Wednesday, September 3, 2014

Highcourt wans to patna nagar nigam on tuesday

 एक बार फिर नगर निगम को उसकी लापरवाही के लिए हाईकोर्ट ने फटकार लगायी है. एक बार फिर से हाईकोर्ट के वकील ने कमिश्नर पर आरोप लगाया है कि इन्होंने सही तरीके से नाला की सफाई नहीं करवाई है, जिससे आज तक शहर का पानी बाहर नहीं निकल पाया है. शहर की कंडीशन ठीक नहीं है. हर तरफ गंदगी और पानी का अंबार लगा हुआ है. संप हाउस से पानी नहीं निकल पा रहा है. इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस बीएन सिन्हा और जस्टिस पीके झा की खंडपीठ ने कहा कि बाकी राजधानी की तुलना में पटना सबसे गंदी राजधानी है. यहां चलने तक पर आफत मचा हुआ है. निगम की लापरवाही का यह नतीजा है कि कचरा और जलजमाव दोनों से पटना को दो चार होना पड़ रहा है.

अंडरग्राउंड नालों की नहीं हो रही सफाई

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान निगम पर यह भी आरोप लगा कि अंडरग्राउंड नाला की सफाई नहीं हो पा रही है. इस वजह से हर एरिया में पानी जम जाता है और निकाल पाना मुश्किल भरा काम होता है. बोरिंग रोड सहित अधिकांश एरिया में बने अंडरग्राउंड नालों की सफाई पर निगम ध्यान नहीं देता है. इस पर हाईकोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिया कि नालों की स्थिति ठीक करने के लिए सरकार से बात कर उसे जल्द ठीक करवाए.

हाईकोर्ट के जस्टिस देखेंगे संप हाउस

नालों की सफाई और संप हाउस की हालत का जायजा और निरीक्षण अब खुद हाईकोर्ट के जस्टिस बीएन सिन्हा और जस्टिस पीके झा करेंगे. इसके लिए शनिवार छह सितंबर सुबह सात बजे का टाइम फिक्स किया गया है. जोगीपुर संप हाउस के निरीक्षण के बाद आगे किसी भी तरह का फैसला लिया जाएगा. जलजमाव को लेकर लगातार नगर निगम पर हाईकोर्ट सख्त हो रही है और जलजमाव को दूर करने में लगातार निगम फिसड्डी साबित हो रहा है. जानकारी हो कि हर अंचल की ओर से वकीलों ने पीआईएल कर रखा है. इसके बाद हाईकोर्ट निगम कमिश्नर को बुलाकर उसकी अपडेट जानकारी ले रही है.

पब्लिक ने भी कहा, लापरवाही से गंदा बन रहा शहर

- प्रोपर टाइम पर कभी भी किसी भी एरिया में सफाई नहीं होती.

- कचरा फेंकने वालों पर कोई सख्त कानून बनाने में हैं फिसड्डी.

- करोड़ों की राशि के बाद भी कचरा प्रबंधन पर कोई काम शुरु भी नहीं हो पाया है.

- नाला, मेन होल, कैचपिट की सफाई ठीक से नहीं हो पाता है.

- निगम शहर में हो रही कंस्ट्रक्शन पर ध्यान नहीं दे रहा, इस वजह से नाला ढंकते जा रहा है.

- ट्रीटमेंट प्लांट ठीक नहीं होने और मशीन ठीक से काम नहीं करने की वजह से गंदा पानी भी शहर में ही रह जाता है.

- बारिश के पानी को दूर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम पर कोई काम नहीं हो पाया है.

शुक्रवार तक देना होगा सेक्रेटरी से मिलकर रिपोर्ट

हाईकोर्ट ने निगम कमिश्नर को कहा कि वो गवर्नमेंट और सेक्रेटरी लेवल पर बैठकर फंड जेनरेशन और एक ऐसा प्लान लेकर आए, जिससे यह पता चले कि आने वाले सालों में पटना में जलजमाव नहीं होगा. वहीं, हाईकोर्ट के सामने निगम कमिश्नर जलजमाव वाले एरिया के तस्वीरों के साथ आए और बताया कि जिस एरिया में ड्रेनेज नहीं है, उसी एरिया में इस तरह की परेशानी दिख रही है. 

 
 

Rain wets ranchiites

मंगलवार को सुबह से शाम तक तेज बारिश ने लोगों को जमकर भिगोया. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मंगलवार को रांची में सुबह से शाम तक क्ख् मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. मौसम विज्ञान विभाग, रांची केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों तक पूरे झारखंड में बारिश होने की संभावना है. इधर, मंगलवार को लगातार हुई बारिश की वजह से शहर में ट्रैफिक जाम का आलम भी देखने को मिला. वहीं, लालपुर चौक, कांके रोड, बूटी मोड़, बरियातू रोड, कर्बला चौक से सेंट जेवियर्स कॉलेज जानेवाले रोड, बहू बाजार, स्टेशन रोड में जगह-जगह पर जलजमाव भी रहा, जिससे आने-जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

टेंप्रेचर में आई गिरावट

मौसम विज्ञान विभाग, रांची केंद्र के डॉ ए वदूद ने बताया कि अगस्त में मैक्सिमम टेंप्रेचर फ्0 से फ्फ् डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले दिनों गिरकर ख्म् डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा. मंगलवार को मैक्सिमम टेंप्रेचर ख्0 डिग्री सेल्सियस तक चला गया. साउथ-ईस्ट की ओर से आनेवाली हवा के कारण भी पूरे झारखंड में जल्द ही ठंड आने की संभावना है. बारिश के अच्छे अमाउंट में होने की वजह से टेंप्रेचर में फ्लैक्चुएशन भी महसूस किया जा रहा है.

मौसमी बीमारी के मरीजों की बढ़ी संख्या

मौसम में हो रहे बदलाव और अचानक हुई तेज बारिश की वजह से काफी संख्या में लोग बीमार भी हो रहे हैं. सर्दी, खांसी, वायरल फीवर की चपेट में आ रहे लोगों की तादाद भी बढ़ी है. रिम्स, सदर अस्पताल और तमाम प्राइवेट हेल्थ क्लिनिक में भी मरीजों का तांता देखने को मिल रहा है. बारिश की वजह कई जगहों पर कचरों का भी अंबार लग रहा है, जिसकी वजह से इन्फेक्शन वाली बीमारियों का भी खतरा बढ़ रहा है. मुख्य तौर पर बच्चों में होनेवाली स्किन डिजीज के केसेज भी सामने आ रहे हैं.