Showing posts with label Patna Latest News. Show all posts
Showing posts with label Patna Latest News. Show all posts

Wednesday, September 10, 2014

Hindi diwas celebration

फणीश्वरनाथ रेणु हिन्दी भवन का निर्माण हिन्दी और उसकी सहयोगी भाषाओं के संव‌र्द्धन के लिए ख्00भ् में किया गया था. तत्कालीन सभापति प्रो. जाबिर हुसेन की बदौलत ही ये हो पाया. जाबिर हुसेन ने यहां से हिन्दी के विकास और संव‌र्द्धन की पूरी रूपरेखा बनायी थी, लेकिन जब नीतीश कुमार की सरकार आयी तो इसमें चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान खोल दिया गया. कहा गया कि दो-तीन साल में चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के लिए बिल्डिंग बन जाएगी और फिर संस्थान वहां चला जाएगा. लेकिन कई वर्ष बीत गए और फणीश्वर नाथ रेणु हिन्दी भवन में मैनेजमेंट की पढ़ाई होती रही. आई नेक्स्ट ने भी कई बार अपनी उस हिन्दी का सवाल उठाया जिसे हम हर रोज बोलते हैं. आई नेक्स्ट ने इसे हिन्दी की हकमारी का सवाल बनाया था. अब सरकार की संवेदना थोड़ा जागी है.

राजभाषा विभाग हिन्दी दिवस यहां मनाएगा

ये पहली बार होने जा रहा है कि मंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा) विभाग की ओर से क्ब् सितंबर को क्क् बजे, फणीश्वनाथ रेणु हिन्दी भवन सभागार में हिन्दी दिवस मनाया जाएगा. इसका उद्घाटन शिक्षा मंत्री वृषिण पटेल करेंगे. समारोह की अध्यक्षता डॉ. सियाराम तिवारी एक्स प्रोफेसेर विश्व भारती, शांति निकेतन करेंगे.

ये महागठबंधन का असर तो नहीं

अब जब जीतन राम मांझी की सरकार है और महागठबंधन में जेडीयू के साथ आरजेडी और कांग्रेस भी शामिल है और सरकार में आरजेडी को भी शामिल करने की अटकलें तेज हैं तो हिन्दी भवन की याद सरकार को हिन्दी के लिए आयी है.

लेकिन कब मुक्त होगा हिन्दी भवन

हिन्दी दिवस का आयोजन तो फणीश्वनाथ रेणु हिन्दी भवन में हो रहा है पर ये सवाल अब भी कायम है कि चंद्रगुप्त मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट को यहां से कब उसके भवन में या अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा और हिन्दी भवन को बेडि़यों से मुक्त किया जाएगा. यह भी चर्चा है कि सरकार यहां कलेक्टेरिएट के कुछ पोर्सन को ले जाने वाली है.

Friday, September 5, 2014

Hema was not raped by any man

आठ साल की हेमा को काफी बेरहमी से गला दबाकर मारा गया है. मासूम की गला को इतना जोर से दबाया गया कि आगे तक बाहर निकलने लगी थी. उसके साथ रेप नहीं हुआ. यह सारी कहानी उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बयां करती है, जो गुरुवार को पटना पुलिस के हाथ आई. उसके स्पाइनल कोर्ट में भी गंभीर चोट है. जैसे मानो ऊपर से फेंका गया हो. वह सिर के बल ही नीचे गिरी थी, नाले के पानी में सिर्फ उसका पैर ही दिख रहा था, जिसे लोगों ने देखकर पुलिस को खबर किया था और लाश बरामद की गई थी. अब पुलिस को इस बात का शक खत्म हो गया कि उसकी किडनैपिंग गंदी नीयत से रेप करने के लिए उठाया गया था. अब पुलिस आपसी दुश्मनी या फिर किसी पुरानी रंजिश को लेकर मामले की छानबीन में लग गई है. जमीन विवाद या फिर किसी पुरानी लड़ाई या झगड़े को लेकर ही छोटी बच्ची को निशाना बनाया जा सकता है. परिवार की हैसियत भी इतनी बड़ी नहीं कि फिरौती के लिए उसे किडनैप किया जाता. हेमा के पिता इलेक्ट्रिक बोर्ड बनाने का काम करते हैं. हां, एक जमीन विवाद जरूर चल रहा है.

करीबी और पहचान वाले पर ध्यान

अब हेमा मामले की छानबीन में पुलिस किसी पहचान वाले और करीबी पर ही नजर रख रही है. लड़कों को अगमकुआं तक कौन ले गया, इस सवाल का जबाब कातिल तक पहुंचा सकता है. यही सोचकर पुलिस अब इंवेस्टिेगशन कर रही है. हेमा के घर और उसके आसपास के कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है. वैसे हेमा का कातिल वही हो सकता है, जो पीरमुहानी एरिया से तो पूरी तरह वाकिफ हो ही साथ ही साथ वह अगमकुआं के जनता फ्लैट एरिया की भी पूरी जानकारी रखता हो या फिर उसका कोई रिश्तेदार उस इलाके में रहता हो. पुलिस का दावा है कि वह अपना काम कर रही है और जल्द ही इसमें कुछ लीड मिलेगी. कई लेवल पर पुलिस की स्पेशल टीम काम कर रही है. सीनियर एसपी मनु महाराज ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह क्लीयर हो गया कि उसके साथ रेप नहीं हुआ है. कोई पहचान वाला इस कांड में शामिल हो सकता है, मगर अबतक उसतक पुलिस पहुंच नहीं पाई है.

Wednesday, September 3, 2014

Highcourt wans to patna nagar nigam on tuesday

 एक बार फिर नगर निगम को उसकी लापरवाही के लिए हाईकोर्ट ने फटकार लगायी है. एक बार फिर से हाईकोर्ट के वकील ने कमिश्नर पर आरोप लगाया है कि इन्होंने सही तरीके से नाला की सफाई नहीं करवाई है, जिससे आज तक शहर का पानी बाहर नहीं निकल पाया है. शहर की कंडीशन ठीक नहीं है. हर तरफ गंदगी और पानी का अंबार लगा हुआ है. संप हाउस से पानी नहीं निकल पा रहा है. इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस बीएन सिन्हा और जस्टिस पीके झा की खंडपीठ ने कहा कि बाकी राजधानी की तुलना में पटना सबसे गंदी राजधानी है. यहां चलने तक पर आफत मचा हुआ है. निगम की लापरवाही का यह नतीजा है कि कचरा और जलजमाव दोनों से पटना को दो चार होना पड़ रहा है.

अंडरग्राउंड नालों की नहीं हो रही सफाई

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान निगम पर यह भी आरोप लगा कि अंडरग्राउंड नाला की सफाई नहीं हो पा रही है. इस वजह से हर एरिया में पानी जम जाता है और निकाल पाना मुश्किल भरा काम होता है. बोरिंग रोड सहित अधिकांश एरिया में बने अंडरग्राउंड नालों की सफाई पर निगम ध्यान नहीं देता है. इस पर हाईकोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिया कि नालों की स्थिति ठीक करने के लिए सरकार से बात कर उसे जल्द ठीक करवाए.

हाईकोर्ट के जस्टिस देखेंगे संप हाउस

नालों की सफाई और संप हाउस की हालत का जायजा और निरीक्षण अब खुद हाईकोर्ट के जस्टिस बीएन सिन्हा और जस्टिस पीके झा करेंगे. इसके लिए शनिवार छह सितंबर सुबह सात बजे का टाइम फिक्स किया गया है. जोगीपुर संप हाउस के निरीक्षण के बाद आगे किसी भी तरह का फैसला लिया जाएगा. जलजमाव को लेकर लगातार नगर निगम पर हाईकोर्ट सख्त हो रही है और जलजमाव को दूर करने में लगातार निगम फिसड्डी साबित हो रहा है. जानकारी हो कि हर अंचल की ओर से वकीलों ने पीआईएल कर रखा है. इसके बाद हाईकोर्ट निगम कमिश्नर को बुलाकर उसकी अपडेट जानकारी ले रही है.

पब्लिक ने भी कहा, लापरवाही से गंदा बन रहा शहर

- प्रोपर टाइम पर कभी भी किसी भी एरिया में सफाई नहीं होती.

- कचरा फेंकने वालों पर कोई सख्त कानून बनाने में हैं फिसड्डी.

- करोड़ों की राशि के बाद भी कचरा प्रबंधन पर कोई काम शुरु भी नहीं हो पाया है.

- नाला, मेन होल, कैचपिट की सफाई ठीक से नहीं हो पाता है.

- निगम शहर में हो रही कंस्ट्रक्शन पर ध्यान नहीं दे रहा, इस वजह से नाला ढंकते जा रहा है.

- ट्रीटमेंट प्लांट ठीक नहीं होने और मशीन ठीक से काम नहीं करने की वजह से गंदा पानी भी शहर में ही रह जाता है.

- बारिश के पानी को दूर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम पर कोई काम नहीं हो पाया है.

शुक्रवार तक देना होगा सेक्रेटरी से मिलकर रिपोर्ट

हाईकोर्ट ने निगम कमिश्नर को कहा कि वो गवर्नमेंट और सेक्रेटरी लेवल पर बैठकर फंड जेनरेशन और एक ऐसा प्लान लेकर आए, जिससे यह पता चले कि आने वाले सालों में पटना में जलजमाव नहीं होगा. वहीं, हाईकोर्ट के सामने निगम कमिश्नर जलजमाव वाले एरिया के तस्वीरों के साथ आए और बताया कि जिस एरिया में ड्रेनेज नहीं है, उसी एरिया में इस तरह की परेशानी दिख रही है. 

 
 

Saturday, August 30, 2014

Sex racket in city

 बजरंगपुरी एरिया में सेक्स रैकेट चलाने का एक मामला सामने आया है. कस्टमर्स को लुभाने के लिए इसकी संचालिका अपनी क्क् साल की बेटी का इस्तेमाल कर रही थी. कस्टमर के घर में आते ही संचालिका और उसकी सहयोगी सेक्स करती थी. रैकेट के जरिए संचालिका डेली क्0 से क्भ् हजार रुपए की कमाई कर रही थी. सेक्स रैकेट का खुलासा आलमगंज थाने की पुलिस ने शुक्रवार को रेड कर किया. मौके से पुलिस ने रैकेट की संचालिका समेत दो महिलाओं को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा, जबकि पुलिस के आने की भनक लगते ही पीछे के दरवाजे से तीन कस्टमर फरार हो गए. ये सेक्स रैकेट किराए के घर में काफी दिनों से चल रहा था. दरअसल एसएसपी मनु महाराज को सेक्स रैकेट के बारे में गुप्त इंफॉरमेशन मिली थी. इसके बाद पटना सिटी के एसडीपीओ राजेश कुमार की अगुआई में आलमगंज थाने की पुलिस ने कार्रवाई की. रेड के पहले घर के बाहर सादे लिवास में कुछ पुलिस वालों को लगाया गया था. रेड के दौरान पुलिस टीम ने मौके से ब् हजार 9फ्0 रुपए, कंडोम के क्ख् पैकेट, यूज किए गए कंडोम के क्0 पैकेट, शराब की बोतल सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद किया.

दो महीने से चल रहा था रैकेट

पुलिस टीम ने बजरंगपुरी में रहने वाले हरदेव पंडित के घर में रेड किया. जहानाबाद की रहने वाली पिंकी (बदला हुआ नाम) ने घर को पिछले दो महीने से किराए पर ले रखा था. किराए पर घर लेने के बाद से उसने सेक्स रैकेट चलाना शुरू कर दिया. रकैट चलाने में पुलिस के हाथ आई खुशी (बदला हुआ नाम) पिंकी की हेल्प करती थी. पिछले दो महीने से दोनों मिलकर रैकेट चला रही थी. घर में डेली फ्-ब् कस्टमर्स का आना-जाना होता था. जिनसे एक से डेढ़ हजार रुपए वसूले जाते थे.

आंगनबाड़ी सेविका है संचालिका

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब संचालिका पिंकी और खुशी से पूछताछ की तो दोनों ने सच्चाई उगलनी शुरू कर दी. पुलिस के अनुसार दोनों महिलाएं जहानाबाद की रहने वाली हैं. दोनों के हसबैंड और फैमली वहीं रहती हैं. रैकेट की संचालिका पिंकी देवी जहानाबाद के एक आंगनबाड़ी में सेविका है. कम रुपए मिलने के कारण उसने सेक्स रैकेट का धंधा शुरू किया. वहीं, खुशी ने बताया कि कुछ महीने पहले उसकी मुलाकात पिंकी से हुई. खुशी पहले घरों में दाई का वर्क करती थी. पिंकी ने उसे इस काम के बारे में बताया और इससे होने वाले मुनाफे का लालच दिया. इसके बाद से वह रैकेट चलाने में दोनों एक साथ हो गई.

मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर

पुलिस ने मकान मालिक हरदेव पंडित के खिलाफ आलमगंज थाने में एफआईआर दर्ज किया है. एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि हरदेव पंडित को सेक्स रैकेट के बारे में पहले से पता था. दोनों महिलाओं से वह अपना हिस्सा लिया करता था. पूछताछ में दोनों महिलाओं ने इसका खुलासा किया है. फिलहाल वह फरार चल रहा है. दोनों महिलाओं को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी. 

Friday, August 22, 2014

Stranded passengers in the jam

एनएच-58 पर भाकियू के जाम के दौरान दोनों ओर रोडवेज बसों की लाइन लग गई. भाकियू कार्यकर्ताओं के 11 बजे जाम के बाद करीब सात बसें फस गई. उनमें सवार महिलाएं पुलिस से जानकारी लेती रही कि आखिर कब तक जाम खुलेगा. भीषण गर्मी में महिला यात्रियों के साथ-साथ छोटे बच्चे प्यास के मारे बिलबिलाए. यात्रियों ने आसपास की दुकानों से पानी व कोल्ड ड्रिंक की बोलते खरीदी, लेकिन बस में घंटों तक नहीं बैठ सके. करीब ढ़ाई घंटे से अधिक यात्री जाम में परेशान रहे.

तेज धूप में किसानों की हिम्मत

तपती दुपहरी व गर्म सड़क पर ढ़ाई घंटे से अधिक बैठे रहने की किसानों में हिम्मत थी. आसपास दुकानों पर बैठे लोगों ने कहा कि धूप में ओर कोई इतने अधिक समय तक बैठ नहीं सकता. किसानों में धूप में रहकर काम करने की आदत है. 85 वर्षीय इलम सिंह के जोश को देख अन्य किसान भी धूप में डटे रहे.

वाहन चालकों की नोंकझोंक

जाम के दौरान दो पहिया वाहन वाले इधर-उधर से निकलने लगे. कई बार भाकियू कार्यकर्ताओं की दो पहिया चालकों से नोकझोंक हुई लेकिन वहां तैनात पुलिस ने मामले को शांत करा दिया.

एंबुलेंस व स्कूली बसें निकलवाई

भाकियू कार्यकर्ताओं ने जाम में फंसी एंबुलेंस व स्कूली बसों को तत्काल निकलवाया. उन्हें जाम में नहीं रूकने दिया. कार्यकर्ता इनकों निकलने में मुस्तैद दिखाई दिए. जाम में फसे सेना के दो ट्रकों को भी निकलवा दिया गया.

वीडियोग्राफी कराई

पुलिस ने जाम की वीडियोग्राफी कराई. एक दरोगा जाम के शुरू से आखिर तक वीडियोग्राफी करते रहे. जाम में मुजफ्फरनगर वाली सड़क दूर तक खाली नजर आई. एडीएम सिटी एसके दूबे के अलावा जाम में आसपास के कई थानों की पुलिस, आरएएफ, वज्र वाहन, फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौजूद रहे.

Thursday, August 21, 2014

website of ntpc hacked by criminals

शहर में इन दिनों साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे. वेबसाइट हैक करने वाले साइबर क्रिमिनल्स ने शहर के कई बड़ी संस्थानों की वेबसाइट हैक कर मनमाने तरीके से काम कर रहे है. राजधानी के बड़े होटल्स के रूम भी हैकर्स ने बुक करवा लिया. कई बार ऐसा होने के बाद पटना पुलिस के पास इसकी कम्प्लेन पहुंची. इसके बाद जब पुलिस ने एक्सप‌र्ट्स से जांच करवाई तो दर्जनों बड़ी संस्थानों की वेबसाइट में सुरक्षात्मक खामियां पाई गई. यही नहीं आठ संस्थानों के पासवर्ड हैक कर लिए गए.

तीन हजार से अधिक संस्थानों की हुई पड़ताल

पटना पुलिस को जब इस तरह की शिकायतें मिलने लगी तब चंडीगढ़ से कुछ एक्सप‌र्ट्स को बुलाया गया. इस इथिकल हैकर्स की मदद से पुलिस ने प्रतिष्ठित व्यवसायिक संस्थानों की फ्000 हजार वेबसाइट की जांच कराई. जो रिजल्ट आये वह चौंकाने वाले हैं. एनटीपीसी, मैरिज ब्यूरो सहित कुछ प्रोफेशन एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के वेबसाइट में सुरक्षा संबंधी खामियां मिले. सीनियर एसपी मनु महाराज ने बताया कि इन सभी संस्थानों को अलर्ट कर दिया गया है. साथ ही अपने-अपने वेबसाइट को रिकंस्ट्रेक्ट करने के लिए कया गया है.

चार अंकों का ही था पासवर्ड

जितने भी वेबसाइट को हैक किया गया उसे बनाने के दौरान ही कुछ खामियां रह गई थी. चार अंकों के पासवर्ड को आराम से तोड़ने में हैकर्स सफल हो गये. जितने भी वेबसाइट हैक किये गये उनके आईपी एडरेस नहीं मिलने के कारण हैकर्स को पकड़ा नहीं जा सका है. वैसे पुलिस का साइबर डिपार्टमेंट इनके पीछे लगा हुआ है.

तस्वीरों से भी छेड़छाड़

वेबसाइट हैक करने के बाद उनका लगातार दुरुपयोग हो रहा था. इसमें मौरिज ब्यूरो में आने वाली तस्वीरों से भी छेड़छाड़ की जा रही थी. इसके अलावा फर्जी तरीके से होटल्स के कमरे बुक कर उनका भुगतान और आवेदन रद्द करवाने सहित टेंडर की राशि में भी फेर-बदल कर देते थे. वेबसाइट हैक होने की वजह से यह भी पता चल जाता था कि किसने टेंडर में क्या रेट डाला है.

कंप्लेन मिलने के बाद जांच की गई जिसमें यह सारी चीजें पकड़ में आई है. सस्थानों को अलर्ट कर दिया गया है. आगे की इंवेस्टिगेशन जारी है.

मनु महाराज, सीनियर एसपी 

Wednesday, August 20, 2014

Mahila ne lagai aag

मंगलवार को भी एक महिला ने किरासन तेल डाल सुसाइड करने का प्रयास किया. महिला के शरीर का अधिकांश हिस्सा बुरी तरह से जल गया है. सुसाइड के प्रयास की ये वारदात आलमगंज थाना के नीम की भट्ठी एरिया की है. सुसाइड का प्रयास करने वाली महिला नीलम देवी ख्0 साल है. वारदात के ठीक पहले पति राजू यादव से उसकी किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था. इसके बाद नीलम काफी गुस्से में थी. किरासन तेल लेकर वह बाथरूम में चली गई जहां किरासन तेल शरीर पर डाल उसने खुद को आग लगा लिया. गौरतलब है कि सोमवार को शाह की इमली एरिया में मंजू देवी ने जेठानी से झगड़ा होने के बाद किरासन तेल डाल सुसाईड कर ली थी.

बचाने गया पति भी झुलसा

नीलम के आग लगा लेने की बात का पता चलते ही राजू उसे बचाने गया. वाइफ को बचाने के प्रयास में उठ रही आग की लपटों से राजू भी झुलस गया. शोर सुनने के बाद घर के बाकि के मेंबर और पड़ोसी मौके पर पहुंचे. घायल नीलम और राजू को ट्रीटमेंट के लिए एनएमसीएच में एडमिट कराया. दमराही घाट के रहने वाले सुरेश प्रसाद यादव की दूसरी बेटी नीलम की शादी करीब डेढ़ साल पहले राजू के साथ हुई थी. नीलम के जलने की खबर मिलते ही बाढ़ से हॉस्पीटल पहुंचे नीलम के बहन-बहनोई ने राजू पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया. फिलहाल आलमगंज थाने की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

Tuesday, August 19, 2014

Speed ne le li jaan

एनएच-फ्0 पर बने गड्ढे की वजह से एक मासूम की जान चली गई और दो लोगों की जान जाते-जाते बच गई. सोमवार को एनएच-फ्0 पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. इस हादसे से सबका दिल दहल उठा. हादसे की जगह बनी दीदारगंज थाना का सबलपुर एरिया. जहां गड्ढों में तब्दील एनएच पर एक बाइक फंस गई. बाइक पर बरबीघा के मेहुस एरिया के रहने वाले राजू विश्वकर्मा अपनी वाइफ ममता देवी व 7 साल की बेटी साक्षी को लेकर जा रहे थे. बारिश की वजह से एनएच पर गड्ढों में पानी भरा था, जो राजू को पता नहीं चला और बाइक गड्ढे में फंस गई. राजू बाइक को निकालने का प्रयास कर ही रहे थे कि पीछे से एक ट्रक (यूपी-म्भ्एच-क्09म्) ने धक्का मार दिया. इसमें साक्षी गड्ढे में गिर गई. ममता और राजू के सिर में जबरदस्त चोट लगी. वहीं भागने के चक्कर में ट्रक ड्राइवर ने गड्ढे में गिरी साक्षी को रौंद डाला जिसमें उसकी मौत हो गई जबकि राजू के बायें हाथ की हड्डियां टूट गई. घायल राजू और ममता को पीएमसीएच में एडमिट कराया गया और मासूम साक्षी के डेड बॉडी का पोस्टमाटर्म कराया गया.

ख् फीट गहरा था गड्ढा

राजू विश्वकर्मा की बाइक जिस गड्ढे में फंसी वह सबलपुर में जीवन मोती पेट्रोल पंप के ठीक सामने है. इसकी गहराई करीब ख् फीट है और काफी बड़ा है. बारिश के कारण गड्ढे में पानी भरा था. गड्ढे के लेफ्ट साइड में काफी जगह थी. ट्रक ड्राइवर चाहता तो वह साइड से गाड़ी निकाल सकता था.

ट्रक छोड़ भागे ड्राइवर और खलासी

धक्का मारने के बाद ड्राइवर तेजी से ट्रक को गड्ढे से निकाला और भागने लगा. इसी क्रम में उसने मासूम साक्षी को रौंदा. हादसे के दौरान सड़क के आसपास मौजूद लोकल पब्लिक ट्रक के पीछे भागी. पब्लिक के हाथ लगने के डर से ड्राइवर और खलासी टेढ़ी पुल के पहले ट्रक को सड़क पर छोड़ भाग गया. गुस्से में आयी लोकल पब्लिक ने ट्रक के टायर की हवा निकाल दी.

गार्ड ने दी इंफॉरमेशन

बेटी की मौत से ममता बदहवास हो चुकी थी. सिर में गहरी चोट लगने से उसका मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया. हादसे के बाद लोकल पब्लिक उसका नाम-पता पूछ रही थी, पर वह कुछ भी बता नहीं पा रही थी. पेट्रोल पंप के बगल में स्थित एक गोदाम के गार्ड ने काफी प्रयास के बाद बड़े भाई पवन का मोबाइल नंबर पता किया और कॉल कर इंफॉरमेशन दी.

राखी में आई थी मयके

ममता का मयके पटना के रामकृष्ण नगर के घाना कॉलोनी में है. हादसे की इंफॉरमेशन मिलते ही ममता के बड़े भाई पवन कुमार, छोटे भाई दीपक कुमार और मां लालमुनी देवी सहित फैमिली के कई लोग घटना स्थल पर पहुंचे. दीपक ने बताया कि राखी के मौके पर ममता मयके आई थी. बारिश के कारण फैमिली वालों ने उसे ससुराल नहीं जाने दिया. एक दिन पहले ही ममता को लेने राजू आये थे. सुबह करीब 9 बजे बाइक से राजू साक्षी और ममता को लेकर बरबीघा जाने के लिए निकले.

भ् घंटे ठप रहा परिचालन

सुबह करीब 9.फ्0 बजे हादसे के बाद सबलपुर की लोकल पब्लिक सड़क पर उतर आई. पब्लिक ने एनएच-फ्0 को जाम कर दिया. फतुहा से लेकर दीदारगंज ब्रिज तक गाडि़यों की लंबी लाइन लग गई. हादसे की इंफॉरमेशन मिलने के बाद दीदारगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस को भी लोकल पब्लिक के गुस्से का शिकार होना पड़ा. ममता के फैमिली वालों के साथ पब्लिक ने हादसे को अंजाम देने वाले ट्रक के ड्राइवर व खलासी को फांसी की सजा देने और एनएच के गड्ढों को भरने की मांग की. पुलिस या एडमिनिस्ट्रेशन का कोई भी बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. मुआवजा के तौर पर ख्क् हजार भ्00 रुपए ममता के फैमिली वालों को दिया गया. इसके बाद करीब ढाई बजे एनएच का जाम छूटा. पुलिस ने सामान से लदे ट्रक को जब्त कर लिया है.

Tuesday, August 12, 2014

Poor condition of surgery in pmch

पीएमसीएच के पेडियाट्रिक डिपार्टमेंट में पिछले पूरे एक साल में मात्र 24 मेजर सर्जरी हुई है, जबकि 47 माइनर सर्जरी हुई है. इस बात को विधानसभा में हेल्थ मिनिस्टर ने कहा था. इससे यह जाहिर होता है कि यहां किस प्रकार से काम किया जा रहा है. इस बात को यहां के सर्जरी डिपार्टमेंट के हेड डॉ जेपी गुप्ता भी स्वीकार करते हैं कि यहां बच्चों के लिए लिए स्पेशलाइज्ड ट्रेंड डॉक्टर्स की कमी है. अन्य डिपार्टमेंट में सर्जरी के लिए जेनरल सर्जन होते हैं और यहां भी जेनरल सर्जन ही काम कर रहे हैं.

चाहिए सुपर स्पेशलिस्ट की डिग्री

बच्चों की सर्जरी के लिए सुपर स्पेशलिस्ट की डिग्री हो तो सर्जरी आसान हो सकती है. इससे ऑपरेशन रेट भी अधिक होगा. इस पर्टिकुलर डिग्री का नाम है-मास्टर ऑफ चिरूरजिकल सर्जरी (Master of Chirurgical Surgery), लेकिन सोर्सेज बताते हैं कि यहां किसी भी डॉक्टर के पास यह डिग्री नहीं है. यही वजह है कि आए दिन कई प्रकार की प्राब्लम का सामना यहां के पेशेंट को करना पड़ता है.

इक्वीपमेंट की भी है दिक्कत

यहां इक्वीपमेंट की भी प्रॉब्लम है. यही वजह है कि यहां चाह कर भी मेजर सर्जरी कहीं और कराने पर मजबूर होना पड़ता है. सोर्सेज का कहना है कि यहां इक्वीपमेंट में वेंटिलेटर हैं तो पांच, लेकिन फंग्शन में दो ही काम लायक है. इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान टिशू होल्डर, आर्टियरीज हैमरेज से बचाने वाले इक्वीपमेंट की भी कमी है.

पेशेंट खूब लेकिन स्किल्ड डॉक्टर नहीं

स्टेट के बड़े गवर्नमेंट हॉस्पीटल होने के कारण इस पर पेशेंट का लोड प्राय: ज्यादा रहता है, लेकिन इसमें कमी के कारण क्रिटिकल केसेस में बच्चों की जान खतरे में आ जाती है. हाल ही में ख्फ् और ख्ब् जुलाई को पेडियाट्रिक इमरजेंसी में करीब ख्भ् बच्चों की मौत हो गई. इनमें हर प्रकार के केस शामिल थे. रिसोर्सेज की कमी और रिलेटेड एरिया में स्पेशलिस्ट नहीं होने के कारण बच्चों की सेहत का सवाल उठना लाजिमी है. यहां हर दिन म्0 से अधिक बच्चे ट्रीटमेंट के लिए आते हैं.
View :  Hindi ePaper

Friday, August 8, 2014

Tourits buses are dump in garage of bihra state transport corporation

पर्यटन डिपार्टमेंट अपनी स्पीड के लाख दावे करे, पर ग्राउंड लेवल पर स्टेयरिंग तक ठीक से घूम नहीं पा रही है. बसों में होने वाली मामूली खराबी तक को ठीक करने में फेल है डिपार्टमेंट. कई गाडि़यां एक साथ खराब होकर गैरेज में पड़ी हुई हैं. पिछले कई महीनों से एक साथ गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को जोड़ने की योजना अब तक ग्राउंड लेवल पर नहीं उतर पायी है. हालत यह हो गई कि इन जगहों की ट्रेवलिंग के लिए एक साथ 1.52 करोड़ की चार एसी बसों की खरीदारी की गयी थी, पर उसकी हालत भी जस की तस बनी हुई है. आज भी पटना से रांची के बीच ही मात्र वॉल्वो बस चल रही है.

गाडि़यों का पा‌र्ट्स तक नहीं आ पा रहा

दो वॉल्वो बस मामूली खराबी की वजह से अब तक बंद पड़ा हुआ है. इसमें से एक वॉल्वो बस महीनों से खराब पड़ा हुआ है. पटना-पूर्णिया के बीच चलने वाली वॉल्वो बस कई महीनों से खराब चल रही है. कब चलेगी, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है. चार एसी बस लंबी दूरी तय करने के लिए खरीदी गई थी, पर मामूली खराबी की वजह से यह गैराज में पड़ी हुई है. ड्राइवर ने बताया कि जब पा‌र्ट्स आएगा, तब आदेश के बाद गाडि़यों का परिचालन किया जाएगा.

बौद्ध सर्किट और जैन सर्किट में पर्यटक नहीं

गया, बोधगया, राजगीर, नालंदा, वैशाली, केसरिया के बीच बसों का परिचालन किया जाना था. इन जगहों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या भी अन्य जगहों की अपेक्षा अधिक रहती है, बावजूद इसके राजधानी से इसका कनेक्शन नहीं होने की वजह से पर्यटकों को काफी परेशानी का सामाना करना पड़ रहा है. हालत तो यह हो गई है कि अब तक तक पीपीपी मोड पर भी बस का परिचालन नहीं हो पाया है.

ब्लास्ट के बाद संख्या में आई कमी

बोधगया ब्लास्ट के बाद लगातार पर्यटकों की संख्या में कमी आती चली गई. पहले जहां पर्यटकों का फ्लो काफी हुआ करता था, वहीं बोधगया में हुए ब्लास्ट के बाद इसकी कमी आयी है. इसमें लोकल से लेकर फॉरेन पर्यटक तक शामिल हैं. इसके अलावा अन्य जगहों पर भी बस की सुविधा प्रोपर नहीं होने की वजह से पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

टूरिज्म फ्लो

इयर ख्0क्फ्

डोमेस्टिक - ख्,क्भ्,88,फ्0म्

फॉरेनर्स - 7,म्भ्,8फ्भ्

इयर ख्0क्ख्

डोमेस्टिक - ख्,क्ब्,ब्7,099

फॉरेनर्स - क्0,9म्,9फ्फ्

इयर ख्0क्क्

डोमेस्टिक - क्,7भ्,0म्,000

फॉरेनर्स - 9,7ख्,ब्87

इयर ख्0क्0

डोमेस्टिक - क्,भ्7,8म्,000

फॉरेनर्स - ब्,9क्,000

इयर ख्009

डोमेस्टिक - क्,भ्7,8ब्,म्79

फॉरेनर्स - ब्,ख्फ्,0ब्ख्

इयर ख्008

डोमेस्टिक - क्,क्8,89,म्क्क्

फॉरेनर्स - फ्,ब्भ्,भ्7ख्

इयर ख्007

डोमेस्टिक - क्,0फ्,भ्ख्,887

फॉरेनर्स - क्,77,फ्म्ख्

इयर ख्00म्

डोमेस्टिक - क्,0म्,70,ख्म्8

फॉरेनर्स - 9ब्,ब्ब्म्

इयर ख्00भ्

डोमेस्टिक - 8म्,87,ख्ख्0

फॉरेनर्स - म्फ्,फ्ख्क्

Friday, August 1, 2014

Dead body of man found in sugarcane field in daurala

थाना क्षेत्र के मवींमीरा निवासी युवक की हत्या कर शव को खेड़ी टप्पा-मवींमीरा मार्ग पर गन्ने के खेत में डाल दिया. युवक बुधवार से लापता था. पिटाई के दौरान युवक के गुप्तांग पर भी कई वार किए गए हैं.

मवींमीरा निवासी गुलफाम पुत्र मुमताज ने बताया कि उसका छोटा भाई गुलजार उर्फ सोनू (क्8) बुधवार सुबह घर से बिना बताए साइकिल लेकर निकला था. देर शाम तक सोनू के घर न पहुंचने पर उसकी तलाश शुरू की. इस दौरान उसकी साइकिल उसके चाचा याकूब के गन्ने के खेत में मिल गई. अनहोनी की आशंका के चलते परिजन रातभर उसकी तलाश करते रहे. गुरुवार सुबह खेड़ी टप्पा के प्रधान रविंद्र चौधरी ने पुलिस को खेड़ी-मवींमीरा मार्ग पर आजाद पुत्र जयपाल के खेत के किनारे युवक का शव पड़ा होने की सूचना दी. पुलिस शव को थाने ले आई, जहां गुलफाम ने अपनी पत्नी शकीला के साथ पहुंचकर उसकी शिनाख्त सोनू के रूप में की. मृतक के पिता ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

बेरहमी से पीटकर की गई हत्या

पुलिस के अनुसार, सोनू के गुप्तांग को डंडों से बुरी तरह पीटा गया है. चेहरे व शरीर पर भी पिटाई के निशान थे. हत्या के बाद शव को गन्ने के खेत में डाला गया है. वारदातस्थल से कार के टायरों के निशान मिले हैं.

अवैध संबधों के चलते

तो नहीं हुई हत्या?

वारदात के तरीके को देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि अवैध संबंध के चलते इसे अंजाम दिया गया है. माना जा रहा है कि प्रेमिका ने सोनू को कहीं मिलने के लिए बुलाया था, जहां युवती के परिजन भी पहुंच गए. सोनू के पिता व परिजन अवैध संबध की जानकारी से इन्कार कर रहे हैं.

हत्या में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस टीम को लगाया गया है. जल्द ही घटना में शामिल लोगों के चेहरे बेनकाब होंगे.

ब्रिजेश सिंह, सीओ दौराला 

Thursday, July 31, 2014

kushti competition organised at patna

खेल हो या पढ़ाई, हर कुछ उसके मकसद से इस कदर जुड़ गया है कि उसकी पहचान आर्थिक तौर पर नहीं तो वह कमजोर होता जाता है. बिहार में कबडड्ी का भी यही हाल है. यहां दर्जनों पहलवान सीनियर, जूनियर और सब जूनियर स्तर पर खेलते हैं, लेकिन इसकी परंपरा की धार कुंद सी हो गई है. शायद यही वजह है कि यहां इस खेल के प्रति जो क्रेज था वह कम हो गया है. इस खेल से जुड़े लोगों को कहना है कि खेल सिर्फ खेलने से नहीं, प्रोत्साहन और सम्मान की दरकार भी करता है. अगर यह नहीं तो खेलने का हौसला कब तक कायम रखा जा सकता है.

बिहार में कुश्ती का क्या है हाल

इन दिनों ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम में सुशील की सोने की चमक से हर इंडियन को गर्व है. उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय पहलवान के रूप में जाना जाता हैं, तो एक तरफ यह सवाल भी उठता है कि आखिर बिहार की समृद्ध परंपरा में रचा-बसा कुश्ती आज कहां है. इसका जबाव जानकर निराशा हुई. बिहार में केवल एक ही रेसिडेंशियल कुश्ती अखाड़ा बेतिया के बगहा में हैं, लेकिन यहां कोच की व्यवस्था ही नहीं है. इसके कारण सभी साधन होने के बावजूद खिलाड़ी सीख नहीं पाते हैं. बिहार कुश्ती संघ के सचिव कामेश्वर सिंह ने बताया कि इस बारे में जब खेल मंत्रालय को सूचित किया गया तो उन्होंने कोच की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है.

रोजगार से जोड़े बिना सुधार नहीं

बिहार कुश्ती संघ के सचिव कामेश्वर सिंह का कहना है कि यहां प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन सबसे बड़ी बाधा जॉब की है. हरियाणा या दिल्ली जैसा यहां खेल पॉलिसी नहीं है. अगर किसी को खेलने के बाद आगे कोई फ्यूचर नहीं दिखायी दे तो कैसे इस खेल से जुड़ाव होगा. यही वजह है कि बिहार में इस खेल की जो पहचान 80 के दशक में थी, वह अब वह दौर नहीं रह गया है. पहलवान के पेरेंट भी आस रखते हैं कि खेलेगा तो अपने पैर पर खड़ा होगा, लेकिन अभी तक ऐसी पॉलिसी का अभाव है. अभी सिर्फ एक परसेंट कोटा बिहार पुलिस में है. समय-दर-समय पिछड़ने का यह एक सबसे बड़ा कारण है. क्रिकेट जैसे खेल जैसा इसकी तो पहचान नहीं है.

क्या है बेहतर करने की संभावना

इस बारे में संघ के सेक्रेटरी ने कहा कि जहां तक पटना का सवाल है यहां से कुश्ती के नए खिलाड़ी आसानी से बनाये जा सकते हैं. अगर यहां के स्टेडियम में मैट की सुविधा देकर कैंप आदि का आयोजन किया जाए तो इससे इस खेल को प्रोत्साहन मिलेगा. फिलहाल यहां बीएमपी 10 ग्राउंड पर पहलवान प्रैक्टिस करते हैं. 2012 में पाटलिपुत्रा स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में फेडरेशन कप नेशनल रेसलिंग चैम्पियनशिप का अयोजन किया गया था. इसमें सरकार का भी सहयोग था. इसमें बिहार स्टेट ने आठ मेडल जीता था. जबकि ग्रीको रोमन स्टाइल कुशती (ऐसी कुशती जो कमर से उपर खेली जाती है.) में बिहार स्टेट को सेकेंड पोजीशन मिला था.

100 रुपया है नाकाफी

इस खेल में पहलवानों की डाइट बहुत होती है. लेकिन विडंबना यह है कि इस मंहगाई के दौर में भी बिहार गवर्नमेंट की ओर से प्रति खिलाड़ी केवल 100 रुपए ही दिया जाता है, जो यह नाकाफी है. 2013-14 के फाइनेंशियल इयर में यह 50रूपया से बढ़ाकर 100 किया गया था. पहलवान इसे नाकाफी बताते हैं. यही वजह है कि पहलवानों को खाने पर बहुत अधिक खर्च करना पड़ता है. एक साधारण परिवार के खिलाड़ी के लिए यह बस की बात नहीं.

प्रोफेशनली खेलने की परंपरा नहीं

अभी बिहार के 24 जिलों में कुश्ती संघ हैं, पर कमोबेश सुविधाओं का अभाव है. कहीं मैट नहीं है तो कहीं इसे प्रोफेशनली खेलने की परंपरा ही नहीं है. जैसे खगडि़या, भागलपुर और बेगूसराय में यह खेल रूरल लेवल या ग्रामीण दंगल के स्तर पर ही खेला जाता है. यहां पुरानी पद्धति (चित-पट ) पर खेला जाता है, जबकि प्रोफेशनली इसमें प्वाइंट पर खेला जाता है. इस संबंध में संघ ने प्रयास किया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली.

इन जिलों में है अखाड़ा

कैमूर, बक्सर, रोहतास, गया, जहानाबाद औरंगाबाद, बेतिया, सारण, गोपालगंज, सिवान, सीतामढ़ी, दरभंगा और समस्तीपुर. अब ग्रामीण स्तर पर भी दंगल प्रतियोगिता में कमी आयी है.

हरियाणा या दिल्ली जैसी यहां खेल पॉलिसी नहीं है. अगर किसी को खेलने के बाद आगे कोई फ्यूचर नहीं दिखायी दे, तो कैसे इस खेल से जुड़ाव होगा.

-कामेश्वर सिंह, सचिव, बिहार कुश्ती संघ

Wednesday, July 30, 2014

Aurangabad bus accident

औरंगाबाद जिले के मुफ्फसिल थाना के जीटी रोड स्थित शिवम पेट्रोल पंप के पास मंगलवार सुबह देवघर से रोहतास लौट रही खड़ी बस में कंटेनर ने पीछे से टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि सड़क पर आराम फरमा रहे एवं बस पर सवार 8 कांवरियों की मौत हो गई. दो कांवरियों ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया. बस पर सवार फ्भ् कांवरिये घायल हो गए. गंभीर रूप से घायल क्7 कांवरियों को बेहतर इलाज हेतु गया मेडिकल कॉलेज एवं बीएचयू वाराणसी भेजा गया है. घटना के विरोध में डेहरी की विधायक रश्मि जोशी एवं पूर्व विधायक प्रदीप जोशी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जीटी रोड जाम कर प्रदर्शन किया. दोनों घटनास्थल पर सीएम को बुलाने की मांग कर रहे थे. जीटी रोड करीब पांच घंटे जाम रहा.

देवघर में जल चढ़ाकर लौट रहे थे

बताया जाता है कि पूर्व विधायक प्रदीप जोशी ने अकोढ़ीगोला एवं नोखा प्रखंड के गांवों से ग्रामीणों को देवघर दर्शन के लिए भेजा था. देवघर में जल चढ़ाकर राजगीर, बोधगया होते हुए लोग वापस लौट रहे थे. जीटी रोड पर बस चालक ने वाहन को रोक दिया. बस पर सवार कांवरिये सड़क पर उतरकर आराम फरमा रहे थे कि पीछे से कंटेनर ने करीब ख्.ब्0 बजे सुबह टक्कर मार दी. जीटी रोड जाम किए ग्रामीणों को डीएम नवीनचंद्र झा, एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा, एसडीपीओ अजय नारायण यादव एवं एसडीओ भीम प्रसाद ने समझाकर जाम हटाया. जाम हटाने के दौरान पुलिस से पूर्व विधायक प्रदीप जोशी की झड़प हुई. ग्रामीणों एवं पुलिस के बीच रोड़े चले परंतु कोई घायल नहीं हुआ. बाद में डीएम ने मामला शांत कराया. डीएम ने मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के सचिव से बात कर मृतक के परिजनों को ख्.भ्0 लाख एवं गंभीर रूप से घायलों को भ्0 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की.

मृतकों की लिस्ट

मृतकों में रोहतास जिले के अकोढ़ीगोला के मुडि़यार गांव निवासी नरसिंह चंद्रवंशी (म्0), गणेश साव की पत्‍‌नी मंजू देवी (फ्भ्), राजकुमार शर्मा की पत्नी कलावती देवी (भ्भ्), श्यामबिहारी प्रजापति (ख्8), दशरथ बारी (फ्भ्), मंटू पासवान (ख्8), मिर्जा देवी (ब्0), दीपक कुमार (ख्ख्), मीरजगंज के गोर्वधन ठाकुर की पत्नी संजू देवी (ब्0) एवं दिनारा के दैदहा गांव निवासी सुदामा प्रसाद गुप्ता की पत्नी रंजू देवी (फ्भ्) शामिल हैं.

Tuesday, July 29, 2014

Youth came to the poison of Patna million

आम शहरी से लेकर कॉलेज कैंपस तक हेरोइन की जद में आ चुका था. कई दफा हेरोइन का कश यूथ लगा चुके थे. इस बार भी बढ़ती डिमांड और खपत को देखते हुए दो किलोग्राम यानि दो करोड़ का हेरोइन मंगाया गया था, जिसे शहर के विभिन्न ठिकानों में सप्लाई करना था. दिन व रात नशे की जद में डुबोने के लिए तैयार नशे के कारोबारी की भनक जैसे ही पटना पुलिस को लगी कि फौरन टीम इस गैंग को खोजने निकल गयी. क्योंकि अगर यह नशा कॉलेज से लेकर पार्टियों तक पहुंच जाता तो फिर अपराध का बड़ा कारोबार यहां खड़ा हो सकता था. पुलिस की मुस्तैदी ने नशे के कारोबारी और उसके एजेंट को एक साथ रूपसपुर थाना के ओवर ब्रिज के नीचे से गिरफ्तार कर लिया. दानापुर से लेकर पटना के विभिन्न गवर्नमेंट और प्राइवेट कॉलेज सहित पीयू कैंपस तक में इस गैंग के मेंबर का आना जाना था. पटना पुलिस ने नशे के इस कारोबारी को गिरफ्तार का एक बड़ा खुलासा किया है.

तराजू पर चढ़ता देख बढ़ता है नशा

जिस समय पुलिस ने नशे के इस कारोबारी को गिरफ्तार किया उस समय उसके पास अंतर्राष्ट्रीय मूल्य के दो करोड़ का हेरोइन था. इसके अलावा देशी कट्टा और पचास हजार रुपए भी इन लोगों के पास से बरामद किया गया. बरामदगी में सबसे महत्वपूर्ण इस धंधे का तराजू है. नशे के कारोबारी ने बताया कि नशा तब दुगुना चढ़ जाता है जब खरीदार सामने उसकी नपाई करके लेना शुरू कर दे. फिलहाल पुलिस गैंग के अन्य मेंबर की खोज में लगी है. सीनियर एसपी मनु महाराज ने बताया कि इसके एजेंट की खोज चल रही है.

कारोबार करते-करते बन गया ड्रगिस्ट

हेरोइन के धंधे में कई साल से संलिप्त बबलू डेंजर खुद हेरोइन के नशे में फंस चुका है. वो सुबह शाम बिना हेरोइन का डोज के खुद नहीं कर पाता है. पटना पुलिस को इसकी खोज कई सालों से थी. क्योंकि ये हेरोइन लेने के साथ ही अपराधिक वारदातों को भी अंजाम दिया करता था. सीनियर एसपी ने बताया कि बबलू डेंजर ने गिरोह के कई मेंबर्स का नाम बताया है.

कमर में टेप लगाकर रखता था हेरोइन

पुलिस ने जब पांचों अपराधी को गिराफ्तार किया तो इसके पास से हेरोइन की खोज में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. क्योंकि इन लोगों ने हेरोइन अपने कमर में टेप लगाकर रखते थे और मौके पर तराजू से ग्राम के हिसाब से तौल कर बेचा करते थे. पूछताछ में आरा के सेठ के नाम का जिक्र किया. पकड़े गए अपराधियों ने खुलासा किया कि इस धंधे का तार नेपाल, छत्तीसगढ़, काठमांडू से जुृड़ा है. बिहार में आरा स्थित रिगल होटल के मालिक राधा चरण सेठ के इशारे पर पटना और आसपास के एरिया में धंधा होता है.

गिरफ्तार अपराधियों के नाम

- संजय कुमार उर्फ संजय आरा जगदीशपुर के पास से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस एवं भ्.ख्भ् ग्राम हेरोइन.

- बबलू प्रसाद साह उर्फ डेंजर खाजेकलां थाना के पास से एक देशी पिस्टल, फ् जिंदा कारतूस एवं म्.7भ् ग्राम हेरोइन.

- अजीत कुमार दीघा थाना पॉलसन के पास से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस एवं ख्.क्0 ग्राम हेरोइन.

- अजय कुमार सिंह चांदमारी रोड कंकड़बाग के पास से क्00 ग्राम हेरोइन.

- कपिलदेव राय हाजीपुर वैशाली के पास से ख्00 ग्राम हेरोइन की बरामदगी हुई.

बरामदगी

देशी पिस्टल - 0फ्

जिंदा कारतूस - 07

हेरोइन - 0ख् कि.ग्रा.

नगद - पचास हजार नब्बे रुपए

एटीएम कार्ड - 0क्

हेरोइन तौलने वाला पीतल का तराजू - 0क्

छोटे-छोटे बटखरा 

Wednesday, July 23, 2014

Double murder case

मां और मौसी की हत्या हो गई अब सोफी की जान आफत में है, वह कहां है इसकी खबर सिर्फ उन कातिलों को है जिसके पास अबतक पुलिस पहुंच नहीं सकी है. सात साल की मासूम सोफी किस हाल में होगी इसकी जानकारी लेने के लिए दादा मदन पाण्डेय और दादी बनारसी देवी तरस रही हैं. कई बार थाने के चक्कर लगा चुके हैं मगर पुलिस से कुछ पूछने की हिम्मत नहीं जुटा पाते क्योंकि पिछले तीन दिनों से उनका बेटा मनोज पाण्डेय और सोफी का पिता पुलिस के पास है. उसके साथ मारपीट की गई है. इन दोनों को डर है कि पुलिस उन्हें भी पकड़ न ले. मनोज अपनी पत्नी, साली और बच्ची सोफी की खबर लेने खुद गया था मगर उसे पुलिस ने बैठा लिया और तीन दिन से वहीं रखी हुई है. घर तक आने नहीं दिया है अब तक. मंगलवार को मदन पाण्डेय ने एक आदमी को मिलने भेजा था मगर पुलिस ने उसे मिलने नहीं दिया.

जल्द खुल जाएगा मामला

दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस डबल मर्डर की गुत्थी सुलझ जाएगी. इस कांड में शामिल कातिलों को पकड़ लिया जाएगा. डीएसपी पटना सिटी राजेश कुमार ने बताया कि एक दो दिन में सारा मामला सामने ला दिया जाएगा. इंवेस्टिगेशन सही दिशा में चल रही है. यह पूछने पर किया क्या डिम्पी का पति मनोज भी इस मामले में इंवॉल्व है तो डीएसपी ने कहा कि नहीं, उससे पूछताछ हो रही है. वह गिरफ्तार नहीं है. कई चीजों की जानकारी उससे लेनी थी जो इस केस को खोलने के लिए जरूरी है. डीएसपी ने कहा कि मासूम सोफी कहां है किस हाल में है इसकी भी जानकारी जल्द मिलेगी.