Saturday, December 6, 2014

Will not be taken in December Krmas turn, compulsory registration of marriage

दिसंबर के तीन मुहूर्त में यदि ब्याह संस्कार नहीं किए गए तो फिर खरमास लग जाएगा और एक माह तक फिर इंतजार करना पड़ेगा। अगहन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी 16 दिसंबर से खरमास (धनुर्मास) लग जाएगा, जो 17 जनवरी तक रहेगा। इस अवधि में सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के कारण विवाह जैसे शुभ संस्कार संपन्न नहीं किए जा सकेंगे।

जनवरी से मार्च तक 9 मुहूर्त-

संक्रांति के बाद फिर मात्र दो मुहूर्त 29 व 30 जनवरी श्रेष्ठ हैं। फरवरी में भी 8, 10, व 15 फरवरी का मुहूर्त अच्छा है इसके बाद एक सप्ताह के लिए 26 फरवरी से 5 मार्च तक होलाष्टक लग जाएगा। इस दौरान भी कोई शुभ कार्य नहीं होगा। होली के बाद मार्च में चार मुहूर्त 7, 8, 9 व 10 मार्च का मुहूर्त उत्तम है।

अब अनिवार्य होगा शादी का पंजीकरण-

अब राज्य में विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। इस संबंध में बनाई गई नियमावली संबंधी प्रस्ताव को शनिवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।

दरअसल, महिलाओं के हितों का ख्याल रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को विवाह के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने का आदेश दे रखा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य में भी विवाह के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2014 बनाई है। विभाग द्वारा प्रस्तावित नियमावली को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में शनिवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी जा सकती है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक नियमावली के लागू होने के बाद सभी जाति-धर्म के लोगों को विवाह का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

शादी से एक वर्ष के दरमियान रजिस्ट्रेशन कराने पर 100 रुपये का शुल्क प्रस्तावित है। एक वर्ष बाद रजिस्ट्रेशन कराने पर विलंब शुल्क भी देना होगा। वैसे तो अभी शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्री कार्यालय और ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज विभाग के अधीन कार्यालयों में रजिस्ट्रेशन की सुविधा है। रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने के साथ ही सरकार ब्लाक स्तर तक ऐसी व्यवस्था करेगी कि आसानी से विवाह का रजिस्ट्रेशन कराया जा सके।

No comments:

Post a Comment