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Thursday, May 26, 2016

न देखा न समझा किसान की जमीन पर खोद दिया तालाब

सूखे से जूझ रहे जिले में एक प्रधान ने पुरानी रंजिश के चलते लेखपाल से मिलीभगत कर एक किसान की जमीन पर ही तालाब की खुदाई करा दी। इस जमीन को ग्राम समाज की भूमि बताई। मामला डीएम के पास पहुंचा तो उन्होंने एसडीएम बिल्हौर को जांच का आदेश दिया। तालाब की खुदाई बंद करा दी गई है।

बिल्हौर तहसील के ग्राम सकरावां में विमलेश तिवारी की काफी जमीन है। इस गांव की प्रधान शांति देवी के परिवार से उनकी पुरानी रंजिश चल रही है।

पिता की हत्या भी हो चुकी

बकौल विमलेश 20 साल पहले उनके पिता जगत नारायण तिवारी की हत्या भी इस रंजिश में हो चुकी है। इसी रंजिश के चलते प्रधान ने लेखपाल के साथ मिल कर उनकी भूमि को ग्राम समाज की भूमि बताते हुए तालाब की खुदाई शुरू करा दी।

डीएम के पास फिरयाद लेकर

बुधवार को विमलेश कई ग्रामीणों के संग डीएम के पास फरियाद लेकर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने एसडीएम बिल्हौर आलोक कुमार को जांच सौंप दी। प्रारम्भिक जांच में मामला सही पाए जाने पर तालाब की खुदाई का कार्य रोक दिया गया है। Read more http://inextlive.jagran.com

Friday, May 13, 2016

एनएसआई बुझाएगा 5 लाख लोगों की प्यास

यूपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक में पानी का जबरदस्त संकट चल रहा है। इसके बाद भी इन प्रदेशों में लाखों लीटर पानी शुगर इंडस्ट्री में बर्बाद हो जाता है। इस पानी को बचाने के लिए नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रोकोएगुलेशन विद एग्जारप्शन एंड आयन एक्सचेंज प्रॉसेस टेक्नोलॉजी डेवलप की है। इस टेक्नोलॉजी के इ्रस्तेमाल से हर साल सिर्फ यूपी में 49 लाख टन पानी की बचत होगी। जिससे करीब 5 लाख लोगों की प्यास बुझ सकेगी। साथ ही ग्राउंट वॉटर के लेवल में भी सुधार आएगा।

एक टन में 200 से 400 लीटर

नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रो। नरेन्द्र मोहन ने बताया कि सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड ने शुगर मिल में वाटर मैनेजमेंट पर गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसके मुताबिक, एक टन गन्ने की पिराई में 200 लीटर से ज्यादा पानी का यूज नहीं होगा। नई टेक्नोलॉजी से पेराई में शुगर केन का ही पानी प्यूरीफाई करके इस्तेमाल किया जाएगा।

यूपी में सालाना 700 टन पेराई

यूपी की करीब 116 चीनी मिलों में हर 700 लाख टन गन्ने की पिराई होती है। आम तौर पर चीनी मिलों में एक टन गन्ने की पिराई में 200 से 400 लीटर पानी का प्रयोग किया जाता है। नई टेक्नोलॉजी से एक टन पर 70 से 150 लीटर पानी की बचत होगी। जितना गन्ना पेरेंगे उसका 20 परसेंट से ज्यादा डिस्चार्ज नहीं करेंगे। टेक्नोलॉजी की मदद से पूरे साल में 49 लाख टन पानी की बचत होगी। इस प्रॉसेस से महाराष्ट्र में 6 लाख और कर्नाटक में 3 लाख लोगों के लिए साल भर का पानी गन्ना मिलों से बचाया जा सकता है।

दो मिलों में ट्रायल रहा सफल

वाटर वेस्ट मैनेजमेंट व टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट की डॉ। सीमा परोहा ने डेवलप की है। इस टेक्नोलॉजी का यूज दो शुगर मिलों में किया गया है। डालमिया शुगर मिल रामगढ़ सीतापुर, डीएससीएल हरियांव हरदोई में इस टेक्नोलॉजी का ट्रायल सक्सेसफुल रहा है। इलेक्ट्रोकोएगुलेशन विद एडजारप्शन एवं आयन एक्सचेंज प्रासेस टेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी का यूज करने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे।

वेस्टेज की होगी री- साइकिलिंग

गन्ने में 70 परसेंट पानी होता है। 12 से 15 परसेंट फाइबर होता और 15 परसेंट शुगर होती है। करीब 2 से 3 परसेंट अन्य उत्पाद होते हैं। चीनी मिलें को मशीन ठंडा करने के लिए फ्रेश वाटर का यूज करती हैं। अब उन्हें सबसे वाटर मैनेजमेंट करना होगा। इसके बाद वाटर री- साइकिलिंग फिर प्यूरीफिकेशन और कूलिंग टावर का अरेजमेंट करना होगा। वेस्ट पानी को रीसाइकिल करके फिर से प्रयोग करना होगा। गन्ने के पानी का ज्यादा यूज करना होगा। इससे पॉल्यूशन भी कम होगा।   Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Monday, April 18, 2016

चालू होंगे बन्द पड़े नमक फैक्ट्री व किदवई नगर के ब्लाक सबस्टेशन

फरवरी में बन्द किए गए किदवई नगर के ब्लाक पार्क और नमक फैक्ट्री चौराहा ग्रीन बेल्ट केस्को सबस्टेशन एकबार फिर चालू होंगे। लोगों की इन सबस्टेशन से पॉवर सप्लाई मिलेगी और ओवरलोडिंग के पॉवर कट से नहीं जूझना पड़ेगा। केस्को अफसरों के मुताबिक मंडे को हाईकोर्ट ने इन सबस्टेशनों को एनरजाइज करने की परमीशन दे दी है। हाईकोर्ट के इस ऑर्डर की कॉपी मिलते ही इन्हें चालू कर दिया जाएगा।

अफसरों ने ले लिया था ध्वस्त करने का डिसीजन

गौरतलब है कि पार्क और ग्रीन बेल्ट में बने केस्को के इन सबस्टेशनों को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने अल्टरनेट लोकेशन तलाशने को कहा था। पर केस्को ने गुजैनी के एक पार्क में सबस्टेशन बनाने का काम रोक दिया, पर किदवई नगर के ब्लाक स्थित शिवधाम पार्क व नमक फैक्ट्री चौराहा ग्रीन बेल्ट में सबस्टेशन बनाकर चालू कर दिया.हजारों घरों में पॉवर सप्लाई भी इन सबस्टेशनों से की जाने लगी। इसको अवमानना याचिका दायर की.इससे अफसरों में अफरातफरी मच गई। डीएम, नगर आयुक्त, केडीए वीसी और केस्को एमडी ने मीटिंग करके सबस्टेशनों को हटाने तक डिसीजन कर लिया था। गुजैनी पार्क में बने स्ट्रक्चर को हटाने के साथ ही किदवई नगर के ब्लाक और नमक फैक्ट्री चौराहा सबस्टेशन को बन्द कर दिया था और घर, दुकानों को पुराने सबस्टेशनों से जोड़कर सप्लाई की जाने लगी थी। केस्को अफसर आरडी पांडेय के मुताबिक केस्को के पक्ष रखने पर हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सबस्टेशनों के बराबर जमीन पर ग्रीन बेल्ट डेवलप कर फोटोग्राफ के क्8 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में उपस्थित रहने को कहा था। मंडे को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बन्द पड़े किदवई नगर के ब्लाक और नमक फैक्ट्री सबस्टेशन को एनरजाइज करने की परमीशन दे दी है। आॉर्डर कॉपी मिलते ही इन्हें दोनों सबस्टेशन एनरजाइज कर चालू कर दिए जाएंगे। केस्को एमडी को अगली सुनवाई में हाईकोर्ट में उपस्थित रहने से छूट दे दी है।  Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Wednesday, April 13, 2016

हर दिन 4 लाख लीटर दूध का होगा उत्पादन

पराग डेरी निराला नगर में 151 करोड़ की लागत से बनने वाले ऑटोमैटिक मिल्क प्रोडक्शन प्लांट का भूमि पूजन प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री शाहिद मंजूर ने किया। यह ऑटोमैटिक मिल्क प्रोडक्शन प्लांट अगले वर्ष अप्रैल माह में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्लान्ट की न्यूनतम उत्पादन क्षमता 4 लाख लीटर प्रतिदिन होगी। इसके साथ ही यहां पर मिल्क पाउडर उत्पादन यूनिट की स्थापना भी की जायेगी।

दुग्ध संघ को संजीवनी

भूमि पूजन के मौके पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जगदेव सिंह ने कहा कि प्रदेश की समाजवादी सरकार किसानों व दुग्ध उत्पादकों के हित को ध्यान में रखते हुए एक नया कदम बढ़ाया हैं। इससे दुग्ध वितरण में निजी कम्पनियों के हाबी होने से दुग्ध संघ की बिगड़ती हालत को एक नई संजीवनी मिलेगी।

पहली बार इतनी बड़ी परियोजना

श्रम व सेवायोजन मंत्री शाहिद मंजूर ने कहा कि पराग डेरी कानपुर की उत्पादन क्षमता 1.50 लाख लीटर है, लेकिन वर्तमान उत्पादन मात्र 4 हजार लीटर ही हो पा रहा है। ऐसे में दुग्ध संघ से जुड़े किसानों सदस्यों व कम्पनियों के सामने जीविकोपार्जन का संकट होना स्वाभाविक है। इस प्लान्ट के शुरू होने के बाद यह संकट खत्म हो जाएगा। आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी दुग्ध उत्पादन परियोजना क्रियान्वित होने जा रही है। जिससे कानपुर दुग्ध महासंघ द्वारा 40 हजार दुग्ध उत्पादक किसानो को सीधा लाभ मिलेगा

दुग्ध संघों का विलय कर बनेगा महासंघ

प्लांट स्थापना का जिम्मा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट्स बोर्ड की सब्सिडरी संस्था आईडीएमसी को सौपी गई है। आगामी अप्रैल 2017 तक प्लांट के संचालन प्रारम्भ होने का लक्ष्य रखा गया है समारोह के दौरान डीएम कौशलराज शर्मा ने बताया कि कानपुर दुग्ध संघ में कन्नौज, फर्रूखाबाद व इटावा के दुग्ध संघों का विलय कर इसे एक महासंघ के रूप में स्थापित कर दिया गया है। समारोह में पूर्व सभापति विधान परिषद सुखराम सिंह यादव, विधायक सतीश निगम, जगराम सिंह। महेन्द्र सिंह यादव, सुरेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।  Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Tuesday, March 22, 2016

मनमाफिक गाड़ी खड़ी न करने पर सूजा भोंका

कार्डियोलॉजी में खड़ी गाड़ी पर सूजा भोंक कर पंचर करने के मामले में अस्पताल परिसर में बवाल हो गया। व्यापारी नेता की गाड़ी में सूजा भोंका गया था। वहीं स्टैण्ड संचालक ने व्यापारी नेता से अभद्रता भी की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर बवाल बढ़ गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया.

देख लेने की धमकी दी

किदवई नगर निवासी व्यापारी नेता कमल उत्तम अपने किसी रिश्तेदार को देखने के लिए सोमवार शाम कार्डियोलाजी अस्पताल गए थे। गाड़ी पार्किंग में खड़ी की थी। गाड़ी खड़ा करते समय स्टैण्ड वाले ने गाड़ी दूसरी जगह खड़ी करने को कही लेकिन उन्हें जल्दी जाना था इसलिए उन्होंने गाड़ी बाहर की तरफ ही लगाई थी। थोड़ी देर बाद जब वापस आए तो देखा कि गाड़ी में सूजा से पंचर किया गया था। वहीं पास में खड़ी एक अन्य गाड़ी में पंचर था। जब उन्होंने स्टैण्ड संचालक से इसकी शिकायत की तो स्टैण्ड संचालक उनसे अभद्रता करने लगा। स्टैण्ड संचालक ने उन्हें देख लेने की धमकी दी. Read more http://inextlive.jagran.com/kanpur/

Thursday, March 17, 2016

बसें न निकलने से चालकों ने रोका काम


सिटी बसों के संचालन में सुधार होने के बजाए व्यवस्था और खराब होती जा रही है। आधे से ज्यादा बसें अभी भी खराब पड़ी हुई हैं। जो चलने लायक हैं वो भी ईटीएम न होने से डिपो से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। इससे नाराज होकर सिटी बस चालकों ने बुधवार को काम बंद कर दिया। करीब दो घंटे तक काम बंद रहा। 

तो मैन्युअली देंगे टिकट

सुबह 5 बजे ही चालकों ने बसें डिपो से निकालने से मना कर दिया। चालक- परिचालकों का आरोप है कि जब 130 बसें चलने के लिए तैयार खड़ी हैं तो फिर 60 बसें ही क्यों निकाली जा रही हैं। अगर ईटीएम मशीन नहीं है तो मैन्युअली टिकट बनाए जाएंगे। ईटीएम न होने के चलते बसें न निकालने से विभाग को भी हानि हो रही है और हमारा भी काम प्रभावित रहा है। सिटी बसों का काम बंद होने पर सुबह 9 बजे एआरएम डीके श्रीवास्तव, एआरएम वाई चढ्डा व कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। उनके समझाने के बाद मामला शांत हुआ और बसें रोड पर निकलीं। 

खाकी भी करती है परेशान 

चालक- परिचालकों ने आरोप लगाया कि रास्ते में कई मुफ्तखोर पुलिस कर्मी भी मिलते हैं। जो पैसे नहीं देते हैं और मुफ्त में सफर करते हैं। एआरएम डीके श्रीवास्तव ने बताया कि एसएसपी से इसकी शिकायत की जाएगी और ऐसे पुलिस कर्मियों की पहचान भी की जाएगी।  Read more Kanpur News http://inextlive.jagran.com/kanpur/