केदारनाथ में देवदर्शिनी स्थल के पुराने स्वरूप में लौटाने की सरकार की
कवायद सुकून देने वाली सूचना है। बशर्ते सरकार की ओर से किया जा रहा यह
दावा धरातल पर उतरे।
केदारनाथ में आई आपदा के तकरीबन डेढ़ वर्ष बाद पुनर्निर्माण कार्यो की
रफ्तार देखते हुए यह सवाल उठना लाजिमी भी है। सरकार की ओर से गत वर्ष
केदारनाथ यात्रा को सुचारू तो किया गया लेकिन केदारनाथ धाम के हालात बहुत
अच्छे नहीं थे। पूरे क्षेत्र में फैला सन्नाटा हकीकत को बयां करने के लिए
काफी था। जिन लोगों ने इस दौरान केदारनाथ की यात्रा की उन्हें यहां आकर
सुकून तो मिला लेकिन कहीं न कहीं यहां के हालात उनके मन को कचोटते भी रहे।
यही कारण भी रहा कि केदारनाथ आने वाले यात्रियों की संख्या बहुत सीमित रही।
बावजूद इसके इस यात्रा का होना ही एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा गया।
इससे उम्मीद जगी कि यदि सरकार सही मायनों में यात्रा के प्रति गंभीर है तो
इससे केदारनाथ पुनर्निर्माण के कार्यो को गति मिलेगी।
Source: Horoscope 2015