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Saturday, May 3, 2014

Nido murder case cbi dr ops murder charges

नीडो हत्याकांड: दुकानदारों पर से हटा हत्या का आरोप

गैर इरादतन हत्या
नस्लवादी टिप्पणी को लेकर लाजपत नगर मार्केट में अरुणाचल प्रदेश के विधायक के बेटे नीडो तानियम (19) की दुकानदारों की पिटाई से हुई मौत मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा बनाए गए हत्या के केस को सीबीआई ने पलट कर रख दिया है. शुक्रवार को साकेत कोर्ट में पेश की गई अपनी चार्जशीट में जांच एजेंसी ने बताया कि ये हत्या का नहीं बल्कि गैर इरादतन हत्या का मामला है. अब सभी सातों आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या का केस चलेगा.

पुलिस ने नही की जांच
अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी की अदालत में सीबीआई की चार्जशीट में कहा गया है कि इस घटना के सात आरोपियों में से तीन नाबालिग हैं. सीबीआई ने बताया कि घटना वाले दिन नीडो तानियम से दुकानदारों का झगड़ा हुआ और उन्होंने उसकी पिटाई कर दी. नीडो की पिटाई पहले से प्लॉन नहीं थी. घटना अचानक हुई इसलिए आरोपियों का इरादा नीडो को जान से मारने का नहीं था. मगर पिटाई से आई चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी मौत हो गई. दिल्ली पुलिस ने जांच सही से किए बिना ही इसे हत्या का मामला मान लिया. गौरतलब है कि इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी गई थी.

No relief for giriraj singh anticipatory bail gets rejected

गिरिराज की मुश्किलें बरकरार, अग्रिम जमानत हुई खारिज
झारखंड कोर्ट जाएंगे
लोकसभा इलेक्शंस के दौरान प्रचार करते समय विवादास्पद भाषण देने के आरोप में झारखंड एक कोर्ट ने गिरिराज सिंह की अग्रिम जमानत पर सुनवाई करते हुए उनकी जमानत खारिज कर दी. देवघर कोर्ट के आदेश के खिलाफ गिरिराज सिंह झारखंड कोर्ट में जमानत के लिए जाएंगे.

दो जगह दर्ज हुई एफआईआर
गौरतलब है कि गिरिराज सिंह के खिलाफ चुनाव आयोग की तरफ से एक एफआईआर बोकारो जिले में और दूसरी देवघर जिले में दर्ज करवाई गई थी. गिरिराज सिंह नवादा संसदीय क्षेत्र से बीजेपी के कैंडिडेट हैं. उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि जो लोग मोदी का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए.

EC not to block upa government move to name a judge for modi snooping case

चुनाव आयोग की मंजूरी

स्नूपगेट(महिला जासूसी मामले) में बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी की परेशानी बढ़ती दिख रही है. अब चुनाव आयोग ने मामले में जांच आयोग गठित करने की मंजूरी दे दी है. एक अंग्रेजी अखबार में इस आशय का खुलासा किया गया है. चुनाव आयोग के सामने दो मामले रखे गए थे. पहला- सेना प्रमुख की नियुक्ति का था और दूसरा स्नूपगेट मामले में जांच आयोग गठित करने की अनुमति का.

बीजेपी कर रही विरोध

खबरों के अनुसार चनाव आयोग ने सेना प्रमुख की नियुक्ति की अनुमति नहीं दी है. सरकार इस पर चुनाव बाद फैसला कर सकेगी. वहीं मोदी के खिलाफ आयोग गठित करने की अनुमति दे दी गई है. केंद्र सरकार ने बीते हफ्ते में यह अनुमति मांगी थी. हालांकि बीजेपी इसका विरोध कर रही है.

Source: National News

Friday, April 25, 2014

AAP nainital candidate refuses bail will contest from prison

आप उम्मीदवार का ज़मानत पर बाहर आने से इनकार

राज्य में आम आदमी पार्टी के चुनाव समन्वयक एसएस बिष्ट ने इस पूरे वाक़ये के बारे में बीबीसी को बताया, ''ये घटना 19 अप्रैल की है. चीमा अपने साथियों के साथ प्रचार कर रहे थे. रुद्रपुर के पास एक चौराहे पर भाजपा के कुछ लोगों ने लाठियों से उन पर हमला करने की कोशिश की. लोग चले गए और मामला शांत हो गया.''

वे बताते हैं, ''20 अप्रैल को पुलिस के एक सर्किल ऑफिसर आते हैं और चीमा की प्रचार गाड़ी को रोककर गाड़ी के काग़ज़ात मांगे. ड्राइवर ने काग़ज़ात दिखाए लेकिन सर्किल ऑफिसर ने उन्हें फेंक दिया और गाड़ी ज़ब्त कर ली.''

चुप्पी आख़िर क्यों
बिष्ट बताते हैं कि अगले दिन चीमा ने जब ज़िला निर्वाचन अधिकारी से इसकी शिक़ायत की तो उन्होंने गाड़ी को छोड़ने का आदेश दिया गया, लेकिन आदेश के बावजूद पुलिस ने गाड़ी नहीं छोड़ी जिसके विरोध में चीमा धरने पर बैठ गए और पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया.

बिष्ट का दावा है कि चीमा की गिरफ्तारी असंवैधानिक है, इसलिए उन्होंने अपनी ज़मानत की अर्ज़ी नहीं दी है और वे अब जेल में बंद रहकर ही चुनाव लड़ेंगे.

बिष्ट का कहना है कि इस पूरे मामले से आम आदमी पार्टी के आला नेताओं को अवगत कराया गया है.

उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को इस मामले पर बोलना चाहिए, जो इस मामले पर अब तक ख़ामोश हैं.

Hamid mir holds isi responsible for attack

हमले के लिए आईएसआई ही ज़िम्मेदार : हामिद मीर

हामिद मीर पाकिस्तान के प्रमुख निजी टीवी चैनल जियो न्यूज के मशहूर एंकर और संपादक हैं, वो पहले भी कई बार विवादों में रहे हैं.

उन पर रविवार को  कराची में हमला हुआ था, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने उनके आरोपों को ख़ारिज करते हुए उन्हें आधारहीन और भ्रामक बताया है.

रक्षा मंत्रालय की अपील
आईएसआई पर आरोप लगने के बाद रक्षा मंत्रालय ने मीडिया पर नज़र रखने वाले प्राधिकरण से जियो न्यूज का लाइसेंस रद्द करने को कहा है.

"मैं सरकारी और ग़ैर सरकारी दोनों तरफ़ के लोगों की धमकियों का सामना कर रहा था. लेकिन हाल के दिनों के घटनाक्रम से मुझे लगा कि अपने सहकर्मियों को उन तत्वों के बारे में बता देना चाहिए, जो मुझे मारने की कोशिश कर सकते हैं"
-हामिद मीर, पत्रकार, जियो टीवी

हामिद मीर का बयान गुरुवार देर रात उनके भाई  आमिर मीर ने पढ़कर सुनाया. आमिर मीर इसके पहले जियो न्यूज़ पर भी इस हमले के लिए आईएसआई को ज़िम्मेदार ठहरा चुके हैं.

हालांकि बाद में इस टीवी चैनल ने इन आरोपों से दूरी बना ली थी. इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवदादाता किम घेटास का कहना है कि हामिद के नए बयान को प्राइम टाइम में प्रमुखता से जगह मिली और इससे सेना और टीवी चैनलों के बीच टकराव तेज़ होगा.

हामिद मीर ने अपने बयान में कहा है, ''मैं सरकारी और ग़ैर सरकारी दोनों तरफ़ के लोगों की धमकियों का सामना कर रहा था. लेकिन हाल के दिनों के घटनाक्रम से मुझे लगा कि अपने सहकर्मियों को उन तत्वों के बारे में बता देना चाहिए, जो मुझे मारने की कोशिश कर सकते हैं.''

उन्होंने एक घटना का वर्णन करते हुए बताया, जब ख़ुफ़िया सेवा के एक अधिकारी ने उनके घर आकर कहा कि उनका नाम हिट लिस्ट में था.

बयान में  हामिद ने कहा है, ''मैंने उनसे (सहकर्मियों) कहा कि ताज़ा हालात में मैं आईएसआई से सबसे अधिक ख़तरा महसूस कर रहा हूँ.''..

EC apologies for the names missing on voters list

सूची से नाम ग़ायब होने पर चुनाव आयोग की माफ़ी

मुंबई में गुरुवार को हुई वोटिंग में पिछले साल की तुलना में दस फ़ीसदी ज़्यादा मतदान के बावजूद करीब 15 प्रतिशत लोग मतदान के अधिकार से वंचित रहे.

चुनाव आयुक्त एचएस ब्रहमा ने कहा कि तालमेल की कमी के कारण ऐसा हो सकता है.

भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि डेढ़ लाख से ज़्यादा लोगों के नाम मतदाता सूची से ग़ायब थे. इस तरह करीब 15 प्रतिशत लोग मतदान के अधिकार से वंचित रहे.

हालांकि इस बार मुंबई में दस फ़ीसदी मतदान ज़्यादा हुआ.

कई नामचीन लोगों के नाम भी सूची से नदारद थे. इनमें वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी, एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन दीपक परख, मुंबई शेयर बाजार के चेयरमैन आशीष कुमार चौहान, अभिनेता अतुल कुलकर्णी, वंदना गुप्ते, स्वप्नील जोशी आदि शामिल हैं.

इनमें से ज्यादातर 20-25 साल से एक ही पते पर रह रहे हैं और पिछले कई  लोकसभा चुनावों में मतदान में शिरकत कर चुके हैं.

इनमें से किसी ने भी अपना नाम सूची से हटाने के लिए आवेदन नहीं दिया था.

20 साल से रहते हैं
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का नाम भी मतदाता सूची से गायब था

बीबीसी से बातचीत में अतुल कुलकर्णी ने कहा, “मैं इस पते पर पिछले 20 सालों से रहता हूं. मैंने अब तक हर चुनाव में इसी मतदान केंद्र से मतदान किया है. चाहे महानगरपालिका चुनाव हो या विधानसभा चुनाव. ऑनलाइन मतदाता सूची में मेरा नाम नहीं था.''

उन्होंने आगे कहा, ''पूछताछ करने पर बताया गया कि मतदान केंद्र पर भेजी गई सूची में मेरा नाम हो सकता है. जब मैं मतदान करने पहुंचा, तब पता चला कि वहां भी मेरा नाम नहीं है.”

हालांकि इस मामले में कुलकर्णी ने वहां मौजूद अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई लेकिन वह  मतदान नहीं कर पाए.

इसी तरह राम जेठमलानी, दीपक परख और आशीष कुमार चौहान को भी मतदान केंद्र पर पहुंचने पर मतदाता सूची से नाम ग़ायब होने का पता चला.

महाराष्ट्र के चुनाव अधिकारी नीतिन गर्दे ने इस बारे में बात करने से इनकार कर दिया. वहीं चुनाव आयोग के उप महासंचालक और महाराष्ट्र के प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने सारा दोष मतदाताओं के सिर ही मढ़ दिया...

Smartphones can be printed on tshirts

अब टीशर्ट पर प्रिंट होंगे स्‍मार्टफोन,कैरी करने का झंझट नहीं
स्‍पेसर एज में पहुंचा टेक्‍नोलॉजी सेक्‍टर
मोनाश यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिकल एण्‍ड कम्‍प्‍यूटर सिस्‍टम्‍स इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की एक टीम ने कार्बन से बनने वाला दुनिया का पहला स्‍पेसर बनाया है. रिसचर्स ने इस बात की पॉसिबिलिटी भी जताई है कि अब मोबाइल फोन्‍स को कॉम्‍पैक्‍ट,फ्लेक्सिबल और टीशर्ट फ्रेंडली बनाया जा सकेगा. इससे निकलने वाली लेजर बीम्‍स की हेल्‍प से मोबाइल की इमेज टीशर्ट पर प्रिंट हो जाएगी. फिर मोबाइल बिना हाथ में पकड़े या जेब से निकाले ही यूज किया जा सकेगा. अगर ऐसा रियल में हो सका तो टेक्‍नोलॉजी सेक्‍टर के लिए यह एक बड़ी एचीवमेंट होगी. 

कार्बन के यूज से मिलेंगे कई एडवांटेज
रिसर्चर्स की टीम को लीड करने वाले चनाका रूपासिंघे ने बताया कि इस स्‍पेसर की डिज़ाइनिंग में ग्रैफीन रिसोनेटर और कार्बन नैनोट्यूब का यूज किया गया है. जबकि अन्‍य स्‍पेसर्स में अभी तक गोल्‍ड या सिल्‍वर नैनोपार्टिकल्‍स और सेमीकंडक्‍टर क्‍वांटम डॉट्स का इस्‍तेमाल किया जाता रहा है. उन्‍होंने यह भी बताया कि कार्बन के इस्‍तेमाल की वजह से यह मजबूत, लचीला, इकोफ्रेडली होने के अलावा हाई टेम्‍परेचर पर भी ऑपरेट किया जा सकेगा.

ट्रांजिस्‍टर बेस्‍ड डिवाइस को बाय-बाय
स्‍पेसर बेस्‍ड डिवाइसेस के आने के बाद माइक्रोप्रोसेसर्स और मेमोरी जैसी ट्राजिंस्‍टर बेस्‍ड डिवाइसेस को रिप्‍लेस किया जा सकेगा. इससे बैंडविड्थ लिमिटेशंस को भी ओवरकम किया जा सकेगा. ग्रैफीन और कार्बन नैनोट्यूब्‍स के इस्‍तेमाल की वजह से यह स्‍पेसर स्‍टील से सौ गुना ज्‍यादा मजबूत है. इसके अलावा यह कॉपर से बेहतर हीट और इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस कर सकता है.

क्‍या है स्‍पेसर टेक्‍नोलॉजी
स्‍पेसर यानि कि सर्फेस प्‍लाज़मोन एम्‍प्‍लीफिकेशन बाई स्टिमुलेटेड एमशिन ऑफ रेडिएशन. इसे सबसे पहले बर्जमैन एण्‍ड स्‍टाकमैन ने 2003 में खोजा. स्‍पेसर पूरी तरह से नैनोटेक्‍नोलॉजी बेस्‍ड है. इसका उद्देश्‍य टेक्‍नोलॉजी की हेल्‍प से छोटे से छोटे और ज्‍यादा प्रभावी डिवाइसेस को बनाना है. कैंसर के उपचार के दौरान इसका यूज प्रमुखता से किया जाता है. हालांकि इसको अभी तक टेलीकम्‍यूनिकेश्‍ान सेक्‍टर में इंट्रोड्यूस नहीं किया गया है.

Wednesday, April 23, 2014

Rani chopra the queen of entertainment industry

King and Queen of YRFबेशक इन दिनों रानी कम फिल्‍में कर रही हैं पर ऐसा नहीं है कि वो अन सक्‍सेजफुल हो गयी थीं. उनकी लास्‍ट फिल्‍मों में से दो को कर्मिशियल सक्‍सेज और क्रिटिकल एक्‍लेम दोनों मिले. नो वन किल्‍ड जेसिका और तलाश दोनों में वो एप्रिशिएसन की हकदार बनीं. अय्या जरूर फ्लॉप हुई पर ये अर्से बाद कोई ऐसी फिल्‍म थी जिसमें रानी को नकार दिया गया. फिल्‍हाल वो मर्दानी की शूटिंग कर रही हैं जिसे प्रदीप सरकार डायरेक्‍ट कर रहे हैं.

इसलिए जो लोग ये सोच रहे हैं कि रानी मुखर्जी ने अपने खत्‍म होते फिल्‍मी करियर को देखते हुए शादी कर ली है वो समझ लें कि रानी ने अपनी लाइफ की सबसे हिट मूवी साइन कर ली है और वो अपने साथ की तमाम एक्‍ट्रेसेज में टॉप पर पहुंच गयी हैं. इंडियन इंटरटेनमेंट इंडस्‍ट्री के सबसे बड़े प्रोडेक्‍शन हाउस से जुड़ने के बाद रानी वाकई महारानी बन चुकी हैं. यशराज फिल्‍मस के नाम से जिस कंपनी की शुरूआत लेट यश चोपड़ा ने की थी उसे परवान चढ़ाया उनके बड़े बेटे आदित्‍य चोपड़ा ने. और इस समय ये कंपनी करीब 4000 करोड़ की कंपनी बन चुकी है.

YRF के तहत करीब आठ बड़े बिजनेस हैं इस तरह से ये एक अब केवल प्रोडेक्‍शन कंपनी नहीं रह गयी है बल्‍कि एक कंप्‍लीट इंटरटेनमेंट बिजनेस हाउस है जो इंडिया से लेकर हॉलिवुड तक फैला हुआ है. हॉलिवुड रिर्पोटर के अकॉर्डिंग YRF वर्ल्‍ड के 27 फिल्‍म हाउसेज में से एक है और इंडिया की नंबर वन इंटटेनमेंट कंपनी है. दुबई, युनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्‍टेटस सहित इंडिया के करीब 10 शहरों जिसमें दिल्‍ली, चेन्‍नई, बंगलौर और कोलकाता शामिल हैं में YRF के ऑफिसेज हैं. ये हैं YRF के कुछ इंर्पोटेंट पार्ट

     YRF Entertainment
     Yash Raj Music
     Yash Raj Home Video
     YRF Television
     Yash Raj Films International
     YRF Store
    Y-Films, a production house created in April 2011 to provide a platform for young talent and innovative marketing.
    Yomics

 
सालों पहले अगर टीना मुनीम अब अंबानी ने एक बड़े कॉरपोरेट घराने से रिश्‍ता जोड़ कर अपनी लाइफ सिक्‍योर की थी तो अब विद्या बालन के बाद रानी ने इंटरटेनमेंट इंडस्‍ट्री के बड़े बिजनेस हाउस में शादी करके अपने को टॉप पर पहुंचा दिया है. ऐश्‍वर्या रॉय बच्‍चन, माधुरी दीक्षित नेने या करीना कपूर खान के कंपेरिजन में रानी काफी आगे निकल गयी हैं. अगर सामान्‍य तौर पर कहा जाए तो इंटरटेनमेंट बिजनेस के टाटा और बिरला इस समय आदित्‍य चोपड़ा ही हैं और अब रानी इस एंपायर की रानी बन गयी हैं. तलाश में भले ही करीना के साथ रानी का सर्पोटिंग रोल हो पर टाइटल से बेगम बनी करीना कपूर खान के कंपेरिजन में रियल लाइफ के लीड रोल में वे क्‍वीन बन गयी हैं.