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Wednesday, September 10, 2014

Admission process will be closed in ccs university

सीसीएस यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में यूजी और पीजी के एडमिशन की प्रक्रिया खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. यूजी के ट्रेडिशनल कोर्स में सीटें लगभग ना के बराबर बची हैं. जिनको पूरा करना भी यूनिवर्सिटी के लिए टेढ़ी खीर बनी हुई है. लेकिन यूनिवर्सिटी इस बार ये एडमिशन खत्म करने का प्लान कर रही है. अब देखना है कि क्या इस प्लान के तहत एडमिशन इन दोनों मेरिट में पूरे हो पाएंगे.

दिक्कत तो आएगी

यूनिवर्सिटी से संबद्ध एडेड और गवर्नमेंट कॉलेजों में ट्रेडिशनल कोर्स में चल रहे एडमिशन अंत की ओर हैं. इसके बाद भी मेरिट डाउन होने के बजाय बढ़ती नजर आ रही हैं. ऐसे में सीटें कम होने के बावजूद कुछ सब्जेक्ट्स में जनरल की मेरिट 80 के पार चली गई. 16वीं व 17वीं मेरिट जारी होने के बाद अभी आगे मेरिट आने की संभावना कम जताई जा रही है. लेकिन अभी स्पो‌र्ट्स कोटे के ट्रायल होने हैं और उनकी भी मेरिट तैयार होगी. यूनिवर्सिटी की ओर से पंद्रह सितंबर तक एडमिशन पूरे करने की तैयारी की है. ऐसे में ये एडमिशन पंद्रह सितंबर के बाद भी जारी रहने की संभावना बन रही है.

कॉलेजों में एडमिशन का सीन

डीएन कॉलेज

कुल सीटें - 1020

एडमिशन - 1003

खाली सीटें - 17

आईएन पीजी कॉलेज

कुल सीटें - 900

एडमिशन - 872

खाली सीटें - 28

कनोहरलाल डिग्री कॉलेज

कुल सीटें - 565

एडमिशन - 496

खाली सीटें - 69

मेरठ कॉलेज मेरठ

कुल सीटें - 2780

एडमिशन - 2643

खाली सीटें - 137

एनएएस कॉलेज

कुल सीटें - 1140

एडमिशन - 1043

खाली सीटें - 97

आरजी पीजी कॉलेज

कुल सीटें - 1340

एडमिशन - 1301

खाली सीटें - 39

शहीद मंगल पांडे पीजी कॉलेज

कुल सीटें - 690

एडमिशन - 575

खाली सीटें - 115

Wednesday, September 3, 2014

Bunkar colony will launched in lohia nagar meerut

प्राधिकरण बुनकरों के लिए एक कॉलोनी को लांच करने जा रहा है. इस कॉलोनी में अपने लिए आशियाना बनाने के साथ अपने काम को भी चला सकेंगे. इसके लिए प्राधिकरण की ओर से डिफ्रेंट कैटेगिरी के प्लॉट निकाले हैं. दस दिसंबर को ये स्कीम लांच की जाएगी. इसी दिन से इसके लिए आवेदन शुरू हो जाएंगे. प्राधिकरण के अधिकारी इस स्कीम के सफल होने के पूरे आश्वस्त हैं.

डिफरेंट कैटेगिरी के 7ख् प्लॉट

प्लॉट टाइप प्लॉट्स एरिया कॉस्ट रजिस्ट्रेशन फीस रजिस्ट्रेशन फीस आवंटन राशि

(स्क्वॉयर मीटर)(रुपए में) (रुपए में) (रिजर्व कैटेगिरी) (रुपए में)

टाइप ए फ्ख् क्0भ्.7भ् 8फ्ख्78क् 8फ्ख्78 ब्क्म्फ्9 8फ्फ्78

टाइप बी फ्ब् क्0भ् 8ख्म्87भ् 8ख्म्88 ब्क्फ्ब्ब् 8ख्म्88

टाइप सी 08 भ्0 फ्9फ्7भ्0 फ्9फ्7भ् क्9म्88 फ्9फ्7भ्

एक महीने तक चलेगा आवेदन

प्राधिकरण की इस स्कीम के लिए एक महीने तक आवेदन हो सकेगा. क्0 सितंबर से क्0 अक्टूबर तक फॉर्म खरीदकर फॉर्म जमा करने की डेट रखी गई है. फॉर्म एचडीएफसी की किसी भी ब्रांच से लिया जा सकेगा. फॉर्म की कीमत भ्00 रुपए रखी गई है.

पहले फ्लॉप हो चुकी हैं इस तरह की स्कीम

- स्पो‌र्ट्स इंडस्ट्री के लिए लाई गई योजना पूरी तरह से फ्लॉप हुई है. इस स्कीम में जितने लोगों को आना चाहिए था वो आए ही नहीं.

- सभी तबेलों को सिटी से बाहर करने के लिए एक योजना प्राधिकरण लेकर आया था. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. वो भी घाटे का सौदा साबित हुई.

- कैंची उद्योग को लोहियानगर में शिफ्ट करने के लिए भी योजना लाई गई थी, लेकिन फ्लॉप हो गई.

- कुछ ऐसा ही हाल गंगानगर टाउनशिप का भी हुआ. सुप्रीम कोर्ट से केस जीत जाने के बाद भी प्राधिकरण कुछ नहीं कर सका.

ऑफिशियल स्टैंड

बुनकरों के लाई गई योजना लांच करने जा रहे हैं. इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है. क्0 सितंबर से फॉर्म उपलब्ध होने शुरू हो जाएंगे.

- राजेश कुमार यादव, वीसी, एमडीए

 
 

Saturday, August 30, 2014

No patient in medical treatment

पिता के साथ मेडिकल आई नन्हीं परी रो रही थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन का दिल नहीं पसीज रहा था. उसे मेडिकल कालेज में एडमिट करने से मना कर दिया. उसके पिता ने बताया कि मैं मिन्नतें करता रहा कि कोई मेरी मासूम बच्ची का इलाज कर दे. पर बेशरम मेडिकल प्रशासन ने सारी हदें पार कर दी. काश की कोई एक बार तो पूछ लेता कि मेरी क्या मजबूरी है. काश कोई होता जो मेडिकल में अपने डॉक्टर होने का फर्ज निभाता. जब डॉक्टर्स ने बच्ची को एडमिट करने से मना कर दिया तो हारकर मुझे अपनी बच्ची को लावारिस की तरह छोड़ना पड़ा. उसे कोने में लावारिस छोड़कर किसी दूर कोने में बैठकर आंसू भरी आंखों से बस यही इंतजार करना पड़ा कि काश कोई इसे लावारिस समझकर ही इसका इलाज कर दें.

सारी हदें हो गई पार

सोमवार को मेडिकल में किठौर खंदारवली में खेती करने वाले किसान नवील अहमद अपने साले खुराफत के साथ अपनी नवजात बच्ची को लेकर मेडिकल इलाज के लिए आए. नवील ने बताया बच्ची के पीठ पर फोड़ा था. उसे पहले हापुड़ रोड स्थित दुआ नर्सिग होम में डॉ. शबाना से दिखाया था, जहां से उसे मेडिकल रेफर कर दिया. मेडिकल में वह अपनी बच्ची को लेकर भटकता रहा. कभी ऊपरी मंजिल पर तो कभी निचली और कभी इमरजेंसी. फिर वह बच्चा वार्ड गया जहां बच्ची का इलाज करने से मना कर दिया. जब उसे कुछ समझ नहीं आया तो उसने अपनी फूल जैसी मासूम को एक कोने में रख दिया और इंतजार करता रहा कि शायद लावारिस समझकर उसका इलाज हो जाए.

इंसानियत का नामोनिशान नहीं

ये मेडिकल कॉलेज भी कितना बेहया हो गया है. नन्हीं सी बच्ची का इलाज कराने के लिए एक पिता को मजबूरी में उसे लावारिस साबित करना पड़ा. सोचो जरा, यहां किसी में भी इंसानियत नाम की चीज तक नहीं है. जरा पूछिए मेडिकल कॉलेज से कि मजबूर पिता दर दर की ठोकरे खा रहा था तो कहां खो गई थी इंसानियत? लाचार पिता कभी इमरजेंसी वार्ड में गया तो कभी बच्चा वार्ड. कभी खुद को कोसा, लेकिन किसी को भी तरस नहीं आया. 

Friday, August 22, 2014

Woman muder in samypur

मेरठ में महिलाएं बिल्कुल सुरक्षित नहीं है. एक के बाद महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं से मेरठ पुलिस सबक नहीं ले रही है. गुरुवार को कचहरी से लौट रही बुजुर्ग महिला को स्कूटी सवार बदमाशों ने गोली मार दी और हथियार लहराते हुए फरार हो गए.

शाम की घटना

मुंडाली के समयपुर गांव निवासी विमला देवी (55) पत्‍‌नी प्रेमपाल अपनी बेटी पिंकी के घर पर सूरजकुंड स्थित वाल्मीकि बस्ती में एक साल से रह रही थी. गुरुवार को शाम करीब 4 बजे विमला कचहरी से रिक्शे में सवार होकर सूरजकुंड लौट रही थी. जैसे ही विमला रिक्शे में बैठे चिकारा कॉम्पलेक्स पहुंची. पीछे से आ रहे स्कूटी सवार बदमाशों ने महिला को गोली मार दी.

आसानी से फरार

स्कूटी सवार बदमाश इसके बाद सरे राह हथियार लहराते हुए फरार हो गए. विमला देवी गंभीर हालत में सड़क पर पड़ी रही. राहगीरों ने विमला देवी को जिला अस्पताल भेजा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. महिला का दामाद अमरदीप और उसके बेटा राजू मौके पर पहुंचे. राजू और परिवार के अन्य सदस्यों ने पुलिस के खिलाफ जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया.

पुलिस की लापरवाही

सिविल लाइन पुलिस का आलम देखें कि वो ये भी पता नहीं लगा पाए कि बदमाश किस ओर भागे. उन्होंने कैसे रंग के कपड़े पहने हुए थे. सिविल लाइन एसओ से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सारी बात एफआइआर दर्ज होने के बाद ही पता चल पाएगी.

रंजिशन की हत्या

दरअसल 3 मार्च 2014 में मुंडाली में पारस नाम के युवक की हत्या हो गई थी, जिसका इल्जाम विमला के पति प्रेमपाल और लड़के रविन्द्र पर लगा. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था. तब से विमला अपने ससुर के साथ रह रही थी. विमला तारीख पर समय-समय पर कचहरी आती रहती थी.

पारस हत्याकांड का बदला लेने के लिए विमला की हत्या की गई है. परिवार के लोगों ने नामजद तहरीर दी है. उसी के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिशें दी जा रही हैं.

- ओमप्रकाश, एसपी सिटी. 

Thursday, August 21, 2014

Police found sticks of electricity on demand

 मेरठ. पहले तो भीषण गर्मी की मार ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है. उसके बाद बिजली के नखरे ने भी लोगों को खूब रुलाया. बिजली गुल रहने से लोग पानी को भी तरस गए. जब देर रात तक बिजली के दर्शन नहीं हुए तो कंकरखेड़ा बिजली घर पर महिलाओं ने जमकर हंगामा काटा और सड़क पर जाम लगा दिया. हंगामा होता देख बिजली कर्मचारी फरार हो गए. सूचना पर मौके पर सीओ और दौराला व कंकरखेड़ा पुलिस पहुंची. उन्होंने पब्लिक को शांत करने का प्रयास किया. बाद में पुलिस ने लाठी फटकार भीड़ को भगाया.

नहीं हुए शाम तक दर्शन

कंकरखेड़ा एरिया में बुधवार को सुबह से देर रात तक बिजली के दर्शन दुर्लभ हो गए. जिसके चलते लोग पानी को तरस गए. पानी नहाने व खाना बनाने के लिए भी किचन में नहीं बचा. बच्चों को स्कूल बिना नहाए जाना पड़ा. वहीं सुबह से शाम तक महिलाएं पीने के लिए पानी दूर दराज से हैंडपंप से खींचकर लेकर आई. उसके बाद अपने बच्चों की प्यास को बुझा पाई.

सड़क पर रही पब्लिक

जब देर बुधवार को शाम तक बिजली नहीं आई तो लोगों का सब्र का बांध टूट गया. सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुष नटराज बिजलीघर में जमा हो गए. उसके बाद महिलाओं ने सड़क पर जाम लगा दिया और बिजली विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाने लगीं. हंगामा कर रहे लोगों ने बिजलीघर में तोड़फोड़ की भी कोशिश की.

फरार हुए कर्मचारी

मौका पाकर बिजलीघर से कर्मचारी फरार हो गए. सूचना पर दौराला और कंकरखेड़ा फोर्स के साथ सीओ मौके पर पहुंचे. उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन पब्लिक तोड़फोड़ करने पर उतारू हो गई. जिसके बाद फोर्स ने जमकर लाठियां भांझी. जिसमें कई लोग चोटिल हो गए.

व्यापारियों में रोष

आम पब्लिक के साथ साथ कंकरखेड़ा के व्यापारियों में भी बिजली विभाग के खिलाफ रोष है. व्यापारियों ने भी देर रात तक सड़क पर हंगामा किया. सरधना रोड व्यापार संघ अध्यक्ष गुल्लू ठाकुर व्यापारियों के साथ बिजली घर पहुंचे और हंगामा किया. उन्होंने कहा कि बिजली नहीं मिलने से व्यापार चौपट हो चुका है. उसके बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. वहीं भाजपा नेता विनय विरालिया ने बिजली विभाग को चेतवानी देते हुए पावर कापरेशन के एमडी का घेराव करने की बात कहीं है. 

Tuesday, July 29, 2014

Dunda turmoil in the department

डाबका में बन रहे फ्लैट्स पर आई नेक्स्ट की इंवेस्टीगेशन से डूडा में खलबली मच गई है. वहीं राजकीय निर्माण निगम के ऑफिस में तहलका मच गया है. डूडा के अधिकारियों ने वहां की स्थिति की रिपोर्ट बनाने को कहा है. साथ जल्द ही काम करने के आदेश जारी कर दिए हैं. गौरतलब है कि डूडा के मकानों का काम रुका होने के कारण वहां भैंसों का तबेला बन गया है. उस निर्माण पर अब क्0 करोड़ रुपए खर्च भी हो चुके हैं.

मांगी ग्राउंड रिपोर्ट

डूडा की प्रोजेक्ट इंजीनियर के अनुसार उन्होंने डाबका प्रोजेक्ट की ग्राउंड रिपोर्ट की मांग की है. जिसमें वहां कितना काम हुआ है? कितना काम बाकी है? मौजूदा कैसी है? ये तमाम बातें रिपोर्ट में मांगी हैं. प्रोजेक्ट इंजीनियर के अनुसार वहां भी भयावह और बुरी स्थिति के जिम्मेदार डूडा नहीं है. इसके कारणों का पता लगाया जाएगा. साथ ही संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा.

जल्द शुरू होगा काम!

वहीं राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार जल्द काम शुरू होने की बात कर रहे हैं. हमने इस बारे में अपर लेवल पर बात की है. जल्द ही रुपया आने वाला है. जैसे ही रुपया आएगा तुरंत काम शुरू हो जाएगा. वहीं डाबका के प्रोजेक्ट से गाय भैंसे के तबेले को हटाने की बात कर रहे हैं. गौरतलब है कि पिछले दो सालों से वहां की स्थिति को देखने के लिए न तो डूडा की ओर से और न ही यूपीआरएनएनएल का कोई अधिकारी गया.

आई नेक्स्ट ने किया था खुलासा

सोमवार के अंक में आई नेक्स्ट ने 'तबेला बन गया भ्7म् लोगों का आशियाना' नाम से इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट प्रकाशित की थी. जिसमें इस बात का खुलासा किया गया था कि किस तरह से डूडा के एलआईजी फ्लैट्स तबेला बन गए. वहां पर आसपास के लोगों ने अपनी भैंसे चराने के अलावा बांधनी शुरू कर दी. लाखों रुपए के दरवाजे और खिड़कियां भी चोरी हो गई. उस प्रोजेक्ट पर करीब क्0 करोड़ रुपए का काम हो चुका था.

मैंने वहां ग्राउंड रिपोर्ट मांगी है. ये काफी गंभीर विषय है. करोड़ों रुपयों की बर्बादी इस तरह से नहीं की जा सकती है.

- सरस्वती सिंह, प्रोजक्ट इंजीनियर, डूडा

Wednesday, July 23, 2014

Attempt to rape with minor girl in sardhana area of meerut

नंगला आर्डर गांव में मंगलवार सुबह युवक घर में अकेली क्ख् वर्षीय बालिका को बहला-फुसला कर खेत में खींच कर दुष्कर्म का प्रयास किया. आरोपी के भाइयों ने बालिका से मारपीट की. शोर सुनकर आए ग्रामीणों को देख आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया. पीडि़ता के परिजनों ने थाने पहुंच कर घटना की तहरीर दी. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

घर पर थी अकेली

नंगला आर्डर निवासी दंपती मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और गांव के बाहरी छोर पर अपने मकान में रहते हैं. मंगलवार को महिला गांव में ही एक किसान के यहां काम पर चली गई. जबकि पिता भी मजदूरी के लिए घर से बाहर चला गया. उनकी क्ख् वर्षीय पुत्री घर में अकेली थी. इसी दौरान सुबह करीब क्0 बजे गांव का ही युवक घर में घुस आया और बालिका से अश्लील हरकत करने लगा. आरोपी बालिका को बहला-फुसला कर पास ही स्थित ईख के खेत में ले गया और दुष्कर्म का प्रयास किया. आरोपी के दो भाइयों ने बालिका से मारपीट की. जिस पर बालिका ने शोर मचा दिया. शोर सुनकर ग्रामीण उस तरफ दौड़े तो खुद को ग्रामीणों से घिरता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलने पर बालिका के माता-पिता घर पहुंचे और उससे पूछताछ की. जिस पर बालिका ने आपबीती सुना दी. जिसके बाद परिजन थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. समाचार लिखे जाने तक मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी. इंस्पेक्टर मेहर सिंह का कहना है कि मामले की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.