर हाईवे- 25 का करीब 60 किलोमीटर हिस्से में एनएचएआई के नियम कायदे, मानक मायने नहीं रखते। इतनी दूरी पर ही सौ से अधिक अवैध कट बने हुए हैं।

बस आदेश ही होते रहे

हाईवे पर बढ़ते एक्सीडेंट्स को देखते हुए प्रशासन ने इन कटों को बनाने का फरमान सुनाया। इसके साथ ही साथ ही कट बनाने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। इसके बाद बारी आई एनएचएआई की तो उसने भी सड़क देखने वाली कंपनी को निर्देशित कर अपनी जिम्मेदारी को बखूबी अंजाम दे दिया। कुल मिलाकर आदेशों और चेतावनियों का दौर चला पर नतीजा शून्य ही रहा।

अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

हाईवे पर हाल में हुए हादसों पर यदि नजर डालें तो लगभग हर तीसरे चौथे दिन इस पर होने वाले हादसों का कारण यही अवैध कट बने हैं। इनमें से सबसे अधिक कट जाजमऊ से आरओबी व मंडी परिषद तक और सोनिक से लेकर अजगैन, फिर नवाबगंज से लेकर सोहरामऊ भल्ला फार्म तक जगह जगह पर नजर आते हैं। इस सब के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

यहां सबसे ज्यादा मौत के शॉर्टकट

- जाजमऊ पुल से आगे बढ़ते ही चौकी से कुछ आगे बढ़ने पर।

- कल्लूपुरवा गांव क पास तीन स्थानों पर डिवाइडर को काट दिया गया।

- त्रिभुवन खेड़ा के पास पेट्रोल पंप के निकट।

- आगे बढ़ने पर ढाबों के सामने

- आजाद मार्ग से कुछ आगे बढ़ने पर ढाबे के सामने।

- गहिरा स्थित पेट्रोल पंप और ढाबों के सामने सुविधा से कट बना लिए गए।

- औद्योगिक क्षेत्र बंथर में औद्योगिक क्षेत्र जाने के लिए और ढाबों के लिए कट तैयार कर लिए गए।

- सौशीन खेड़ा, शेरपुर नरी गांवों के सामने स्थित ढाबों के पास तैयार किए गए अवैध कट।

- गदन खेड़ा से पहले पेट्रोल पंप के सामने अवैध कट तैयार किए गए हैं।  Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Wednesday, April 6, 2016

मात्र एक रुपया देगा सुरक्षित यात्रा की गारंटी

रोडवेज बसों में अब सुरक्षा की गारंटी मिलेगी। सुन कर आपको भी यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह सच है। इस सुरक्षा की गारंटी के लिए आपको मात्र एक रुपया चुकाना होगा। जी, हां अब रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों को 1 रुपए में बीमा की सुविधा मिलेगी। 1 रुपए के इस प्रीमियम पर 5 लाख रुपए तक का क्लेम मिलेगा। इस बीमा में सबसे खास बात यह है कि इसमें 5 साल तक की उम्र के बच्चे भी कवर किए जाएंगे। रोडवेज विभाग का दावा है कि अगर कोई दुर्घटना होती है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही बीमा की रकम भी मिल जाएगी।

टिकट के साथ प्रीमियम

रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि इस बीमा के लिए टिकट मशीन में ही फीडिंग की जाएगी। यात्री से टिकट के साथ ही बीमा की रकम ले ली जाएगी। अगर दुर्घटना में पांच साल के बच्चे की मौत होती है, तो दावा धारक को सवा लाख रुपए का बीमा क्लेम मिलेगा। वहीं हाफ टिकट पर बीमा की धनराशि 2.50 लाख रुपए होगी।

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41 से 85 किमी के सफर पर 1 रुपए

रोडवेज बसों में 41 से 85 किलोमीटर की दूरी तक सफर करने वाले पैसेंजर्स टिकट लेते समय ही 1 रुपए देकर इस बीमा का लाभ उठा सकते हैं। 40 किलोमीटर तक बिना पैसा लिए ही बीमा रहेगा। उसके बाद 85 किलोमीटर तक 1 रुपए ज्यादा अदा करना होगा। 85 से 100 किलोमीटर तक 2 रुपए, 100 से 200 किलोमीटर तक 3 रुपए, 200 से 300 किलोमीटर तक 5 रुपए व 300 किलोमीटर से ऊपर जाने पर 8 रुपए अतिरिक्त किराया देना होगा।

ड्राइवर व कंडक्टर भी दायरे में

रोडवेज विभाग की इस बीमा योजना के दायरे में ड्राइवर व कंडक्टर भी आएंगे। वित्त नियंत्रण के आदेश पर इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन में बीमा शुल्क के साथ नया किराया फीड कर दिया गया है। रोडवेज विभाग की साधारण, वॉल्वो, एसी, लग्जरी, सुपर लग्जरी स्कैनियां समेत सभी बसों में ये सुविधा लागू कर दी गई है।

एआरएम भेजेगा मामले की रिपोर्ट

रोडवेज बस में सफर के दौरान जिस क्षेत्र में हादसा होगा। उस क्षेत्र का एआरएम इसकी पुष्टि करते हुए क्लेम की सिफारिश निगम मुख्यालय को भेजेगा। एआरएम की रिपोर्ट के आधार पर ही मुआवजा मिलेगा। मगर इस बीमा योजना का लाभ यात्रा के दौरान मृत्यु पर ही मिलेगा।

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पहले वाला बीमा रहेगा कायम

रोडवेज विभाग के यात्रियों को पहले भी बीमा का लाभ मिलता रहता है। इस योजना में बीमा का लाभ न्यायालय द्वारा प्रदान किया जाता है। इसके लिए यात्री की मौत होने पर उसके परिजनों द्वारा मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण के तहत सिविल न्यायालय में वाद दाखिल करना पड़ता है। न्यायालय द्वारा हैसियत के अनुसार बीमा क्लेम दिया जाता है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगता है। इसे देखते हुए ही रोडवेज विभाग ने ये नई योजना निकाली है।

Tuesday, March 22, 2016

मनमाफिक गाड़ी खड़ी न करने पर सूजा भोंका

कार्डियोलॉजी में खड़ी गाड़ी पर सूजा भोंक कर पंचर करने के मामले में अस्पताल परिसर में बवाल हो गया। व्यापारी नेता की गाड़ी में सूजा भोंका गया था। वहीं स्टैण्ड संचालक ने व्यापारी नेता से अभद्रता भी की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर बवाल बढ़ गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया.

देख लेने की धमकी दी

किदवई नगर निवासी व्यापारी नेता कमल उत्तम अपने किसी रिश्तेदार को देखने के लिए सोमवार शाम कार्डियोलाजी अस्पताल गए थे। गाड़ी पार्किंग में खड़ी की थी। गाड़ी खड़ा करते समय स्टैण्ड वाले ने गाड़ी दूसरी जगह खड़ी करने को कही लेकिन उन्हें जल्दी जाना था इसलिए उन्होंने गाड़ी बाहर की तरफ ही लगाई थी। थोड़ी देर बाद जब वापस आए तो देखा कि गाड़ी में सूजा से पंचर किया गया था। वहीं पास में खड़ी एक अन्य गाड़ी में पंचर था। जब उन्होंने स्टैण्ड संचालक से इसकी शिकायत की तो स्टैण्ड संचालक उनसे अभद्रता करने लगा। स्टैण्ड संचालक ने उन्हें देख लेने की धमकी दी. Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Saturday, May 31, 2014

Heavy problem and diseases in kanpur

सिटी में लोग जो पानी पी रहे हैं वह उन्हें बीमार कर रहा है. डायरिया, वॉयरल फीवर, ज्वाइंडिस के बाद पेट से संबंधी गैस्ट्रोइंट्राइटिस के पेशेंट्स भी सिटी में फ्0 फीसदी तक बढ़ गए हैं. हैलट और उर्सला दोनों ओपीडी में रोजाना क्00 से ज्यादा पेशेंट्स में इस बीमारी के सिम्पटम्स पाए जा रहे हैं. गैस्ट्रोइंट्राइटिस की मुख्य वजह वायरस, बैक्टीरिया और पैरासाइड्स हैं. डॉक्टर्स के मुताबिक गर्मी जैसे-जैसे बढ़ रही है, इसके पेशेंट्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके अलावा वायरल और हेपेटाइटिस के पेशेंट्स की संख्या भी बढ़ी है.

खराब पानी बढ़ा रहा गैस्ट्रोइंट्राइटिस के पेशेंट

पेट की बीमारी गैस्ट्रोइंट्राइटिस के पेशेंट की संख्या बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खराब पानी है. मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विशाल गुप्ता बताते हैं कि एक्यूट गैस्ट्रोइंट्राइटिस को मूल रूप से पेट का फ्लू कहा जाता है. यह खास तौर पर ज्यादा ऑयली और मसालेदार खाना खाने और प्रदूषित पानी पीने से होती है. लेकिन मौजूदा दौर में जो पेशेंट हा रहे हैं वह बैक्टीरियल गैस्ट्रोइंट्राइटिस से पीडि़त हैं, जो ज्यादातर प्रदूषित पानी के कारण ही होता है. इससे पेशेंट के पेट में दर्द, दस्त, बुखार, पेट में एठन और डिहाईड्रेशन शुरू हो जाता है.

खराब वॉटर सप्लाई ने बढ़ाई मुश्किल

हैलट और उर्सला में गैस्ट्रोइंट्राइटिस के पेशेंट्स ज्यादातर शहर के पुराने मोहल्लों से आ रहे हैं. इसमें चमनगंज, मूलगंज, ग्वालटोली, कर्नलगंज जैसे मोहल्ले शामिल हैं. यहां पर वॉटर सप्लाई की लाइनें काफी पुरानी हैं और संकरी गलियों में तो सीवर लाइन के साथ वॉटर सप्लाई लाइन भी पड़ी हुई हैं. इस वजह से जो पानी घरों में सप्लाई हो रहा है, वह प्रदूषित है.

फॉर योर इंफार्मेशन

-साफ पानी पिएं, हो सके तो ब्वॉयल पानी प्रयोग करें

-भागदौड़ की बजाय घर पर आराम करें

-ग्लूकोज और नींबू पानी पिएं

- ऑयली और मसालेदार खाने से परहेज करें

- एंटीबॉयोटिक दवा का यूज बिना डॉक्टर की सलाह के न करें

Source: Kanpur News

Thursday, March 20, 2014

15 Crossroads To Be Made Encroachment Free

KANPUR : कानपुराइट्स को भीषण ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने की कड़ी में शहर के चौराहों को इनक्रोचमेंट-फ्री बनाने की तैयारी की जा रही है. अतिक्रमण हटाकर इन सभी चौराहों को चौड़ा किया जाएगा, जिससे पब्लिक को आए दिन ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके.

फ‌र्स्ट फेज में

सिटी के बिजी चौराहों को इनक्रोचमेंट-फ्री बनाने के लिए डीएम डॉ. रोशन जैकब ने स्पेशल प्लान बनाया है. प्लान के फ‌र्स्ट फेज में क्भ् चौराहे चिन्हित किये गये हैं. इन चौराहों का आरटीओ से सर्वे कराकर वेहिकल्स का मूवमेंट प्लान बनाया जाएगा. पीडब्लूडी और नगर निगम मिलकर उक्त चौराहों के फुटपाथ एवं खाली स्थान पर एक बाउंड्री फिक्स कर दी जाएगी.

7 दिनों का प्री-नोटिस

जहां-जहां से अतिक्रमण हटाया जाएगा, वहां के लोगों को 7 दिनों का प्री-नोटिस दिया जाएगा. इस टाइम पीरियड के दौरान नहीं हटने वाले लोगों के खिलाफ ही एक्शन लिया जाएगा. अतिक्रमण हटते ही वहां बाउंड्री करवाकर प्रॉपर मार्किग करवा दी जाएगी. डीएम ने बताया कि दोबारा अतिक्रमण न हो सके, इसकी जिम्मेदारी संबंधित थाना क्षेत्र की रहेगी.

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फ‌र्स्ट फेज में चिन्हित चौराहे -

घंटाघर, जरीब चौकी, देवकी पैलेस, किदवई नगर, बाकरगंज, विजय नगर, टाटमिल, शास्त्री नगर, गोल चौराहा, नरौना चौराहा, गुरुदेव चौराहा, बड़ा चौराहा, चावला मार्केट, कम्पनी बाग चौराहा, रामादेवी चौराहा

Administrative Problem In Notice Served To Mp Sriprakash Jaiswal

 कैबिनट मिनिस्टर श्रीप्रकाश जायसवाल को आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस जारी करना प्रशासनिक अफसरों को भारी पड़ गया है. शहर कांग्रेस कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट से परमीशन लेने के बाद ही जनसम्पर्क अभियान चलाया गया. इसके बाद भी प्रशासन ने नोटिस जारी कर दी. कमेटी ने परमीशन की एक कॉपी भी आई नेक्स्ट को उपलब्ध कराई.

एसीएम-फ् से मिली परमीशन

क्फ् मार्च को कैबिनट मिनिस्टर व कानपुर नगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल ने मूलगंज टेम्पो स्टैंड से लाटूश रोड, बासमंडी तिराहा, टुकनिया पुरवा एरिया में जनसम्पर्क किया था. इस संबंध में कार्यक्रम के आयोजक व शहर कांग्रेस कमेटी महेश दीक्षित ने एसीएम-फ् राकेश कुमार से क्ख् मार्च को परमीशन भी ले ली थी. फिर भी क्8 मार्च को एडीएम सिटी अविनाश सिंह के ऑफिस से कैबिनट मिनिस्टर को नोटिस जारी कर दी गई. इस मामले में एसीएम-फ् का कहना है कि उन्हें याद नहीं है, हो सकता है परमीशन जारी की गई हो, ऑफिस में फाइल देखने के बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ बता पाउंगा.

अफसरों की भारी चूक

एमपी श्रीप्रकाश के पीए अरुण द्विवेदी ने इस पूरे प्रकरण पर प्रशासनिक अफसरों के बीच आपसी सामंजस्य की कमी करार दिया है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा न होता तो कैबिनट मिनिस्टर को नोटिस न भेजी जाती. क्योंकि आयोजनकर्ताओं ने आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए पहले ही परमीशन ले ली थी. नोटिस का जवाब ख्फ् मार्च तक प्रशासन को देना था. इसलिए जवाब में परमीशन लेटर की फोटोकॉपी एडीएम सिटी को भेज दी गई है.

One Killed In Accident Another Injured

सचेण्डी के भौंती इलाके में वेडनेसडे को अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार विनोद सविता (20) की मौत हो गई. वह गल्ला मण्डी नौबस्ता निवासी हजारी लाल का बेटा था. दूज पर बहन से टीका लगवाने बाइक से उसके घर भौंती गया था. लौटते समय पुत्तू तिवारी आटा चक्की के पास अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी. वहीं मेडिकल कालेज पुल पर वेडनेसडे को कार की टक्कर से बाइक सवार धीरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया. वह शिवराजपुर निवासी है. कुलवंती हास्पिटल में एडमिट छोटे भाई के लिए खून लेने जा रहा था.

Wednesday, March 19, 2014

Shriprakash Jaiswal And Murli Manohar Joshi Will Fight To Win Kanpur

कानपुर लोकसभा सीट पर इस बार दो दिग्गज नेता आमने-सामने हैं. एक तरफ हैं कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल और दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नेता मुरली मनोहर जोशी हैं.
केंद्रीय मंत्री जायसवाल कानपुर से जीत की हैट्रिक लगा कर चौथी बार चुनाव में उतर रहे हैं, जबकि नरेंद्र मोदी के लिए वाराणसी की सीट खाली करने के बाद मुरली मनोहर जोशी को कानपुर से भाजपा ने टिकट दिया है.

इन दिग्गजों की टक्कर पर कई लोगों को फ़िल्म 'शोले' में गब्बर सिंह का एक संवाद याद आ रहा है, "अब आएगा मजा."

ये वाक्य गब्बर सिंह तब कहता है जब जय और वीरू ने उसके पांच आदमी मार दिए थे.

लोक सभा चुनाव का बिगुल फूँका जा चूका है, प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं.

सीट का त्याग
यह तो काफ़ी पहले से ही क़रीब करीब तय था कि कानपुर से कांग्रेस के टिकट पर श्रीप्रकाश जायसवाल ही मैदान में उतरेंगे. चुनाव विश्लेषक उनकी एक आसान जीत की बात कर भी रहे थे.

लेकिन जब मुरली मनोहर जोशी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को नरेंद्र मोदी के लिए छोड़ कर कानपुर से लड़ने को तैयार हुए तब सारे पुराने समीकरण बदल गए.

पंडित पृथिनाथ कॉलेज के राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर डॉ राजेश गुप्ता कहते हैं, "कानपुर के इतिहास में इतना रोचक चुनाव पहली बार होने जा रहा है. एक तरफ़ कांग्रेस के श्रीप्रकाश जयसवाल हैं जो अपनी पार्टी में बड़ा ओहदा रखते हैं, मंत्री हैं तो उनके सामने भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं के श्रेणी में आने वाले मुरली मनोहर जोशी हैं."

मुरली मनोहर जोशी 2009 में वाराणसी से सांसद थे. यहाँ से 2014 में नरेंद्र मोदी चुनाव लड़ रहे हैं

डॉ गुप्ता कहते हैं, "जोशी न होते तो जायसवाल शायद कानपुर की सीट आसानी से जीत जाते पर अब कानपुर भारत के उन गिने चुने जगहों में शामिल हो गया है जहाँ चुनाव बहुत ही रोचक होंगे.”

वे कहते हैं, "भाजपा ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा कर दी है. मोदी का वाराणसी से लड़ना, जोशी का वाराणसी की सीट छोड़कर कानपुर आना, ये सब कानपुर के चुनाव को और दिलचस्प बना रहें हैं."

वे आगे कहते हैं, "कानपुर की सीट अब दोनों पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है."

कानपुर के वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा कहते हैं, "भाजपा ने मुरली मनोहर जोशी को कानपुर से खड़ा कर यहाँ की सीट को वीआईपी सीट में तब्दील कर दिया है."

1951 में जब पहला लोकसभा चुनाव हुआ था तो हरिहर नाथ शास्त्री कानपुर के पहले सांसद बने.

महेश शर्मा कहते हैं, "1951 से लेकर 2009 तक, कानपुर में कभी ऐसा नहीं हुआ की दो दिग्गज आमने-सामने होंगे. अब तो कील और कांटे की टक्कर होगी."

चुनाव में हार
ऐसा नहीं है कि कानपुर के पूर्व मेयर श्रीप्रकाश जायसवाल लोकसभा चुनाव कभी हारे ही नहीं हैं.

कानपुर में 1998 के चुनाव में भाजपा के जगत वीर सिंह द्रोण जीते और जायसवाल तीसरे नंबर पर आए.

1999 के चुनाव में श्रीप्रकाश जायसवाल ने द्रोण को करीब 35 हज़ार वोटों से पटखनी दी और सांसद बन गए. उन्हें ये जीत तब मिली थी जब अटल बिहारी वाजपेयी की लहर अपने चरम पे थी.

"जोशी और जायसवाल के बीच हार और जीत का अंतर बहुत ही कम होगा. यह दर्शाएगा कि टक्कर कितने कांटे की थी."
-सुनील पाठक, कानपुर के निवासी

1999 से श्रीप्रकाश जायसवाल की जीत का जो दौर शुरू हुआ उसे 2009 तक कोई रोक नहीं पाया.

महेश कहते हैं, "जनता फैसला अप्रैल 30 को करेगी. हार और जीत का अंतर बहुत ही कम होगा."

कानपुर के हर चुनाव, चाहे वह पार्षद स्तर का हो या लोकसभा, सब पर एक पैनी नज़र रखने वाले सुनील पाठक कहते हैं, "परिणाम चाहे जो भी हो, चुनाव में मज़ा आएगा, क्योंकि दो कद्दावर नेता आमने-सामने हैं. पिछले पांच लोक सभा चुनाव में कानपुर में ऐसी टक्कर पहली बार देखने को मिलेगी."

पेशे से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से जुड़ा काम करने वाले सुनील पाठक कहते हैं, "हार और जीत का अंतर बहुत ही कम होगा. यह दर्शाएगा की टक्कर कितने कांटे की थी."

बाहरी प्रत्याशी

आम जनता और चुनाव विश्लेषक तो एक दिलचस्प लड़ाई की उम्मीद कर रहे हैं पर पार्टियां अपनी अपनी जीत का दावा कर रही हैं.

भाजपा कानपुर ज़िला अध्यक्ष सुरेन्द्र मैथानी कहते हैं, "कानपुर में पहली बार किसी भी पार्टी का इतना बड़ा एक नेता चुनाव लड़ रहा है. मुरली मनोहर जोशी भाजपा की नींव रखने वालों में से एक हैं. विद्वान हैं. कानपुर के हित के लिए कानपुर की जनता उन्हें जिताएगी."

श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर के है और जोशी बाहरी. इस सवाल के जवाब में मैथानी कहते हैं, "मुरली मनोहर जोशी ने नरेंद्र मोदी के लिए अपनी वाराणसी सीट का बलिदान किया है."

वहीं उत्तर प्रदेश के कांग्रेस कमिटी के सचिव डॉ शैलेन्द्र दीक्षित भी इस बात को नकार रहे हैं कि टक्कर कांटे की होगी.

वे कहते हैं, "कानपुर के लोगों के सामने दो प्रतिनिधि हैं. एक तरफ़ कानपुर की जनता की 15 साल तक सेवा करने वाले श्रीप्रकाश जायसवाल हैं और दूसरी तरफ मुरली मनोहर जोशी जो हर पांच साल के बाद एक नया चुनावी क्षेत्र चुनते हैं.

वे कहते हैं, "हम तैयार हैं. कानपुर की जनता भी तैयार है. कानपुर की जनता किसी भी सूरत में एक बाहरी प्रत्याशी को न चुनेगी, न स्वीकार करेगी."

Tuesday, March 11, 2014

600 Polling Booths Identified Critical

KANPUR: लोकसभा चुनाव से ऐन पहले पुलिस की एक रिपोर्ट से इलेक्शन ऑफिसर्स के हाथ-पांव फूल गए हैं. इस रिपोर्ट में उन पोलिंग बूथ्स का जिक्र है जहां मतदान के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी हो सकती है. अब इलेक्शन ऑफिसर्स इन क्रिटिकल और वल्नरेबल बूथों की सुरक्षा में जुट गये हैं.

पिछले चुनावों में हुआ था बवाल
डिप्टी इलेक्शन ऑफिसर शत्रुघन सिंह ने बताया कि पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कानपुर में कुल भ्9ब् पोलिंग बूथ्स की लिस्ट मुहैया कराई है. इनमें ब्ब्7 क्रिटिकल और क्ब्7 वल्नरेबल बूथ शामिल हैं. ज्यादातर बूथ घाटमपुर, बिल्हौर और सदर तहसील के रूरल एरिया में हैं. ऑफिसर्स के अनुसार चुनाव नजदीक आने पर इनकी संख्या और भी बढ़ सकती है. पिछली बार लोकसभा-विधानसभा चुनाव में इन पोलिंग सेंटर्स पर बूथ कैप्चरिंग, दंगा-फसाद, बलवा, झगड़ा-मारपीट जैसी वारदातों को अंजाम दिया गया था.

सुरक्षा के तगड़े इंतजाम
क्रिटिकल और वल्नरेबल बूथों में चुनाव के दौरान अनहोनी को टालने के लिए प्रशासन तगड़े सुरक्षा इंतजामों में जुट गया है. मिलिट्री और पैरा मिलिट्री फोर्सेज की स्पेशल टीमें यहां तैनात की जाएंगी. हर एक गतिविधि पर नजर रखने के लिए वेब-कैम तो लगेंगे ही. मतदान वाले रूट पर वीडियो कैमरा टीमें भी तैनात की जाएंगी, जोकि हर आने-जाने वाले मतदाता और शख्स की वीडियो रिकॉर्डिग करेंगी.

7 दिन पहले गुपचुप जांच
मतदान से ठीक 7 दिन पहले सभी क्रिटिकल-वल्नरेबल बूथ्स के आसपास के एरिया की गुपचुप जांच भी करवाई जाएगी. यह जांच सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट करेंगे. मजिस्ट्रेट इस बात की पड़ताल करेंगे कि वोटर को पैसा, शराब, अनाज का लालच देकर प्रभावित करने की कोशिश तो नहीं की जा रही है. वापस लौटकर मजिस्ट्रेट पूरा फीडबैक एक फॉर्म में भरकर इलेक्शन कमीशन को भेजेंगे. गड़बड़ी की आशंका पर इलेक्शन कमीशन फर्दर गाइडलाइंस जारी करेगा.

क्रिटिकल बूथ
ऐसे बूथ जहां किसी प्रत्याशी के फेवर में 7भ्-9भ् परसेंट तक मतदान हुआ हो. बूथ कैप्चरिंग, मारपीट-बवाल, मर्डर, दंगा जैसी घटनाएं हुई हों. उन्हें क्रिटिकल बूथों की कैटेगरी में रखा जाता है.

वल्नरेबल बूथ
ऐसे बूथ जिन तक पहुंचने के लिए एक ही रास्ता होता है और मतदान वाले दिन किसी पार्टी या नेता के दबंग समर्थक वोटर्स को बीच रास्ते में रोक लें. फिर उनकी जगह फर्जी मतदान करवा दिया जाए. उन्हें वल्नरेबल बूथों की कैटेगरी में रखा जाता है.

'क्रिटिकल और वल्नरेबल बूथ्स की लिस्ट जिला प्रशासन को मिल चुकी है. इन बूथों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये जाएंगे. साथ ही वेब-कैम के अलावा वीडियो मॉनिटरिंग सेल भी तैनात की जाएगी, जिससे किसी भी घटना को अवॉइड किया जा सके. '
- शत्रुघन सिंह, डिप्टी इलेक्शन ऑफिसर

Monday, March 10, 2014

KESco Cheating Their Conjumers

KANPUR: खाता ना बही केस्को जो कहे वही सही. इस समय केस्को कानपुराइट्स के साथ इसी लहजे में बर्ताव कर रहा है. कंज्यूमर्स को लूटने के लिए उसने अभियान छेड़ रखा है. बिना किसी एक्ट, आदेश और कानून के वो तरह-तरह के चार्ज थोप रहा है. अभी केस्को इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन काटे बगैर ही डिसकनेक्शन चार्ज वसूल रहा था लेकिन अब तो मनमानी की हद ही कर दी है. इलेकिट्रसिटी एक्ट या रेगुलेटरी कमीशन यूपीपीसीएल के आदेश के बिना ही एवरेज बिलिंग की यूनिट्स में फिफ्टी परसेंट का इजाफा कर दिया है. इससे इलेक्ट्रिसिटी में बिल में हुई जबरदस्त बढ़ोत्तरी से लोगों में नाराजगी है.

ये केस्को का कानून है.?

केस्को मार्च में जो इलेक्ट्रिसिटी बिल जारी कर रहा है, उसमें खराब मीटर(आईडीएफ,एडीएफ) के लिए एवरेज बिलिंग 80 से बढ़ाकर क्ख्0 यूनिट पर किलोवॉट पर मंथ कर दी है. यानि जितने अधिक किलोवॉट का आपका कनेक्शन है, उतना ही अधिक अब बिजली का बिल भरना पड़ेगा. इसकी जद में कम से कम 7भ् हजार कनेक्शन(घर) आ रहे हैं. जिन्हें केस्को की मनमानी की वजह से क्7भ् से लेकर 700 रूपए भरने पड़ रहे है. जबकि ऐसा नियम स्टेट में और कहीं नहीं है. लखनऊ, इलाहाबाद सहित अन्य सिटीज में खराब मीटर (आईडीएफ, एडीएफ) होने पर 80 यूनिट पर किलोवॉट पर मंथ ही एवरेज बिलिंग की जा रही है. दरअसल यूपी रेगुलेटरी कमीशन ने ख्00म् में खराब मीटर (आईडीएफ, एडीएफ) होने पर 80 यूनिट पर किलोवॉट पर मंथ के हिसाब से बिलिंग किए जाने का आदेश दिया था. वह आज भी लागू है, रेगुलेटरी कमीशन ने बदला नहीं है.

खता केस्को की, सजा पब्लिक को

खराब मीटर बदलने की जिम्मेदारी पॉवर सप्लाई करने वाली कम्पनी की है. पॉवर सप्लाई कोड (इलेक्ट्रिसिटी एक्ट का सिम्पलीफिकेशन) के मुताबिक फ् महीने में केस्को को खराब मीटर बदल देना चाहिए. लेकिन सिटी में लोगों के क्-क् साल से पैसा जमा किए जाने के बावजूद भी खराब मीटर नहीं बदले जा रहे हैं. लोग केस्को के एक ऑफिस से दूसरे अािॅफस तक की दौड़ लगाया करते हैं. ख्क् फरवरी से 7 मार्च के बीच भ्00 से अधिक लोग केस्को मुख्यालय में बने कन्ज्यूमर सर्विस सेंटर में शिकायत दर्ज करा चुके हैं. इनमें वीके गुप्ता, आरपी शुक्ला, उमेश मिश्रा, अभिलाष त्रिपाठी, सूरज बाजपेई सहित अधिकतर की शिकायत है कि मीटर बदलने के लिए म् महीने से अधिक समय हो चुका है. मीटर तो बदले नहीं गए. अलबत्ता बिल में जबरदस्त बढ़ोत्तरी कर दी गई है. इसको लेकर लोगों में नाराजगी है.

बैठे-बैठे मतलब निकाल लिया

केस्को एमडी एसएन बाजपेई का कहना है कि फ्0 करोड़ अधिक की बिजली लेने पर पिछले महीने केवल क् करोड़ अधिक के बिल जेनरेट हुए थे. इसका मतलब है कि जिनके मीटर खराब हैं वे अधिक बिजली यूज कर रहे हैं. लेकिन वे शायद ये भूल गए सिटी में जबरदस्त बिजली चोरी भी हो रही है. ओवरलोडिंग की वजह से जनवरी में होलिका की तरह ट्रांसफॉर्मर्स (क्80 ट्रांसफॉर्मर) जले हैं. वह भी सिर्फ गिने-चुने बिजलीघर, जरीबचौकी, किदवई नगर व देहली सुजानपुर डिवीजन में क्यों सबसे अधिक ट्रांसफॉर्मर जले. एक महीने में एक-एक ट्रांसफॉर्मर 8 बार क्यों जला? अगर वे इसकी पड़ताल करते तो केस्को को ये मनमानी ना करनी पड़ती है. बावजूद इसके वे केस्को को हुए नुकसान के लिए केवल खराब मीटर(एडीएफ, आईडीएफ) को जिम्मेदार मानते हैं तो तेजी से मीटर क्यों नहीं बदल पाए जा रहे हैं. क्यों पैसा जमा कराने के बावजूद लोगों को केस्को मुख्यालय तक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं.? केस्को ऑफिसर्स को ये भी सोचना पडे़गा कि एवरेज बिलिंग यूनिट बढ़ाने के बाद भी बिलिंग में भ् करोड़ का ही इजाफा होगा? फिर शेष बचे ख्ब् करोड़ रूपए की बिजली कहां गई? इन सवालों के जवाब खोजने के लिए दिमाग पर जोर डालते, तो हकीकत खुद ब खुद सामने आ जाती.

केडीए से ही सीख ले लेते

जनवरी में हाईकोर्ट ने केडीए व अन्य डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा मैप पास करने के दौरान वसूले जाने वाले डेवलपमेंट चार्ज, सेस, सबडिवीजनल चार्ज को अवैध ठहरा दिया. ऐसा इसलिए किया गया कि इन चार्ज को वसूलने का ना तो एक्ट में कोई प्राविधान था और ना ही कोई अन्य रूल बना था. शासनादेश के बेस पर लोगों से ये सभी चार्ज वसूले जा रहे थे. हाईकोर्ट के इस डिसीजन के बाद भी शायद केस्को ने सबक नहीं लिया. अगर लिया होता तो ऑफिसर मनमानी ना करते.

Court Will Decide About Medical Students

KANPUR: मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट्स पर पुलिस और विधायक की ओर से दर्ज किए गए तीन मुकदमे वापस नहीं होंगे. न्यायिक जांच की रिपोर्ट हाईकोर्ट में सबमिट होने के बाद अब कोर्ट ही तय करेगा कि स्टूडेंट्स पर लिए गए मुकदमे वापस लिए जाएं या नहीं. सैटरडे को मेडिकल कॉलेज पहुंचे मंत्री शिवकुमार बेरिया और स्थिति का जायजा लेते हुए इस मामले में ये बात कही.

ख्ब् स्टूडेंट्स की हुई थी गिरफ्तारी

स्टूडेंट्स पर पुलिस की ओर से दो और विधायक इरफान की तरफ से एक मुकदमा दर्ज कराया गया था. जिसमें ख्ब् मेडिकल स्टूडेंट्स की गिरफ्तारी हुई थी. आंदोलन के बाद स्टूडेंट्स को बेल तो मिल गई लेकिन उनकी मांग के अनुरूप उन पर लगे मुकदमे स्पंज नहीं हुए. इस बारे में आईएमए की ओर से काफी आश्वासन भी दिया गया. सैटरडे को मंत्री शिवकुमार बेरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचे और स्थिति साफ की. कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. अम्बरीश गुप्ता ने बताया कि मंत्री ने न्यायिक जांच की वजह से मुकदमे स्पंज करने को लेकर शासन की असमर्थता जताई है.

सीएम रिलीफ फंड से मिलेगा मुआवजा

हॉस्टल में पुलिसिया कार्रवाई की वजह से हुए स्टूडेंट्स के नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया है मंत्री शिव कुमार बेरिया ने स्टूडेंट्स के नुकसान हुए सामान की लिस्ट मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांगी है. पुलिस कार्रवाई के दौरान हॉस्टलों में पुलिस ने जमकर उत्पात और तोड़फोड़ की थी, जिसमें दर्जनों बच्चों के लैपटॉप, बाइक्स, कारें यहां तक की किताबें भी फाड़ दी गई थी. इस लिहाज से अगर स्टूडेंट्स ने मुआवजा मांगा तो शासन को तगड़ा झटका लग सकता है.

नुकसान की कराई वीडियोग्राफी

पुलिसिया कार्रवाई के दौरान मेडिकल कॉलेज में हुई तोड़फोड़ और नुकसान की सैटरडे को वीडियोग्राफी कराई गई. प्रिंसिपल की ओर से इसके लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है. इस टीम ने हॉस्टलों में जाकर स्टूडेंट्स से बातचीत करने के साथ ही मौके की वीडियोग्राफी भी की.

सामान्य हुई मेडिकल सेवाएं

सैटरडे को मेडिकल कॉलेज की सभी सेवाएं सामान्य हो गई. इमरजेंसी सहित सभी विभागों में सीनियर और जूनियर डॉक्टर्स ने काम किया, वहीं ओपीडी और इनडोर में भर्ती होने वाले पेशेंट्स की संख्या में भी इजाफा हुआ.

जारी रहेगा स्टूडेंट्स का विरोध

मेडिकल स्टूडेंट्स पर लगे मुकदमे वापस होने तक उनका विरोध जारी रहेगा. सैटरडे को भी मेडिकल स्टूडेंट्स ने कॉलेज कैम्पस कैंडल मार्च निकाल कर अपना विरोध जाहिर किया. इस मूवमेंट के मीडिया प्रभारी डॉ. राहुल ने बताया कि जब तक हमारे साथियों के ऊपर से मुकदमे वापस नहीं होगें तब तक सभी डॉक्टर्स काली पट्टी बांध कर काम करेंगे.

सर्कुलेट हो रहे फर्जी वीडियो

मेडिकल स्टूडेंट्स पर पुलिस कार्रवाई और विधायक के समर्थकों की मारपीट से संबंधित कई वीडियो मूवमेंट के दौरान अपलोड हुए थे लेकिन उसी के साथ कई और फर्जी वीडियो कई दिनों से सोशल मीडिया में सर्कुलेट हो रहे हैं. इन वीडियोज में कथित रूप से विधायक समर्थकों द्वारा एक लड़के को उल्टा लटका कर लाठियां मारते हुए दिखाया गया है. डॉक्टर्स कम्यूनिटी में इस तरह के वीडियो व्हाट्सएप और एफबी पर सर्कुलेट हो रहें हैं.

आईएमए ने बनाई रणनीति

आईएमए हॉल में हुई मीटिंग के दौरान आईएमए मेंबर्स ने आंदोलन के कानूनी पहलुओं को लेकर रणनीति तैयार की. आईएमए एक्शन कमेटी के चेयरमैन डॉ. देवेंद्र लाल चंदानी ने कहा कि मेडिकल फेटरनिटी से जुड़े लोगों के साथ आगे इस तरह की घटना न हो, इसके लिए स्टेट गवर्नमेंट से पेंडिंग पड़ा डॉक्टर्स एंड प्रेक्टिशनर्स स्टेबलिशमेंट एक्ट पास कराने की मुहिम को तेज किया जाएगा.