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Thursday, July 7, 2016

बिजली गुल, परेशान रहे मरीज

रिम्स कैंपस में बुधवार को अचानक क्क् हजार वोल्ट का बिजली तार गिर गया। इससे हॉस्पिटल की बिजली गुल हो गई। बिजली की कमी के कारण थोड़ी देर के लिए वेंटीलेटर और गैस प्लांट भी ठप हो गया। इससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। दोपहर में मेन लाइन की मरम्मत के बाद हास्पिटल में पावर की सप्लाई शुरू कर दी गई। हालांकि, जेनरेटर से हॉस्पिटल में बिजली की सप्लाई जारी रही।

नहीं काम कर रही थी मशीनें

बिजली की कमी के कारण सबसे अधिक परेशानी न्यूरो और कार्डियक वार्ड में भर्ती मरीजों को झेलनी पड़ी। दोनों ही वार्डो में काफी संख्या में गंभीर मरीज भर्ती थे। ऐसे में मशीन नहीं चलने के कारण काफी दिक्कत हुई। हॉस्पिटल में बिजली नहीं रहने से कुछ ऑपरेशन भी टाल दिए गए.

तकनीकी खराबी के कारण हॉस्पिटल में बिजली की समस्या हुई थी। इस वजह से कुछ ऑपरेशन टालने पड़े हैं। बाद में इसे दुरुस्त कर लिया गया। 

Source: Inext Live Jagran

Monday, June 27, 2016

बांधे हाथ व आंख पर पट्टी, कहा-भागो, फिर काट डाला

रविवार की रात तालिबानी अंदाज में अज्ञात लोगों ने तीन युवकों की टांगी से काट- काट कर हत्या कर दी। रोंगटे खड़े कर देने वाले इस ट्रिपल मर्डर में सबसे पहले युवकों के हाथ पीछे कर कपड़े से बांधे गए। फिर आंखों पर पट्टी बांधी। इसके बाद दौड़ा- दौड़ा कर एक- एक कर सबको काट डाला। इस नृशंस हत्याकांड को राजधानी से महज ख्0 किलोमीटर दूर नामकुम थाना क्षेत्र की हहाप पंचायत के बुंडूबेड़ा के ककड़ी जंगल में अंजाम दिया गया। तीनों मृतक डुडुरदाग गांव के रहने वाले थे, जिनमें से दो सगे भाई थे। इनके नाम सिंगराय हजाम, विष्णु हजाम तथा शंकी चरण हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है.

क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक, तीनों युवक बंगाल की एक टॉवर कंपनी में मजदूरी का काम करते थे। टॉवर कंपनी का तार हहाप बुंडूबेड़ा गांव में स्थित सरना स्थल के बीच से जा रहा था। इसका विरोध ग्रामीणों द्वारा पहले किया जा चुका था। उस दौरान इन तीनों युवकों व ग्रामीणों के बीच बकझक भी हुई थी। इसके बाद तीनों युवक बुंडूबेड़ा गांव से लौट गए थे। लेकिन, रविवार को तीनों युवक फिर एक सीबीजेड बाइक जेएच- 0क्बीई- ख्877 पर सवार होकर गांव गए हुए थे। बताया जाता है कि तीनों को गांव में दोबारा देखकर ग्रामीण एकजुट होने लगे। ग्रामीणों ने तीनों को बंधक बना लिया और कपड़े से हाथ को पीछे बांध दिया। आंखों पर पट्टी बांधी। इसके बाद उनलोगों को ककड़ी जंगल ले जाया गया, जहां उनलोगों को भागने के लिए कहा। भागने के क्रम में ग्रामीणों ने एक- एक कर तीनों की गर्दन कुल्हाड़ी से काट डाली। एक युवक वहां से भागने की कोशिश कर रहा था। ग्रामीणों ने उस पर भी टांगी से वार किया। टांगी से वार होने के बाद वह एक झाड़ी में गिर पड़ा। इसके बाद टांगी से काट कर उसकी भी हत्या कर दी गई।

पुलिस ने टांगी को किया बरामद

घटना की जानकारी मिलते ही नामकुम थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त टांगी को बरामद कर लिया है। पुलिस को घटनास्थल से कुछ और क्लू हाथ लगे हैं। उस आधार पर छानबीन की जा रही है.

शाम से ही लापता थे तीनों

परिजनों के अनुसार, तीनों युवक रविवार की शाम से ही लापता थे। इस संबंध में उनकी काफी खोजबीन की गई। लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला.

क्वोट

तीनों की हत्या किन वजहों से हुई है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। युवकों की पहचान हो गई है। आशंका है कि तीनों की हत्या आपसी दुश्मनी से हुई है। हालांकि जल्द ही हत्यारे का पता चल जाएगा। 

Wednesday, June 15, 2016

ब्याज की भेंट चढ़ गई रांची यूनिवर्सिटी की 1.33 करोड़ की एफडी

रांची यूनिवर्सिटी ने बैंक का कर्ज उतारने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट के 1.33 करोड़ रुपए खपा दिए, फिर भी तीन करोड़ रुपए की देनदारी बची हुई है। इतना ही नहीं, इलाहाबाद बैंक ने यूनिवर्सिटी के पचास से ज्यादा फिक्स्ड डिपॉजिट के खाते को भी सीज कर लिया है। अब यूनिवर्सिटी कि वित्तीय स्थिति यह है उसके फिक्स्ड डिपॉजिट में रकम बची ही नहीं है। इधर, लोन मामले में इलाहाबाद बैंक से संबंध बिगड़ने के बाद यूनिवर्सिटी के सभी बैंकिंग कामकाज ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स सं संचालित हो रहे हैं.

सैलरी के लिए ली थी लोन

यह मामला 1990- 92 का है। रांची यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन नहीं मिल पा रहा था। वेतन की मांग को लेकर तमाम कर्मचारी अनशन पर बैठ गए थे। ऐसे में तत्कालीन वाइस चांसलर डॉ अमर कुमार सिंह ने इलाहाबाद बैंक से 1.25 करोड़ रुपए लोन के तौर पर लिए थे, ताकि कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हो सके। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 15 दिनों के अंदर बैंक को लोन में लिए रुपए वापस करने का आश्वासन दिया था, पर किन्हीं वजहों से यह टलता गया.ं बैंक ने भी लोन को फिक्स्ड डिपॉजिट से एडजस्ट नहीं किया। इस तरह 1.25 करोड़ के लोन पर 18 परसेंट वार्षिक ब्याज हर साल लगता गया, जिससे लोन की राशि तेजी से बढ़ती चली गई.

एफडी का होता रहा रिन्युअल

एक तरफ लोन की राशि बढ़ती रही, दूसरी तरह बैंक में यूनिवर्सिटी की फिक्स्ड डिपॉजिट का भी रिन्युअल होता रहा। बैंक ने ऑडिट का हवाला देकर दो बार एफडी खाते का रिन्युअल किया। इस बीच प्रो एए खां जब वाइस चांसलर बने तो यूनिवर्सिटी और बैंक के बीच लोन की राशि को लेकर सहमति बनी। इसके तहत बैंक ने 10 हजार रुपए में लोन मामले को खत्म करने का प्रस्ताव यूनिवर्सिटी को दिया। लेकिन, यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने फिर लापरवाही बरती। बैंक को दस हजार रुपए नहीं दिए गए, जिस कारण मामला सुलझ नहीं सका।  Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Wednesday, June 8, 2016

रौशन होंगे झारखंड के सभी सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूल

राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। दो सालों में चरणबद्ध तरीके से स्कूलों में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में इस योजना के लिए 401.74 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एनएन पांडेय ने बताया कि जो स्कूल पावर ग्रिड से कनेक्ट होंगे, वहां ग्रिड से बिजली कनेक्शन दिया जाएगा, जबकि बाकी स्कूलों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा। कैबिनेट की इस अहम बैठक में 15 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिसमें छह प्रस्ताव सड़क निर्माण से जुड़े हैं.

पहले चरण के लिए दौ सौ करोड़

राज्य सरकार ने पहले चरण में 14,469 मिडिल स्कूल, 51 कस्तूरबा गाँधी आवासीय स्कूल, और 6000 प्राथमिक विद्यालयों में बिजली कनेक्शन देने का फैसला किया है। 2016- 17 फाइनेंसियल ईयर में यहां यह सुविधा दी जाएगी, जबकि 2017- 18 में 19,654 प्राइमरी स्कूल को रौशन किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में दो सौ करोड़ रुपए रिलीज किए जाएंगे। कैबिनेट ने केन्द्र प्रायोजित योजना के तहत 89 मॉडल स्कूल को स्टेट प्लान के तहत ट्रांसफर कर सरकार द्वारा संचालित किए जाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी.

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना शुरु

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना शुरु करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है। इसके तहत ं चिन्हित परिवार के सदस्यों को निशुल्क स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। इस योजना के लिए राशि को 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए करने का भी फैसला लिया गया है। असाध्य रोगों के इलाज के लिए सरकार की ओर से दो लाख रुपए दिए जाएंगे। इस योजना में 72 हजार रुपए तक की वार्षिक आय वालों को शामिल किया गया है।  Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Tuesday, June 7, 2016

सुनवाई में पति के नहीं आने पर महिला ने किया हंगामा

सिविल कोर्ट स्थित कुटुंब न्यायालय में पति- पत्‍‌नी के बीच विवाद संबंधी मामले की सुनवाई में पति के न्यायालय नहीं पहुंचने पर पत्‍‌नी उग्र हो गई। उसने आपा खो दिया और न्यायालय परिसर में ही उपस्थित जेठ से उलझ गई और उन्हें लप्पड़- थपड़ कर दिया। दिन के 11:30 बजे महिला की हंगामे के बाद मध्यस्थता केंद्र के समीप स्थित पोर्टिको में अधिवक्ता व आम लोगों की भीड़ जुट गई। हंगामा करीब एक घंटे तक चला। कुछ देर बाद कोर्ट परिसर में तैनात पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। 

महिला को काफी समझाने पर मामला शांत हुआ।
महिला ने बताया कि पति की हरक्कत से वह तंग आ चुकी है। श्यामली कॉलोनी मेकॉन की महिला ने बताया कि उसकी शादी 28 नवंबर 2010 को डोरंडा के गौरीशंकर नगर गणपति निवास स्थित प्रवीण पाल के साथ हुई थी। ढाई साल का एक बच्चा भी है। मामूली बातों को लेकर पति उसकी पिटाई करने लगा और मायके भगा दिया। 

इसमें उसका बड़ा भाई (महिला की जेठ) संजय पाल भी सहयोग करता था। महिला के अनुसार संजय भी उसकी पिटाई करता था। इससे तंग आकर महिला मायके में रहने लगी। उसके पति प्रवीण ने कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सीपी अस्थाना की अदालत में 13 मई 2015 को याचिका दाखिल की। उन्होंने महिला पर ससुराल में नहीं रहने और अपनी मर्जी से मायके चले जाने का आरोप लगाया है। Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Tuesday, May 31, 2016

महिला के हत्यारों को पुलिस ने भेजा जेल

खूंटी के अड़की में बुजुर्ग मंगरी मुंडाइन की डायन- बिसाही को लेकर हुई हत्या मामले में ओझा समेत चार अन्य आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। इन्होंने रविवार की शाम पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था। गुरुवार को इन्होंने गांव में ही महिला की लाठी- डंडे से पीट- पीटकर हत्या कर दी थी.

ऐसे पकड़े गए आरोपी

इस घटना के बाद साक्ष्य छिपाने के बदले में कुरंगा के ग्रामीणों से आरोपियों से दस लाख रुपए की डिमांड की थी। लेकिन, आरोपियों के पास इतने पैसे नहीं नहीं थे कि वे दे सकें। ऐसे में गांववालों ने पुलिस को महिला की हत्या किए जाने व आरोपियों की जानकारी दे दी। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में कर आरोपियों को पकड़ने में जुट गई थी। इधर एसपी अनीश गुप्ता का कहना है कि दस लाख लेकर मामला छिपाने के लगे आरोपों की भी पुलिस छानबीन कर रही है। इसमें अगर सच्चाई होगी तो आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.  Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Friday, May 27, 2016

सचिव से वार्ता विफल, सीएम से करेंगे सीधी नियुक्ति का आग्रह

सीधी नियुक्ति की मांग पर झारखंड टेट पास पारा शिक्षकों की गुरुवार को शिक्षा सचिव आराधना पटनायक के साथ हुई वार्ता विफल रही। अपनी मांगों पर डटे आंदोलनकारियों ने अब सीएम रघुवर दास को अपना दुख- दर्द सुनाने का निर्णय लिया है। राजभवन के पास ख्ब् दिनों से प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने ख्भ्वें दिन गुरुवार को शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव के आवास के पास प्रदर्शन किया.

भड़की मंत्री, सचिव से वार्ता को कहा

शिक्षा मंत्री नीरा यादव के आवास पर प्रदर्शन करने पहुंचे आंदोलनकारियों से मंत्री भड़क गईं और कहा कि बिना किसी सूचना के यहां प्रदर्शन करने पहुंच जाते हैं। अगर ऐसी बात है तो हम भी आपके साथ प्रदर्शन करते हैं। आप लोग शिक्षा सचिव के साथ वार्ता कीजिए। मैंने उन्हें आदेश दे दिया है। इसके बाद डीएसई जयंत कुमार मिश्र और शिक्षा अधिकारी विनय चौबे ने पारा शिक्षकों की शिक्षा सचिव से वार्ता का समय निर्धारित करवाया। शाम पांच बजे शिक्षा सचिव आराधना पटनायक के साथ वार्ता हुई, जो विफल रही।

स्थानीयता को लेकर बहाली पर रोक

शिक्षा सचिव ने डेलीगेट्स को बताया कि स्थानीय नीति के पूर्णत: लागू नहीं होने की वजह से तृतीय और चतुर्थ संवर्ग की बहाली पर रोक लगा दी गई है। इस वजह से पारा शिक्षकों के लिए अलग से रिक्रूटमेंट नहीं निकाला जा सकता है। टेट पास पारा शिक्षक संघ के नेता बजरंग प्रसाद के नेतृत्व में टीचर्स शिक्षा सचिव से वार्ता करने पहुंचे थे। डेलीगेट्स ने शिक्षा सचिव को बताया कि मेधांक वाले पारा शिक्षक नियुक्ति से वंचित रह गए, जबकि कम मेधांक वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो गई। इस पर शिक्षा सचिव ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है। कोडरमा और देवघर की सूची में गड़बड़ी मिली है, इसके लिए सभी जिलों के डीसी को भी निर्देश भेजा गया है। शिक्षा सचिव ने बताया कि कम मेधांक वाले कैंडिडेट्स के चयन पाए जाने पर अधिकारी और कैंडिडेट्स के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। शिक्षा सचिव ने बताया कि टेट पास पारा शिक्षकों से नियुक्ति नियमावली में सुझाव मांगा गया है। उपयुक्त सुझाव को कार्मिक विभाग में संशोधन के लिए भेजा जाएगा।  Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Wednesday, May 25, 2016

रिम्स में मरीजों का भोजन खा जाते हैं किचन स्टाफ

रिम्स में मरीजों की थाली भले ही खाली रह जाए, पर किचन के स्टाफ्स भोजन का ना सिर्फ पूरा लुत्फ ले रहे हैं, बल्कि उसे अपने घर भी ले जा रहे हैं। मंगलवार को सांसद प्रतिनिधि के साथ नर्सिग सुपरिंटेंडेंट विजयालक्ष्मी ने जब किचन का औचक निरीक्षण किया तो यहां के स्टाफ्स खाने में व्यस्त थे। इतना ही नहीं, मरीजों के हिस्से का भोजन झोले में भरकर अपने घर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, जैसे ही उन्होंने नर्सिग सुपरिंटेंडेंट को देखा, वे इधर- उधर भागने लगे। मालूम हो कि स्टाफ्स द्वारा मरीजों का भोजन खुद करने की शिकायत मिलने के बाद नर्सिग सुपरिंटेंडेंट ने किचन का औचक निरीक्षण किया.

खाने में व्यस्त थे स्टाफ

नर्सिग सुपरिंटेंडेंट ने औचक निरीक्षण के दौैरान देखा कि भोजन बनकर तैयार था, पर इसे परोसे जाने की बजाय कमोबेश सभी स्टाफ खुद खाने में व्यस्त थे। लेकिन, जैसे ही उन्होंने नर्सिग सुपरिटेंडेंट को किचन में देखा, हड़कंप मच गया। वे इधर- उधर भागने लगे। इस दौैरान उन्होंने भोजन की क्वालिटी को भी परखा.

घर ले जाने की भी थी तैयारी

किचन का निरीक्षण करने के बाद नर्सिग सुपरिटेंडेंट किचन के पीछे की ओर भी गई। यहां उन्होंने देखा कि कई साइकिलों में झोले टंगे हुए थे। झोले में मरीजों को परोसी जाने वाली सब्जी और फल रखी हुई थी। इसकी रिपोर्ट नर्सिग सुपरिटेंडेंट ने डीएस को दे दी है। अब इस मामले में की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई भी होगी.

मरीजों को समय पर नहीं मिल रहा खाना

रिम्स में मरीजों को कई दिनों से खाना समय से नहीं दिया जा रहा है। जिससे कि मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। इस मामले में जब स्टाफ से पूछा गया तो उन्होंने चूल्हा खराब होने की बात कहीं। साथ ही स्टाफ ने बताया कि आइटम बढ़ाए जाने के कारण भी उन्हें परेशानी हो रही है।  Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Tuesday, May 24, 2016

रांची में बढ़ा लिव इन रिलेशन का ट्रेंड, हर हफ्ते चार मामले

महानगरों की तरह रांची में भी कॉलेज- कोचिंग के स्टूडेंट्स व कामकाजी लोगों के बीच लीव इन रिलेशन का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। राज्य महिला आयोग व महिला हेल्प लाइन में हर हफ्ते तीन से चार मामले पहुंच रहे हैं। लेकिन, लीव इन रिलेशन के बाद टूटते संबंध लड़की और लड़के दोनों के लिए परेशानी के भी सबब बन गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तो लड़कियों के साथ हो रही है, जिनके पास सबकुछ गंवाने के बाद कोई रास्ता नहीं बच रहा है। कई लड़कियों को तो बाद में अपने घरों में भी पनाह नहीं मिल रही है। सिर्फ राज्य महिला आयोग में ही महीने भर में डेढ़ दर्जन से भी अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। कई मामलों में पीडि़ता को कानूनी सहायता भी नहीं मिल पाती है।

नाबालिग लड़कियां ज्यादा

लिव इन के मामलों में बड़ी संख्या में नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं। इनमें क्भ् साल से फ्भ् साल तक की महिलाएं हैं। कम उम्र में लड़कियां मां भी बन रही हैं और बड़ी संख्या में एबॉर्शन भी करा रही हैं। इससे उनकी सेहत भी काफी प्रभावित हो रही है।

हर सोसायटी से केसेज

जो केसेज रहे हैं, उनमें ट्राइबल, नन ट्राइबल दोनों सोसायटी के लोग हैं। इनमें हर इनकम ग्रुप के लोग शामिल हैं। पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के अलावा जॉब करने वाले युवा भी लिव इन में रह रहे हैं। यहां साल छह माह में ब्रेकअप के कई मामले हैं। पिछले तीन साल में ऐसे केसेज में तेजी आई है।  Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Wednesday, May 18, 2016

झारखंड कैबिनेट की मीटिंग में हुए कई अहम फैसले

राज्य सरकार ने 18 वर्ष से अधिक उम्र की विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में लाने का फैसला लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में राज्य विधवा सम्मा पेंशन योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। झारखंड सेवा देने की गारंटी अधिनियम के तहत 26 अतिरिक्त लोक प्रदायी सेवाओं को शामिल करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति दे दी है। राज्य में ग्राम पंचायत के प्रबंधन के लिए पंचायत सचिवालय का गठन का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने इससे संबंधित प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी.

रेलवे के साथ एमओयू

झारखंड में नई रेल परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार और रेलवे मंत्रालय के बीच ज्वाइंट वेंचर कंपनी बनाई जाएगी। इस बाबत एमओयू करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने सत्संगनगर- भिरखीपथ व जसीडीह- वैधनाथधाम स्टेशन के बीच आरओबी के निर्माण के लिए 31.39 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी दी है। इसमें से 22.92 करोड़ रुपए राज्य की ओर से दिए जाएंगे। इसके चाईबासा- टोंटो- रोआम पथ के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण के लिए 173 करोड़ 10 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है.  Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Wednesday, May 4, 2016

अधर में पड़े हैं बिल्डिंग प्लान, चैंबर नाराज

बिल्डिंग बायलॉज- ख्00ख् के आधार पर बिल्डिंग प्लान स्वीकृत करने में रांची नगर निगम की ओर से हो रही कठिनाइयों को लेकर मंगलवार को चेंबर भवन में बैठक हुई। चेंबर सदस्यों ने कहा कि काफी संख्या में निर्धारित शुल्क के साथ आवेदकों ने निगम में आवेदन दिया था, जो पिछले तीन साल से स्वीकृति की प्रतीक्षा में लम्बित है। उन्होंने कहा कि डेवलपर्स ने भू- मालिकों के साथ बिल्डिंग बायलॉज- ख्00ख् के तहत स्वीकृत एफ एआर के आधार पर एग्रीमेंट भी कर लिया था, लेकिन हाल ही में रांची नगर निगम द्वारा झारखंड बिल्डिंग बायलॉज ख्0क्म् के आधार पर पूर्व के सभी लम्बित आवेदकों को फि र से आवेदन जमा करने का निर्देश दिया गया है, जो गलत है। निगम के इस निर्देश से बिल्डर्स में काफी असंतोष है।

निर्णय अव्यवहारिक

चेंबर उपाध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि निगम का यह निर्णय अव्यवहारिक है, क्योंकि जब एक बार निगम में बिल्डिंग प्लान के लिए सारी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए आवेदकों ने आवेदन किया है। ऐसे में नये बायलॉज का हवाला देकर उन सभी आवेदकों को फि र से आवेदन करने का निर्देश देना अनुचित है। उन्होंने कहा कि होगा यह चाहिए कि जिस तिथि से बिल्डिंग बायलॉज- ख्0क्म् की अधिसूचना प्रकाशित हुई, उस तिथि से आवेदन करनेवाले आवेदकों पर यह नियम प्रभावी होना चाहिए और पूर्व के सभी जमा आवेदनों का निष्पादन पूर्व के बायलॉज के आधार पर होना चाहिए। मौके पर चेंबर उपाध्यक्ष तुलसी पटेल, सह सचिव आनंद गोयल, सदस्य श्यामसुंदर अग्रवाल, रवि भट्ट, रमेश पटेल सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे. Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Thursday, April 14, 2016

बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ बनीं बिजनेस वीमेन

जीवन में सफल होने के लिए जज्बा जरूरी है। इसे साबित किया है क्लब रोड स्थित अंगीठी रेस्टोरेंट की ओनर सुनिता समद ने। अच्छी खासी बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ कर बिजनेस करने की सोची और जज्बे की बदौलत रांची में एक फेमस रेस्टोरेंट खड़ा कर लीं। सुनिता के सफल बिजनेस वीमेन बनने में उनके पति मिहिर टोपनो का हर कदम पर साथ रहा।

छुट्टी में शुरू किया काम

सुनिता बताती हैं कि मैंने 22 साल तक बैंक की नौकरी की, पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर के पद पर कई जगहों पर काम किया। लेकिन बिजनेस करने का शौक बचपन से था। इसे पूरा करने के लिए अपने बैंक से तीन साल का सब आर्टिकल लीव लेकर 2008 में अंगीठी रेस्टोरेंट की शुरुआत की। तीन साल की मेहनत की बदौलत रेस्टोरेंट ने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। इसके बाद सुनिता तीन साल छुट्टी बिता कर अपने पंजाब नेशनल बैंक पहुंची, लेकिन इस्तीफा देने के लिए। उन्होंने बताया कि मेरे जितने भी कलिग और जानने वाले थे सभी ने सलाह दी की नौकरी मत छोड़ो। लेकिन मैंने सिर्फ अपनी सुनी और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में जुट गई।

काम आया अनुभव

सुनिता समद बताती हैं कि बैंक का अनुभव मुझे बिजनेस खड़ा करने में काम आया। प्लानिंग से लेकर, मार्केटिंग इंप्लीमेंट हर कुछ करती थी। बैंक में जिस तरह से हर दिन का टारगेट पूरा करना होता है, उसी तरह मैंने अपने स्टाफ को हर दिन काटास्क देकर काम की शुरुआत करती हुं। किसी बंदे को कौन सा काम करना है और वो पूरे दिन क्या काम किया, इसकी पूरी रिपोर्ट लेकर हर दिन का काम पूरा करती हूं। कैसे कस्टमर्स को एक अच्छा माहौल दिया जाए, इसका ध्यान मैं खुद रखती हूं.

रेस्टोरेंट में टाइम देती हूं

सुनिता बताती हैं कि मेरे पति मिहिर टोपनो सेल में एजीएम हैं, उनकी अपनी व्यवस्तता है। इस कारण मैं सुबह दस बजे रेस्टोरेंट टाइम से पहुंच जाती हूं, उसके बाद रात के 11 बजे तक रेस्टोरेंट मे रहती हूं। खाने के आर्डर से लेकर रेस्टोरेंट का पूरा अकाउंट खुद देखती हूं। उन्होंने बताया कि डीसिप्लीन और क्वालिटी को मेंटेन करने के कारण हमारे रेस्टोरेंट को लोग पसंद कर रहे हैं. Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Tuesday, April 12, 2016

ट्रैफिक रूल्स तोड़ने में माहिर हैं रांची के लोग

रांची के लोग ट्रैफिक रूल्स तोड़ने में माहिर हैं। इसका खुलासा ट्रैफिक पुलिस द्वारा राजकोष में किए गए लाखों के योगदान से हुआ है। मात्र तीन महीने में ही ट्रैफिक पुलिस ने रांची के लोगों से फ्9 लाख ख्8 हजार ब्फ्0 रुपए का जुर्माना वसूला है। जनवरी में क्फ् लाख क्क् हजार ख्0 रुपए, फरवरी में 7 लाख ब्क् हजार 780 रुपए तथा मार्च में क्8 लाख 7भ् हजार म्फ्0 रुपए का जुर्माना वसूला गया। जुर्माने की यह राशि बगैर हेलमेट पहने बाइक चलाने, बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने व ट्रिपल राइडिंग सहित अन्य मामलों में वसूली गई है।

बिना लाइसेंस व हेलमेट वाले ज्यादा

ट्रैफिक एसपी मनोज रतन चोथे ने बताया कि अधिकतर लोग बिना लाइसेंस व हेलमेट के गाड़ी चला रहे हैं। जनवरी में जितने लोगों से जुर्माना वसूला गया, उनमें अधिकतर मामले इसी से संबंधित थे। जनवरी में कुल 7 हजार म्फ्म् वाहनों से जुर्माना वसूला गया है। इनमें ख्ख्ब् कार, ख्0 ऑटो, ख्7म् अन्य, फ्99भ् बिना हेलमेट, ख्ब्भ्ख् बिना लाइसेंस, म्9क् ट्रिपल राइडिंग, ख्क्8म् सिग्नल तोड़ने, ख्70 नो एंट्री, फ्फ्9 आगे नंबर, क्99 बिना परमिट, ख्फ्0 साइन परिवर्तन, ख्ब् गलत तरीके से वाहन चलाने, क् काला शीशा, क् प्रेशर हार्न, फ् बिना रजिस्ट्रेशन, ब्ब् प्रदूषण मामलों में गाड़ी चालकों से जुर्माना वसूला गया है। वहीं, दिसंबर ख्0क्भ् में क्0फ्भ्फ् वाहनों से ख्ख् लाख क्ख् हजार 7ब्0 रुपए का जुर्माना वसूला गया था। जबकि फरवरी ख्0क्म् में ब्7फ्8 वाहनों से जुर्माना वसूले गए।

लोगों को जागरूक करना हमारा प्रयास

ट्रैफिक डीएसपी दिलीप खलखो ने बताया कि लगातार लोगों को पुलिस ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक कर रही है। यातायात जागरूकता सप्ताह भी मनाए जा रहे हैं। इस दौरान एनसीसी के जवान और स्कूली बच्चे लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसके बावजूद लोग यातायात नियमों के प्रति गंभीर नहीं हैं। इससे बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके बावजूद हमारा प्रयास दुर्घटनाओं में जन- धन की क्षति को रोकना है. Read more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Monday, March 21, 2016

जेपीएससी से पहले सरकारी वेबसाइट पर मेंस व इंटरव्यू के मा‌र्क्स

झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से पांचवी सिविल सेवा परीक्षा के मेन्स और इंटरव्यू का नंबर फ्क् मार्च को जारी करना है। लेकिन, इससे पहले ही ये नंबर झारखंड सरकार की वेबसाइट पर जारी हो चुका है। जिसे कई कैंडिडेट्स देख भी चुके हैं। इस मामले में जेपीएससी लेट हो चुका है। 

कैंडिडेट्स के नाम व कैटेगरी भी 

झारखंड सरकार की वेबसाइट पर जारी किए गए पांचवी सिविल सेवा परीक्षा के मेन्स और इंटरव्यू के मा‌र्क्स में कैंडिडेट्स के नाम व कैटेगरी भी दिखाए गए हैं। इसमें कई कैंडिडेट अपना नंबर देख भी चुके हैं। जबकि जेपीएससी का नंबर जारी करने की तारीख अभी बहुत आगे हैं। हालांकि, जेपीएससी की ओर से स्टूडेंट को उनकी कॉपी भी देखने का मौका दिया जाता है। 

जेपीएसी की वेबसाइट पर फ्क् को रिजल्ट

जेपीएससी ने कहा है कि अंतिम रूप से चयनित कैंडिडेट्स का कट ऑफ मा‌र्क्स कैटेगरी वाइज रिजल्ट जारी किया जाएगा। इसे आयोग की वेबसाइट पर फ्0 मार्च से अपलोड कर दिया जाएगा। कैटेगरी वाइज चयनित कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की जाएगी। गौरतलब हो कि जेपीएससी ने पांचवी सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट ख्क् फरवरी को जारी कर दिया था। हालांकि, इस परीक्षा को लेकर विवाद शुरू हो चुका है। See more http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Friday, March 18, 2016

झारखंड में हर 200वां व्यक्ति मिर्गी का शिकार

झारखंड में हर ख्00 में से एक व्यक्ति मिर्गी की चपेट में है। अल्कोहल का अधिक सेवन करने से लोग मिर्गी की चपेट में आ रहे हैं। अल्कोहल के सेवन से दिमाग सिकुड़ जाता है और लोगों को मिर्गी का दौरा पड़ने लगता है। यह जानकारी रिम्स के न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ.अनिल कुमार और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ.अशोक ने दी। वे मेन रोड स्थित होटल कैपिटल हिल में गुरुवार को एपिलेप्सी (मिर्गी)पर कार्यक्रम में बोल रहे थे। डॉ.अनिल ने कहा कि इससे लोगों को डरने की नहीं लड़ने की जरूरत है। रेगुलर मेडिसीन लेने से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। सामान्य तौर पर सिर दर्द इसका प्रमुख लक्षण हो सकता है। 
 
ब्रेन डैमेज का खतरा 

सिर में चोट लगने से भी मिर्गी की संभावना बढ़ जाती है। चूंकि चोट लगने के बाद ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। हाल के दिनों में एक्सीडेंट की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। वहीं, प्रेग्नेंसी में मिर्गी के दौरे पड़ने पर बर्थ इंज्यूरी और ब्रेन डैमेज का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे भी बच्चे को मिर्गी हो सकता है। इसके अलावा दौरा पड़ने पर देखा जाता है कि लोगों की जीभ दांत के बीच में आने से कट जाती है। इस वजह से खून निकलने लगता है और खून के लंग्स में चले जाने से चोकिंग का खतरा बढ़ जाता है। मिर्गी का दौरा पड़ने पर चम्मच, पेंसिल या अन्य कोई चीज मरीज के मुंह में डाल देना चाहिए, जिससे कि जीभ को कटने से बचाया जा सके।  Read more Ranchi News http://inextlive.jagran.com/ranchi/

Wednesday, September 23, 2015

power cut in jharkhand

राज्य भर के 3000 मैनडेज कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद सभी जिलों के सब स्टेशन व ग्रिड ठेकेदारों के हवाले कर दिए गए हैं. मंगलवार को बिजली बोर्ड मुख्यालय के सामने हड़ताल पर मैंडेज कर्मियों के बैठने के बाद यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है. इसके तहत राज्य भर के ग्रिड व सब स्टेशन ठेकेदार के आदमी संभालेंगे. लेकिन, इसमें भी डर सता रहा है कि कहीं ये भी काम न छोड़ दें. क्योंकि इनका भी पैसा बकाया है.

ठेकेदारों का भी है बकाया

बिजली विभाग में काम करने वाले एक ठेकेदार ने बताया कि अप्रैल में जब सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए, तो हमलोगों से काम करवाया गया था. लेकिन हमलोग को उस समय का पैसा अब तक विभाग द्वारा भुगतान नहीं किया गया है. अब दोबारा हमलोगों को जिम्मेवारी सौंपी गई है. लेकिन बगैर पैसा हम लोग भला काम कैसे कर पाएंगे.

सीएमडी से वार्ता विफल

मंगलवार की सुबह से ही रांची सर्किल में काम करने वाले सभी मैनडेज कर्मी बोर्ड मुख्यालय के पास जमा होने लगे. दोपहर तक दूसरे जिलों से भी कर्मचारी रांची पहुंचे.  http://inextlive.jagran.com/power-cut-in-jharkhand-92891

Thursday, September 10, 2015

Food festival

चांदी की थाली में परोसा जाएगा कबाबस्टेशन रोड स्थित कैपिटल रेसिडेंसी के मिलांज रेस्टोरेंट में शुक्रवार क्क् सितंबर से कबाब-बिरयानी फूड कार्निवल की शुरुआत हो रही है. जिसमें लोगों को चांदी की थाली में वेज और नॉन वेज खाना परोसा जाएगा. इसके लिए होटल के शेफ असित कुंडू और उनके सहयोगी शेफ्स ने अपनी ओर से पूरी तैयारी कर ली है. होटल के डायरेक्टर करणवीर भाटिया ने बताया कि पिछली बार का रिस्पांस काफी अच्छा था इसे देखते हुए हमने इस बार कुछ नया करने का सोचा. इसबार का थीम लोगों को काफी पसंद आएगा. जिसमें सिलवर सेट में ही लोगों को डेजर्ट से लेकर खाना तक परोसा जाएगा. यह कार्निवल दिन के क्ख् बजे से लेकर रात क्क् बजे तक चलेगा. 

विभिन्न राज्यों से मंगाई गई है खाद्य सामग्री
लोगों को खाने में जो वैरायटी परोसी जाएगी उसके लिए उसी इलाके की खाद्य सामग्रियां मंगवाई गई है. ताकि लोगों को वहीं स्वाद मिल सके. लोगों को जो खाना परोसा जाएगा उसमें राजमा गलौटी, दही पालक, चपली कबाब, सिकंदरी रान, यखनी बिरयानी, हैदराबादी बिरयानी, सब्जदम बिरयानी के अलावा इंडियन दाल, करी, वेज ग्रेवी और स्वीट्स भी रखे गए है. http://inextlive.jagran.com/food-festival-91586

Source: Ranchi News

Monday, September 7, 2015

Registration Of Plot And Flat Affected Due To Dead Writers Strike

जमीन रजिस्ट्रेशन में दस्तावेजों से न हो छेड़छाड़जमीन की रजिस्ट्री को लेकर हाईकोर्ट द्वारा कुछ दस्तावेजों को अनिवार्य किए जाने और डीड राइटर्स की कलमबंद हड़ताल को देखते हुए डीसी ने शुक्रवार रजिस्ट्रार के साथ मीटिंग की. इस मौके पर उन्होंने सभी रजिस्ट्रार को हाईकोर्ट के फैसले को ध्यान में रखकर ही रजिस्ट्री करने के निर्देश दिए. गौरतलब है कि हाईकोर्ट के जमीन रजिस्ट्री को लेकर दस्तावेजों को कंपल्सरी किए जाने के बाद रजिस्ट्री की संख्या काफी कम हो गई है. जिस वजह से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है. ऐसे में रजिस्ट्री को लेकर लोगों को हो रह परेशानियों को भी दूर करने की प्रशासन कोशिश कर रही है.
डीसी ने दिए ये निर्देश
-रजिस्ट्री के लिए दस्तावेज देनेवाले की पहचान जरूर होनी चाहिए http://inextlive.jagran.com/registration-of-plot-and-flat-affected-due-to-dead-writers-strike-90937

Source - Ranchi News

Wednesday, September 2, 2015

Session Late In Pg Departments Of Ranchi University

रांची यूनिवर्सिटी के पीजी का सेशन दिन-प्रतिदिन विलंब होता जा रहा है. सेशन के हिसाब से पीजी फाइनल सेमेस्टर का एग्जाम जून-जुलाई के बीच हो जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक एग्जामिनेशन शिड्यूल तक जारी नहीं हुआ है. कब परीक्षा होगी? कब तक कॉपी चेक की जाएगी? एग्जाम का रिजल्ट कब घोषित किया जाएगा? यह स्पष्ट नहीं है. ऐसे में पीजी स्टूडेंट्स के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. 

कोशिशें हो जाती हैं फेल
 
गवर्नर कम चांसलर ने रांची यूनिवर्सिटी को यूजी और पीजी सेशन रेगुलर करने के निर्देश कई बार दिए हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन सेशन को पटरी पर लाने में नाकाम हो जा रही है. सेशन में विलंब से यूनिवर्सिटी के कामकाज पर तो असर पड़ता ही है, साथ में इसका खामियाजा स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ रहा है. http://inextlive.jagran.com/session-late-in-pg-departments-of-ranchi-university-90571

Source: Ranchi News

Thursday, August 13, 2015

Ranchi University Fake Website Is Running

रांची यूनिवर्सिटी की रन कर रही है फर्जी वेबसाइटरांची यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर आपको अगर कोई सूचना मिलती है तो उसपर तुरंत विश्वास ना करें. पहले यह तहकीकात कर लें कि यूनिवर्सिटी की वेबसाइट असली है या नकली, क्योंकि रांची यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी वेबसाइट भी इन दिनों रन कर रही है. फर्जी वेबसाइट की सूचना पर विश्वास करने से आपकी परेशानी बढ़ सकती है. यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने भी माना है कि रांची यूनिवर्सिटी की फर्जी वेबसाइट भी है. 

रांची यूनिवर्सिटी की ऑरिजिनल और फर्जी वेबसाइट एक साथ रन कर रही है. दोनो ही वेबसाइट पर यूनिवर्सिटी से जुड़ी तमाम सूचनाएं उपलब्ध है. बस फर्क इतना है कि यूनिवर्सिटी की ऑरिजिनल वेबसाइट में रिजल्ट से संबंधित कोई पेज नहीं है, जबकि फर्जी वेबसाइट में रिजल्ट का फेज सबसे ऊपर मौजूद है. सीसीडीसी डॉ पीके सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी की फर्जी वेबसाइट रन करने की जानकारी मिली है. यह आरयू की ऑरिजिनल वेबसाइट से मिलती-जुलती है.  See more - http://inextlive.jagran.com/ranchi-university-fake-website-is-running-88586

Source: Ranchi News