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Monday, September 29, 2014

Delhi metro ranked 2nd among 18 international metro systems

दुनिया की दूसरी विश्‍वसनीय मेट्रो
दिल्‍ली मेट्रो को दुनिया में विश्‍वसनीयता और भीड़ के आधार पर दूसरे नंबर पर आने का गौरव प्राप्‍त हुआ है. इसके साथ ही दिल्‍ली मेट्रो को लंदन और बैंकॉक के साथ नेट प्रमोटर स्‍कोर की क्‍लास में रखा गया है. गौरतलब है कि दिल्‍ली मेट्रो के लांच होने के बाद से दिल्‍ली शहर के ट्रे‍फिक में आमूलचूल परिवर्तन आया है. दिल्‍ली मेट्रो की सफलता और विश्‍वसनीय क्रियान्‍वन ने इसे आम दिल्‍ली वालों से लेकर विदेशी टूरिस्‍टों के लिए शहर में आवागमन का प्रमुख जरिया बना दिया गया है. दिल्‍ली मेट्रो के बारे में सबसे खास बात इसकी विश्वसनीयता है जिसकी वजह से इसे सोशल मीडिया लिंक सर्वे में दूसरा स्‍थान मिला है.

डीएमआरसी ने बताया महत्‍वपूर्ण
दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्‍त्ता (ईडी) अनुज दयाल ने दिल्‍ली मेट्रो के इस अचीवमेंट को बहुत खास बताया. उन्‍होनें कहा कि 28 अप्रेल से 25 मई के बीच हुए सोशल मीडिया लिंक सर्वे में इंटरनेशनल और लोकल ट्रेवलर्स ने दिल्‍ली मेट्रो की विश्‍वसनीयता को खास बताया. इस सर्वे में दुनिया के 18 इंटरनेशनल मेट्रो सर्विसेज पर यात्रियों के कमेंट्स लिए गए. गौरतलब है कि इस सर्वे में 41 हजार लोगों में भाग लिया.

Saturday, August 30, 2014

Rape with sutdent

 उतरांव थाना क्षेत्र के इनायतपट्टी के मजरा ढोरहा गांव में तमंचे के जोर पर गुरुवार देर रात कक्षा सात की एक छात्रा से दुराचार किया गया. चीख पुकार सुनकर चंद कदम दूर सो रही पीडि़ता की मां की नींद खुली तो आरोपी धमकी देता हुआ भाग निकला. शुक्रवार सुबह ग्रामीणों को जानकारी हुई तो बड़ी संख्या में आरोपी के घर पहुंचकर पथराव कर दिया. घर के मुख्य द्वार पर लगे दरवाजे को तोड़ डाला. घटना के बाद दो समुदाय के बीच तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है.

छात्रा से किया दुराचार

ढोरहा गांव का रहने वाला एक व्यक्ति दूसरे प्रदेश में कोई काम करता है. यहां घर पर उसकी पत्‍‌नी अपनी क्ख् वर्ष की पुत्री व दो छोटे बच्चों के साथ रहती है. उसकी पुत्री कक्षा सात में पढ़ती है. गुरुवार रात सभी घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे. छात्रा दरवाजे के पास अकेले सो रही थी. देर रात इनायतपट्टी गांव का रहने वाला शमशाद उसके पास पहुंचा और तमंचा सटाते हुए उसके साथ दुराचार किया. उसने आवाज लगानी चाही, लेकिन उसने गोली मारने की धमकी दी.

धमकी देते हुए भाग निकला

इसी बीच चीख पुकार सुनकर छात्रा की मां की नींद खुली और उसने मोबाइल से ग्रामीणों व रिश्तेदारों को फोन कर जानकारी देने की कोशिश की, जिस पर शमशाद ने मोबाइल छीन लिया और जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला. शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी गांव के लोगों को हुई तो वह आक्रोशित हो गए. आसपास के भी गांव के काफी लोग मौके पर पहुंचे और फिर आरोपी के घर चढ़ गए. घर पर ताला लगा देख ग्रामीण पथराव करने लगे. दरवाजा तोड़ डाला. सूचना पाकर एसओ उतरांव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया. शमशाद के खिलाफ दुराचार समेत कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई.

 
 

Friday, August 22, 2014

Health ministers inspection

हेल्थ डिपार्टमेंट में भी गजब-गजब के डॉक्टर्स हैं. कोई ड्यूटी करने नहीं आता तो कोई मरीजों को बाहर से दवा खरीदने को विवश करता है. कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं, जो गवर्नमेंट से मोटी रकम तो लेते हैं, लेकिन साल-साल भर तक एक भी ऑपरेशन नहीं करते. गुरुवार को दौरे पर आए स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने ख्0 मिनट के अंदर ही डॉक्टरों की लापरवाही का इलाज करते हुए पांच को सस्पेंड कर दिया.

निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन दिन में करीब क्क् बजे बेली हास्पीटल पहुंचे, फिर काल्विन और उसके बाद डफरिन हास्पीटल का निरीक्षण किया. तीनों हास्पिटल में स्वास्थ्य मंत्री के अचानक पहुंचने से जहां मरीज खुश हुए वहीं डॉक्टर्स परेशान हो उठे. निरीक्षण पर निकले मंत्री ने डॉक्टरों के लापरवाही की नब्ज पकड़ ली. बेली हॉस्पिटल में कई दिनों से अनुपस्थित चल रहे डा. एसके मिश्रा के अटेंडेंस को देखने के बाद हेल्थ मिनिस्टर ने उन्हें सस्पेंड करने का आदेश दिया. मरीजों ने भी मंत्री से लापरवाही की शिकायत की. जिस पर मंत्री ने डॉक्टरों को कत‌र्व्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाया.

सीएमएस को डीजी ऑफिस से अटैच का आदेश

स्वास्थ्य मंत्री काल्विन हॉस्पिटल पहुंचे तो वहां अव्यवस्था देख कर भड़क उठे. मरीजों ने लापरवाही के साथ ही बाहर से दवाएं लिखे जाने की शिकायत की. जिस पर मंत्री ने बाहर से लिखी गई दवाओं की पर्ची को जब्त करते हुए अव्यवस्था के आरोप में काल्विन हॉस्पीटल के सीएमएस डा. एआर सिंह को डीजी हेल्थ के ऑफिस से अटैच करने का आदेश दिया. निरीक्षण के दौरान मिनिस्टर ने चेक किया तो पाया कि कोरांव के डा. राजेश और मांडा के डा. डीएन सिंह ने पूरे साल एक भी ऑपरेशन नहीं किया. उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया है. उन्होंने लापरवाही के आरोप में फतेहपुर के डा. नीरज और डा. तवरेज को भी सस्पेंड करने का आदेश दिया. 

Wednesday, August 20, 2014

MNNIT directors pet dodo expired

दोपहर के दो बज रहे थे. एमएनएनआईटी कैंपस में रहने वाले डायरेक्टर पी चक्रवर्ती के घर पर मातमी सन्नाटे का आलम. बाहर मौजूद लोगों को घर का दरवाजा खुलने का बेसब्री से इंतजार था. दरवाजा खुला तो डायरेक्टर की वाइफ डॉ रूना चक्रवती सामने थीं. लगातार रोने से आंखें सूज गई थीं. चेहरे का भाव बताता था कि उनके दर्द का एहसास कर पाना मुश्किल है. सामने मीडिया के लोगों को देखकर वह फफक पड़ीं. पांच मिनट लग गए उन्हें खुद को नियंत्रित करने में. इसके बाद डोडा की असामयिक मौत से मिले जख्म पर बोलना शुरू किया तो सामनेवालों की भी आंखें भर आई.

तीन साल पहले मिला था

रूना के मुताबिक बात तीन साल पुरानी है जब वे रूना को अपने साथ ले आए थे. वक्त बीतने के साथ वह मुझसे और बेटी इशिता से इतना घुल-मिल गया कि उसके बिना रहने के बारे में सोचना मुश्किल था. पति भी उससे बेहद अटैच थे. एक साथ के भीतर वह परिवार के सदस्य की तरह हो गया था. मेरे लिए तो वह बेटे जैसा था. हम कहीं भी जाते उसे साथ लेकर जाते थे.

जानवर था पर सीख गया था इंसानी सलीके

रूना के मुताबिक वह जानवर था लेकिन हमारे साथ रहते हुए उसने इंसानी सलीके सीख लिए थे. बिस्तर खराब नहीं करता था, टॉयलेट जाना होता था तो किसी न किसी को पकड़कर खींचता और उस स्थान की ओर ले जाता. सुबह न्यूज पेपर लेकर कमरे में आता था. लेट तक सोने वालों को जगाना उनका काम था. घर से बाहर निकले सदस्य के लौटते ही उसका वेलकम करना. उसके साथ खेलना उसका रुटीन था. कुल मिलाकर वह घर की रौनक बन गया था. हर किसी का अजीज था. उससे बिछड़ने के बारे में सोचना मुश्किल था. ऐसे में कुछ दिन पहले डोडो बीमार पड़ा तो पूरे परिवार की नींद उड़ गई. डॉक्टर को दिखाया और ट्रीटमेंट भी कराया लेकिन डॉक्टर की जरा सी लापरवाही से उनके फैमिली का एक मेम्बर हमेशा के लिए कम हो गया. इस दर्द को दूसरा कोई नहीं समझ सकता.

रात भर मनाते रहे मातम

रूना ने बताया कि सोमवार रात साढ़े नौ बजे डोडो ने अंतिम सांस ली. डॉक्टर ने सॉरी बोला तो पूरा परिवार सन्नाटे में आ गया. जन्माष्टमी के दिन हुई इस घटना के बाद पूरा परिवार मातम में पूरी रात रहा. उनके इस दर्द को समझने वाले कम ही थे. रात बमुश्किल गुजरी. इसी दौरान फैसला लिया गया कि उसे दफना दिया जाय. डायरेक्टर के आवास कैंपस में ही डोडो को दफनाया गया. इसके बाद पूरे परिवार ने उसे अश्रूपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान एमएनएनआईटी परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे.

इस दर्द को समझे हर कोई

डॉक्टर रूना ने कहा कि अब इस बात का कोई मतलब नहीं है कि डॉक्टर को सजा मिलती है या नहीं. जरूरी यह है कि हर कोई उन्हें सिर्फ जानवर न समझे. उसे प्यार दें, यकीन मानिए हमारा अनुभव है कि आप एक कदम बढ़ाएंगे और वह तीन कदम आगे बढ़कर आपके साथ खड़ा मिलेगा. हमें इन जानवरों के प्रति संवदेनशील होना चाहिए. 

Tuesday, August 19, 2014

Doctor give his statement

जीवन ज्योति हॉस्पिटल के डॉक्टर एके बंसल ने पिछले दिनों गोली लगने से घायल व्यापारी की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद खुद पर धारा फ्0ख् के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की निंदा की है. उन्होंने कहा कि जान बचाने वाले चिकित्सक को अपराधी घोषित करने की कोशिश की जाएगी तो समाज में गलत संदेश जाएगा और भविष्य में कोई भी डॉक्टर गंभीर रोगी का उपचार करने की हिम्मत नहीं करेगा. उन्होंने बताया कि व्यापारी को अति गंभीर अवस्था में हॉस्पिटल लाया गया था. वह डायबिटीज और एड्स से पीडि़त था, बावजूद इसके संक्रमण के खतरे को दरकिनार करते हुए उसका तत्काल ऑपरेशन किया गया.

परिजनों का सहमति पत्र पर हस्ताक्षर

डॉ. बंसल ने कहा कि परिस्थितियों से मरीज के परिजनों को अवगत कराते हुए सहमति पत्र पर उनके हस्ताक्षर ले लिए गए थे. आपॅरेशन के दौरान ढाई घंटे के अथक परिश्रम से मरीज के शरीर से ब्लीडिंग को रोका जा सका था. मरीज के शरीर से गोली निकालने से ज्यादा जरूरी उसकी जान बचाना था. गोली निकाले जाने से मरीज की जान जाने या नुकसान पहुंचने का खतरा था. ऐसे में उसे शरीर में छोड़ दिया जाता है और मरीज की जान बचाई जाती है. कई मरीज पूरे जीवन शरीर में गोली लगी होने के बावजूद जीवन व्यतीत करते हैं. डॉ. बसंल के मुताबिक सुप्रीमकोर्ट के निर्देशानुसार किसी डॉक्टर पर केस दर्ज करने से पहले एक बोर्ड का गठन किया जाता है. जांच में लापरवाही सामने आने पर धारा फ्0ब्ए के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जाता है. आरोप सिद्ध होने से पहले डॉक्टर को बिना वजह सिर्फ रिपोर्ट के आधार पर निरुद्ध नहीं किया जा सकता है.

व्यापारियों ने किया पुतला दहन

व्यवसायी जवाहर हत्याकांड का खुलासा न होने से नाराज व्यापारियों ने सोमवार को घंटाघर चौराहे पर जनहित संघर्ष समिति के बैनरतले प्रदर्शन किया और पुतला फूंका. प्रमिल केसरवानी और अमर वैश्य ने कहा कि पुलिस ने 7ख् घंटे में घटना का पर्दाफाश करने का भरोसा दिया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. 

Tuesday, August 12, 2014

Crime in anchal

 थर्सडे को सिटी के आस-पास अंचल में क्राइम की घटना घटित हुई. जहां एक ओर चोरों ने शिक्षक के घर को निशाना बनाकर लाखों पार कर दिए वहीं संदिग्ध हालत में एक अधेड़ की बॉडी मिली. इसके अलावा भी दूसरे क्राइम हुए. पूरी खबर जानने के लिए पढ़े ये स्टोरी..

शिक्षक के घर में लाखों की चोरी

HOLAGADH: होलागढ़ थाना क्षेत्र के कस्तुरीपुर कस्तुरी गांव में एक शिक्षक के घर को चोरों ने निशाना बनाया. गांव के विवेक कुमार तिवारी फतेहपुर में शिक्षक हैं. वेडनसडे नाइट वह फैमिली के साथ सो रहे थे कि दूसरे कमरे के दरवाजे में लगे ताले को तोड़कर चोरों ने रखे संदूक व अटैची में रखे लाखों के सोने चांदी के जेवरात सहित 12 हजार रुपए कैश उड़ा दिए. सुबह जब विवेक ने कमरे का नजारा देखा तो उनके होश उड़ गए. उन्होंने ने चोरी की जानकारी पुलिस को दी.

संदिग्ध अवस्था में लटकती मिली अधेड़ की बॉडी

JALALPUR: उतरांव थाना क्षेत्र के कहरा बाग गांव में थर्स डे मॉर्निग संदिग्ध अवस्था में निवासी कमल चन्द भारतीय का छप्पर के धन्नी से लटकता हुआ शव मिला. पुलिस रिकार्ड के मुताबिक कमल चन्द भारतीय अपने पिता तथा भाइयों से अलग दो बच्चों के साथ छप्पर में रहता था. उसकी पत्‍‌नी की आठ साल पहले ही मौत हो चुकी है. थर्स डे मॉर्निग उसकी बॉडी संदिग्ध हालत में छप्पर के धन्नी से लटकती हुई मिली. पुलिस ने बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

पुलिस ने बरामद की दो लाख की स्मैक

SAINI: सैनी कोतवाली के पास चौराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान वेडनसडे नाइट पुलिस की संयुक्त टीम ने फोर व्हीलर गाड़ी से दो लाख की स्मैक बरामद की है.दरअसल, मुखबिर की सूचना पर पुलिस सैनी हाइवे चौराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इस बीच इलाहाबाद की ओर जा रही विस्टा कार से पुलिस ने दो सौ एक ग्राम स्मैक बरामद किया है. इसकी कीमत दो लाख रुपए आंकी गई है. पकड़े गए युवकों ने अपनी शिनाख्त सर्वेश कुमार व संदीप निवासी कटरा इलाहाबाद के रूप में दी है.

टवेरा को बचाने के चक्कर में पलटी ट्रक

LALGOPALGANJ: नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंधियारी जीत का पूरा गांव के सामने इलाहाबाद लखनऊ मार्ग पर थर्सडे मॉर्निग लखनऊ की ओर से आ रही टवेरा को बचाने के चक्कर में मेजा से गिट्टी लाद कर सवलवन जा रही ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गई.जिससे ट्रक डाइवर पुष्पराज पटेल 30 व कंडक्टर दीपक कुमार 22 गम्भीर रूप से घायल हो गए.

पत्‍‌नी से कहासुनी होने पर खाया जहरीला पदार्थ

GAUHANIA: घूरपुर थाना क्षेत्र के तातारगंज गांव में पत्‍‌नी से विवाद के बाद एक युवक ने जहरीला पदार्थ निगल लिया. उक्त गांव निवासी सोनू सिंह ख्ख् की थर्सडे को अपनी पत्‍‌नी से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई. जिससे क्षुब्ध होकर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया. उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई.उन्होंने उसे इलाज के लिए जसरा स्थित निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया. जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.

 
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Friday, August 8, 2014

Baik liftar arrested ten bike recovered

 जिले में बाइक लिफ्टर्स का आतंक फिर से बढ़ गया है. शहर हो या गांव बाइक चोरी की घटनाएं आए दिन हो रही हैं. अब खीरी पुलिस ने बाइक चोरों के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है. तीन आरोपियों को अरेस्ट कर चोरी की दस बाइक बरामद की है.

बेचने से पहले हुए अरेस्ट

पुलिस लाइंस में प्रेस वार्ता में एसएसपी ने बताया कि ट्यूजडे की रात खीरी पुलिस अपने इलाके में गश्त पर थी. इस बीच पुलिस को एक मुखबिर ने सूचना दी कि इटवा मोड़ के निकट तीन युवक मौजूद हैं. वह चोरी की मोटर साइकिल बेचने की फिराक में किसी का इंतजार कर रहे हैं. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई. युवकों की नजर पुलिस फोर्स पर पड़ी तो वह भागने लगे. लेकिन पुलिस ने तीनों युवकों को दबोच लिया. पूछताछ में तीनों युवकों ने अपना सुशील कुमार निवासी होलागढ़, विकास साहू निवासी जवा रीवा तथा उमेश कुमार निवासी जवा बताया. कहा कि वह चोरी की बाइक बेचने के फिराक में एक ग्राहक का इंतजार कर रहे थे.

मिलती है अच्छी कीमत

खीरी पुलिस ने चोरों के कब्जे से दस मोटरसाइकिलें बरामद कीं. इनमें एक नामचीन कंपनी की ज्यादा बाइकें थीं. आरोपी सुशील कुमार पुत्र शम्भू दयाल ने बताया कि गिरोह के सदस्य वारदात के लिए उस प्लेस को चुनते हैं जहां आसानी से हाथ मारा जा सके. पुरानी बाइक को चोरी करना आसान होता है. क्योंकि इसके लाक घिस गए होते हैं. यह आसानी से किसी भी चाबी से खुल जाते हैं. इसके बाद बाइक को देहात एरिया में रहने वाले लोगों को अच्छे दाम में बेच दिया जाता है. 

 
 

Friday, August 1, 2014

Recruitment boards story

 उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से लेकर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड तक प्रतियोगी छात्रों के सपनों के साथ छल करने में लगे हैं. कई वेकेंसीज ऐसी हैं जिन पर नियुक्ति की प्रक्रिया छह साल पहले शुरू हुई थी और आज भी पेंडिंग है. इससे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर कब तक छले जाएंगे प्रतियोगी छात्र? क्यों न वह सरकारी तंत्र के खिलाफ आवाज बुलंद करें.

सबकी एक राम कहानी

इलाहाबाद में लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का मुख्यालय स्थित है. एसएससी का रिजनल मुख्यालय भी यहीं है. इसे आईएएस और पीसीएस की तैयारी का गढ़ माना जाता है. इसी के चलते पूवरंचल के साथ ही बड़ी संख्या में बिहार के छात्र यहां पढ़ाई के साथ तैयारी के लिए आते हैं. सरकारी नौकरी के साथ बेहतर भविष्य का सपना संजोए इलाहाबाद आने वाले छात्रों के साथ भर्ती बोर्ड और कमीशन कैसे छल कर रहे हैं, डालते हैं एक नजर..

लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश

लोअर सबआर्डिनेट ख्009 वेकेंसी के नतीजे अभी तक फाइनल नहीं हो सके हैं. प्रतियोगी छात्रों के दबाव बनाने पर पिछले दिनों मेंस का रिजल्ट घोषित किया गया और अब इंटरव्यू शुरू हुआ है. इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही फाइनल रिजल्ट आने की संभावना बनेगी. बता दें कि पीसीएस के बाद कमीशन की यह बड़ी भर्ती परीक्षाओं में एक है.

लोअर सबआर्डिनेट ख्0क्फ्

इस परीक्षा का अभी तक सिर्फ प्री का रिजल्ट आया है. मेंस का एग्जाम कब से होगा, अभी तक इसका कुछ अता पता नहीं है.

पीसीएस (जे) मेंस ख्0क्फ्

इसका परिणाम अभी पेंडिंग है. बता दें कि इस परीक्षा के प्री एग्जाम में गलत सवालों को लेकर बवाल खड़ा हुआ था. आयोग ने गलती स्वीकार नहीं की तो प्रतियोगी छात्र कोर्ट चले गए. कोर्ट के आदेश पर क्भ् सवालों में जनरल मार्किंग का आदेश दिया गया. इसके बाद मेंस परीक्षा आयोजित हुई.

आरओ-एआरओ ख्0क्फ्

लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश की तीसरी बड़ी रिक्रूटमेंट ड्राइव आरओ-एआरओ नियुक्ति के लिए विज्ञापन पिछले साल घोषित किया गया था. पिछले साल ही प्री परीक्षा आयोजित भी हुई. इसके बाद से सन्नाटा है. मेंस कब होगा? इसका कोई शिड्यूल जारी नहीं किया गया है. अभी तक प्री परीक्षा की मार्कशीट भी नहीं जारी की गई.

सात महीने बाद भी नियुक्तियां घोषित नहीं

लोक सेवा आयोग प्रत्येक वर्ष पीसीएस, लोअर सब आर्डिनेट, पीसीएस जे और आरओ-एआरओ का विज्ञापन जारी करता है. पीसीएस को छोड़ दिया जाय तो आधा साल बीतने के बाद भी अभी तक किसी का विज्ञापन ही जारी नहीं किया गया है.

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग

प्रिंसिपल भर्ती ख्008

आयोग ने डिग्री कॉलेजेज में प्रिंसिपल्स की भर्ती के लिए नियुक्तियां ख्008 में फ्ख् और फिर भ्0भ् पदों के लिए घोषित की थी. आज तक इन्हें फाइनल नहीं किया जा सका है.

प्रवक्ता भर्ती ख्0क्0

कमीशन ने वर्ष ख्0क्0 में भ्ब्म् पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था. नियुक्ति डिग्री कॉलेजेज में रिक्त लेक्चरर के पद पर होनी थी. आज तक इसका भी कुछ हला-भला नहीं हो सका है.

असिस्टेंट प्रोफेसर ख्0क्फ्

हायर एजुकेशन सर्विस कमीशन ने ख्0क्ब् में क्म्भ्ख् पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था. असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर होने वाली नियुक्तियों के लिए आवेदन भी मांग लिए गए हैं. लेकिन इसके बाद से आयोग की चाल मंद पड़ चुकी है.

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड

टीजीटी-पीजीटी ख्0क्क्-ख्0क्फ्

बोर्ड ने वर्ष ख्0क्क् में टीजीटी-पीजीटी की वेकेंसी घोषित की थी. इस प्रॉसेस के तहत माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता के रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी थी. पांच साल बीतने को हैं और आज तक फॉर्म जमा करवाने से एक कदम भी आगे बोर्ड नहीं बढ़ा है. यही हाल ख्0क्फ् में इसी पद के लिए आई वेकेंसी का है. परीक्षा जल्द से जल्द आयोजित कराने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र बोर्ड के दफ्तर पर दर्जनो बार प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन साल्यूशन नहीं मिला.

प्रिंसिपल भर्ती ख्0क्क्

बोर्ड ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रिंसिपल पद पर नियुक्ति के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया इसी महीने शुरू की. लेकिन, प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही ऐसा बवंडर खड़ा हुआ कि इसे एक बार फिर से टाल दिया गया है.

मॉडल स्कूलों का क्या होगा

प्रदेश सरकार ने केन्द्रिय विद्यालयों की तर्ज पर यूपी में मॉडल विद्यालय डेवलप करने की घोषणा की है. प्रदेश भर में बनने वाले क्9ब् विद्यालयों में टीचर्स की नियुक्ति भी बोर्ड को ही करनी है. जबरदस्त अंदरूनी कलह से जूझ रहा बोर्ड निर्धारित समय के भीतर नियुक्तियां कैसे पूरी कर पाएगा? यह खुद में एक सवाल है.

एसएससी

प्रतियोगी छात्रों का बीपी बढ़ाकर रखने में एसएससी भी कहीं से पीछे नहीं है. सीजेएल री एग्जाम ख्0क्फ् का रिजल्ट अभी भी पेंडिग हैं. खास बात तो यह है कि सीजीएल ख्0क्ब् परीक्षा की डेट भी अभी घोषित नहीं गई है.

अब आ गया अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड

यूपी गवर्नमेंट ने इसे समूग ग और घ की भर्तियां करने के लिए अथराइज्ड किया है. इसी महीने इसके गठन को औपचारिक मंजूरी मिली है. हालांकि इस संस्था की तरफ से अभी तक किसी भी नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी नहीं किया गया है लेकिन गवर्नमेंट की तरफ से जो संकेत मिले हैं उसके मुताबिक आने वाले एक साल के भीतर बोर्ड पांच लाख से अधिक नियुक्तियां करेगा. स्टेट कैबिनेट इसके गठन की मंजूरी दे चुका है.

Thursday, July 31, 2014

viral fever creating trouble

बारिश कम होने और फिजा में नमी बढ़ने से वायरस पहले से ज्यादा खतरनाक हो चले हैं. उनका नेचर चेंज हो जाने से वायरल इंफेक्शन के लक्षण भी बदल गए हैं. हालत ये है कि मरीज कन्फ्यूजन का शिकार होकर मलेरिया की जांच करा रहे हैं. और तो और, डॉक्टर भी सहूलियत के चलते जांच की सलाह दे रहे हैं. इसके साथ ही फीवर की मियाद भी बढ़ गई है, जिसके चलते मरीजों को ठीक होने में लंबा समय लग रहा है.

डॉक्टर साहब, ठंड क्यों लग रही है

आमतौर पर मौसम में लगातार चेंज होने पर लोग वायरल फीवर के शिकार हो जाते हैं. इसमें उन्हें तीन से पांच दिन तक फीवर और बदन दर्द होता है. हालांकि, आजकल होने वाले फीवर में ऐसा नहीं है. फीवर आ रहा है और वह भी तेज ठंड के साथ. वह भी रात में. कुछ ऐसा ही लक्षण मलेरिया का भी होता है. चूंकि, बारिश हो रही है और जगह-जगह जलभराव के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. इसलिए लोग ठंड और फीवर के एक साथ होने पर फटाफट मलेरिया की जांच करा रहे हैं. जांच रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आने पर वह किसी और बीमारी की आशंका में ज्यादा टेंशन में आ जा रहे हैं.

ज्यादा डेंजरस हो गए हैं वायरस

डॉक्टर्स का भी मानना है कि भरपूर बारिश नहीं होने से उमस बढ़ गई है और यह मौसम वायरल इंफेक्शन के लिए अनुकूल है. इस मौसम में काफी स्ट्रांग हो गए हैं और अपना नेचर भी चेंज कर रहे हैं. इसी के चलते वायरल फीवर में लोगों को तेज ठंड लग रही है. इतना ही नहीं, वायरल फीवर की मियाद भी बढ़ गई है. एक बार चपेट में आने के बाद मरीज को ठीक होने में सात से आठ दिन लग रहे हैं. दवाएं भी बहुत ज्यादा इफेक्टिव साबित नहीं हो रही हैं.

पहले भी हो चुका है ऐसा

कुछ साल पहले भी ऐसा ही कन्फ्यूजन भरा वायरल इंफेक्शन फैल चुका है. जिसे डॉक्टर्स ने टाइफो मलेरिया का नाम दिया था. डॉक्टर्स का कहना है कि इस फीवर में मरीज मलेरिया की जांच कराते थे और रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आने पर संतुष्ट हो जाते थे. लापरवाही में प्रॉपर मेडिसिन नहीं लेने पर टाइफाइड उन्हें अपनी चपेट में ले लेता था. अधिक प्रकोप बढ़ने पर इसका नाम टाइफो मलेरिया रख दिया गया था.

क्या हैं दोनों के लक्षण

वायरल फीवर मलेरिया

फीवर (लगातारर) फीवर (रुक-रुक कर आना)

रात में ठंड लगना रात में ठंड लगना

सिरदर्द व बदन दर्द सिरदर्द व बदन दर्द

उल्टी और तेज फीवर आने पर प्लेटलेट्स कम हो जाना

- इस मौसम में वायरल फीवर और मलेरिया दोनों के चांसेज अधिक होते हैं. ठंड के साथ फीवर आने पर मलेरिया की जांच एहतियात के तौर पर कराई जाती है. दोनों बीमारियों में लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है.

डॉॅ. ओपी त्रिपाठी, सीनियर फिजीशियन

- मौसम में चेंजिंग के चलते वायरस काफी स्ट्रांग हो गए हैं. यही रीजन है कि वायरल इंफेक्शन में फीवर, ठंड लगना, तेज सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं. खासतौर से बच्चों को बचाकर रखना जरूरी है.

डॉ. मनीष चौरसिया, चाइल्ड स्पेशलिस्ट

Wednesday, July 30, 2014

Student leader celebrated vc resignation

 कुलपति के इस्तीफे की खुशी में छात्रों ने छात्रसंघ भवन पर शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यापर्ण करके खुशी मनाई. जिसमें अमरेन्दु सिंह, श्याम प्रकाश पांडेय, अम्बुज मिश्रा, चन्द्रजीत यादव, शेष नारायण ओझा, रजनीश सिंह, दीप सिंह, राघवेन्द्र यादव आदि शामिल रहे.

ये तो मझधार में ही फंसे रह गए

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज कर्मचारी यूनियन की हड़ताल ट्यूजडे को भी जारी रही. इस दौरान हड़ताली कर्मचारी वीसी के अचानक इस्तीफा देने के बाद सकते में दिखे और अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए पशोपेश में पड़े रहे. कर्मचारियों ने सांसद केशन प्रसाद मौर्य से मिलकर उन्हें पूरी स्थिति से अवगत करवाया. जिसमें कानन दास गुप्ता, अम्बरीश लाल गौड़, केके घोष आदि शामिल रहे. 

Tuesday, July 29, 2014

Protest continue against csat

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) की आईएएसस और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीपीएससी) की पीसीएस प्री परीक्षा से सीसैट को हटाने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा. प्रतियोगियों ने अपने गुस्से का इजहार करते हुए मंडे को जगह जगह प्रदर्शन किया.

फ्0 को घेरेंगे आयोग कार्यालय

भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के बैनर तले प्रतियोगियों ने आगामी पीसीएस परीक्षा को स्थगित किए जाने की मांग को लेकर लल्ला चुंगी चौराहे पर एडमिट कार्ड जलाकर प्रदर्शन किया. मोर्चा सदस्य फ्0 जुलाई को सीसैट के विरोध में यूपीपीएससी का घेराव करेंगे. प्रदर्शन में कौशल सिंह, सुधीर सिंह, कुंवर साहब सिंह, सीताराम यादव, अभिषेक पांडेय, आनन्द प्रकाश चन्द आदि शामिल रहे.

दूसरे दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों ने हिन्दू हास्टल के सामने स्थित मालवीय प्रतिमा के नीचे अपना क्रमिक अनशन लगातार दूसरे दिन भी जारी रखा. यहां से छात्र अपनी मांगों को लेकर लोक सेवा आयोग कार्यालय गए. वहां जाकर उन्होंने आयोग के चेयरमैन अनिल यादव को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. क्रमिक अनशन पर बैठे विश्व प्रताप सिंह, राज सिंह, आदित्य राय, विवेक कुमार सिंह और आनंद कुमार सिंह ने चेतावनी दी कि यदि पीसीएस से सीसैट नहीं हटा तो वे तीन अगस्त को होने वाली परीक्षा को बाधित करेंगे.

छात्रों ने निकाली चेयरमैन की प्रतीकात्मक कर्मकांडी यात्रा

छात्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले छात्रों ने सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे पर यूपीएससी के चेयरमैन डीपी अग्रवाल की प्रतीकात्मक कर्ममांडी यात्रा निकाली और पीपल के पेड़ के नीचे मिट्टी का घड़ा बांधकर सीसैट को पूरी तरह से समाप्त करने की शपथ ली. इस दौरान श्रीशचन्द्र दूबे, जितेश मिश्रा, शशिकांत तिवारी, विजय मिश्रा, अविनाश दूबे, हसीब अहमद आदि मौजूद रहे.

क्रमिक अनशन के लिए कसी कमर

छात्र युवा संघर्ष समिति ने भी सीसैट के विरोध में ट्यूजडे मार्निग से सुभाष चौराहे पर क्रमिक अनशन शुरू करने का निर्णय लिया है. अनशन को सफल बनाने के लिए हुई बैठक में छात्रों ने परीक्षा कैंसिल होने तक आन्दोलन जारी रखने का निर्णय लिया है. संजय पांडेय प्रचंड, रविशंकर सिंह, सर्वेश यादव, अजय कुमार राव, रत्नाकर त्रिपाठी, धीरज तिवारी आदि मौजूद रहे. 

Wednesday, July 23, 2014

Strike declared illegal

कर्मचारी अपनी जिद पर अड़े हैं तो एयू प्रशासन भी सख्त है. कोई झुकने को तैयार नहीं है. नतीजा यह कि कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की आंच वेडनेसडे को प्रवेश प्रक्रिया तक पहुंच गई. सीएमपी ने हड़ताल के समर्थन में वेडनेसडे को कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है. उधर एयू के रजिस्ट्रार ने कहा है कि थर्सडे से हड़ताल अवैध मानी जाएगी. इस दशा में थर्सडे से नो वर्क नो पे की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.
रुकवा दिया प्रवेश कार्य

यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कॉलेजेस में चल रही हड़ताल के क्रम में वेडनसडे को कॉलेजेस में चल रहे प्रवेश कार्य को स्थगित कर दिया गया. कॉलेज के कर्मचारियों ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एंड कॉलेजेस कर्मचारी यूनियन की अगुवाई में सभी जगहों पर जाकर प्रवेश कार्य को रुकवा दिया. इम्प्लाईज के विरोध को देखते हुए सीएमपी डिग्री कॉलेज ने अपने यहां प्रवेश कार्य को अग्रिम सूचना तक के लिए स्थगित कर दिया है. हालांकि, अभी भी ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज, राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय जैसे कॉलेज ने आगे भी प्रवेश कार्य जारी रखने का निर्णय लिया है.

एयू इम्प्लाईज ने खारिज किया पत्र
उधर, कॉलेजेस की तरह ही इलाहाबाद यूनिवर्सिटी शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी लगातार चौदहवें दिन यूनिवर्सिटी में अपनी हड़ताल जारी रखी. परिषद के इम्प्लाईज उस समय आक्रोशित हो उठे जब एयू एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से एक पत्र मिला. इस पत्र में कर्मचारियों की हड़ताल को अवैध ठहरा दिया गया है. कर्मचारियों ने पलटवार करते हुए हड़ताल को अवैध ठहराए जाने की निंदा की. वेडनसडे को कर्मचारियों के समर्थन में बिहार के पूर्व विधायक अनिल कुमार सिंह और राष्ट्रीय मजदूर संगठन की डॉ. नीतू सिंह भी पहुंची. प्रदर्शन में डॉ. संतोष सहाय, मुश्ताक अहमद, अशर्फी लाल गौड़, छोटे लाल मौर्य आदि शामिल रहे.
समायोजन, प्रमोशन में कई बाधाएं

उधर, कर्मचारियों के प्रदर्शन के बीच शाम को हुई एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रोफेसर बीपी सिंह ने कहा कि यदि कर्मचारी अपने आंदोलन को समाप्त नहीं करते तो उनकी हड़ताल थर्सडे से अवैध मानी जाएगी. साथ ही नो वर्क नो पे का नियम लागू किया जाएगा. उन्होंने कर्मचारियों की किसी भी मांग को तुरंत पूरा किए जाने पर विवशता जाहिर करते हुए कहा कि इसमें कई विधिक बाधाएं हैं. इसमें सबसे बड़ा रोड़ा रिक्रूटमेंट रूल के मुताबिक कर्मचारियों की नियुक्ति न होना भी शामिल है. उन्होंने संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को बाहर किए जाने के भी संकेत दिए.

पत्रकार वार्ता में ही हंगामा
रजिस्ट्रार की पत्रकार वार्ता के बीच ही स्टूडेंट्स का एक ग्रुप पहुंच गया और मौके पर जमकर हंगामा काटा. छात्र इस बात को लेकर नाराज थे कि रजिस्ट्रार एयू कैम्पस में स्थित कार्यालय में आकर समस्या का समाधान निकालने की बजाय अपनी मनमानी कर रहे हैं. उधर, लगातार तीसरे दिन वाइस चांसलर आफिस पर अम्बुज मिश्र, अभय सिंह एवं विवेक वर्मा का अनशन जारी रहा.


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Crazt youth climbed on yamuna pull

ट्यूजडे को मौसम बार-बार करवट बदल रहा था. कभी सुहाना मौसम तो कभी हल्की सी धूप. इस मौसम में कई प्रेमी युगल नैनी पुल पर मौसम का लुफ्त उठाने पहुंच गए. दोपहर के ढाई बज रहे थे. अचानक एक युवती अपने ब्वॉयफ्रेंड से बात करते-करते रोने लगी. वह पुल के किनारे पहुंच गई. युवती को पुल की रेलिंग की तरफ जाते देखकर गार्ड उसके पास पहुंच गया. उसे लगा कि कहीं युवती छलांग न लगा दे. युवती ने तो कुछ नहीं किया. लेकिन, उसके फ्रेंड ने वह कर दिया जो आज तक किसी ने नहीं किया था. वह दौड़ता हुआ पुल के रेलिंग पर चढ़ता चला गया.

हर कोई हैरान रह गया

हैंडिंग पुल के बेस पिलर का ऊपरी हिस्सा करीब डेढ़ सौ फिट ऊंचा है. इस पर चढ़ने के लिए सीढ़ी बनी हुई है. सीढ़ी तक पहुंचने के लिए रेलिंग के बाहर जाना पड़ता है. गार्ड के पहुंचने से पहले ही युवक रेलिंग से कूदकर उस स्थान पर पहुंच गया जहां से वह सीढि़यां चढ़ सकता था. जब तक लोगों को कुछ समझ में आता वह पुल के पिलर के ऊपरी हिस्से पर पहुंच गया. यह देखकर पुल की सुरक्षा में लगे गार्ड भी सन्नाटे में आ गए क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ था.

फिल्मी स्टाइल में किया ड्रामा

वैसे तो एक पिलर की लम्बाई ख्म्0 मीटर है. लेकिन, पुल के ऊपर से भी पिलर की लम्बाई डेढ सौ मीटर के आसपास है. इतना ऊपर पहुंच कर युवक खुशी से झूमने लगा. उसने मूवी के किसी एक्टर की स्टाइल में अपना शर्ट उतार दिया. फिर सलमान खान की स्टाइल में वहीं से डांस करने लगा. तरह-तरह की हरकतें करते वहां मौजूद पब्लिक को इंटरटेन करने लगा. देखते ही देखते पुल पर उसकी हरकतें देखने वालों का मजमा लग गया और ट्रैफिक डिस्टर्ब होने लगा. इस पर किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दे दी.

पुलिस भी परेशान हो गई

पुल पर युवक के चढ़ने की जानकारी मिलते ही कीडगंज पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस भी उसकी हरकतें देखकर दंग थी. हर कोई उसे नीचे उतरने के लिए प्रयास करने लगा. लेकिन, न तो पुलिस वालों की बातें उसे सुनाई दे रही थी और न ही वह ऊपर से जो बोल रहा था वह नीचे खड़े पब्लिक को समझ में आ रहा था. देखने से सिर्फ यही लग रहा था कि वह मस्ती में चूर है.

पुलिस को उठाना पड़ा डंडा

पुल के पिलर से युवक को नीचे उतारना पुलिस के लिए चैलेंज बन गया. कुछ देर में वहां एएसपी देव रंजन भी पहुंच गए. पुलिस अब प्लानिंग करने लगी कि उस युवक को कैसे नीचे उतारा जाए. इस दौरान पुल पर पब्लिक का जमावड़ा लग गया. देखते ही देखते पूरे पुल पर रोड जाम की स्थिति बन गई. अब पब्लिक को कंट्रोल करना पुलिस के लिए चैलेंज बन गया. बार-बार समझाने के बाद भी कोई समझने वाला नहीं था. हर कोई अपनी गाड़ी पुल पर लगाकर मौज लेने लगा. इसके लिए बाद पुलिस ऑफिसर हरकत में आए और जगह खाली कराने के लिए डंडा दिखाने लगे. जब पुलिस का डंडा चला तब थोड़ा सा एरिया खाली हुआ.

मंगाया गया जाल

पुलिस उसे नीचे उतारने के लिए फायर ब्रिगेड को बुला ली. नेशनल हाईवे की टीम भी पहुंच गई. बड़ा जाल मंगा लिया गया ताकि अगर अगर वह कूदे तो बचाया जा सके. लेकिन, अब सवाल यह था कि कौन उतना ऊपर चढ़े और युवक को कंट्रोल करे. फायर ब्रिगेड की टीम ने असफल कोशिश की. पूरे मॉब का शोर शराबा देखकर वह भी बैकफुट पर आ गई और टीम वापस बैरंग लौट गई. कुछ ही देर में यह खबर न्यूज चैनलों की खुर्शियां बन चुकी थी. पुल से गुजरने वालों की बात छोडि़ए लोग मैसेज और टीवी देखकर पुल पर पहुंचने लगे थे. हर तरफ से भीड़ वहां पहुंचने लगी. कार, बाइक और लोग पैदल ही पुल पर पहुंच कर नजारा देखने में जुट गए. हर कोई उस लड़के को देखना चाहता था कि जो ऊपर से झांक रहा था. कभी वह डांस करता तो कभी एक्सरसाइज करते हुए नजर आता.

मोहल्ले से देखते रहे

नैनी पुल का टावर कई मोहल्ले से दिखता है. पुल पर युवक के चढ़े होने की जानकारी मिलते ही कीडगंज और बैरहना एरिया से लोग अपने अपने छतों पर चढ़ कर देखने लगे. हर कोई इसी सीन को देखना चाह रहा था. पुल के पिलर पर चढ़े होने के कारण युवक को देखना आसान हो गया था. वह दूर से ही नजर आ रहा था. यह देख लोग एक दूसरे को फोन करके भी बता रहे थे.

हर किसी ने कैद की तस्वीर

पुल पर युवक के चढ़ने की सीन को सिर्फ मीडिया वाले ही नहीं अपने कैमरे में कैद कर रहे थे बल्कि ढेर साले लोग अपना कैमरा लेकर वहां पहुंच गए. हर कोई युवक की हरकतें कैमरा में कैद कर रहा था. उससे ज्यादा लड़के और लड़कियां अपने मोबाइल में पूरी पिक्चर बना रहे थे. भीड़ देखकर युवक कभी कभी बाहर निकल रहा था और सबके सामने डिप्स मार रहा था.

किसी ने पागल तो किसी ने सनकी कहा

जिस तरह से युवक पुल के पिलर पर चढ़ कर ड्रामा कर रहा था उसे देख कर हर कोई अपने तरीके से उसे संबोधित करने में जुटा रहा. किसी ने उसे सनकी प्रेमी कहा तो कोई उसे पागल बोल रहा था. कुछ लोगों का कहना था कि वह आधा पागल है. कई बार कीडगंज एरिया में उसे देखा गया है.

हाथरस का रहने वाला युवक

और कोई रास्ता न सूझने पर कीडगंज पुलिस ने कुछ देर के लिए उसे अकेला छोड़ दिया. पुलिस को लगा कि शाम ढलने पर वह खुद नीचे उतरेगा. पुलिस का सोचना एकदम सही निकला. शाम को सवा छह बजे युवक अपने आप नीचे उतरा. वहां मौजूद कीडगंज पुलिस ने उसे तत्काल पकड़ लिया और पूछताछ के लिए थाने ले गई. युवक ने अपना नाम राज कुमार बताया. उसके पिता का नाम विष्णु सिंह है. वह हाथरस का रहने वाला है. कीडगंज एसओ ने बताया कि कुछ देर बाद वह जब रिलेक्स हो जाएगा तब फिर पूछताछ की जाएगी. क्रास चेक किया जाएगा कि वह कितना सच बोल रहा है.