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Sunday, December 21, 2014

Grand devotees rotation inundation

अमावस पर कड़ी सर्दी के बावजूद श्रद्धालुओं ने श्रीधाम में आकर बड़ी संख्या में पंचकोसी परिक्रमा लगाई। जबकि साल के अंतिम दिनों में बांके बिहारी समेत अन्य मंदिरों के दर्शन को भीड़ का हुजूम टूटता रहा।

इस दौरान अनेक स्थानों पर घंटो जाम के हालात बने रहे। पुलिस जाम हटाने को मशक्कत करती देखी गई।

सुबह दस बजे- विद्यापीठ चौराहे पर दो पुलिस कर्मी एक ओर खड़े थे जबकि भीड़ चौराहे के चारों दिखाई दे रही थी। कारें और दुपहिया वाहन यहां रेंगे-रेंग कर निकल रहे थे जबकि श्रद्धालु कारों और वाहनों के बीच से निकल कर सड़क पार करते रहे। यहां जाम के हालात दोपहर बारह बजे तक बने रहे।

ग्यारह बजे-ग्यारह बजे के करीब अटल्ला चौराहे की स्थिति सोचनीय बनी हुई थी। पुलिस जाम हटाने को मशक्कत कर रही थी। जबकि वाहनों का रेला टूटने का नाम नहीं ले रहा था। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि जाम सुबह नौ बजे से लगा है। इस दौरान मथुरा और मांट रोड से आने वाले वाहनों का सिलसिला जारी था। सड़कों पर कारों की कतारें- सुबह साढ़ दस बजे रमणरेती मार्ग पर फोगला आश्रम, होटल बसेरा और हरिनिकुंज चौराहे के आसपास, बन महाराज कॉलेज, इस्कॉन मंदिर के निकट दर्जनों कारें सड़क किनारे खड़ी थीं। इनमें बैठे चालकों ने बताया कि जाम के कारण यहां पर कारें खड़ी करनी पड़ीं। जबकि कार स्वामी पैदल बांके बिहारी मंदिर में दर्शन को गये हैं।वृंदावन: अमावस पर कड़ी सर्दी के बावजूद श्रद्धालुओं ने श्रीधाम में आकर बड़ी संख्या में पंचकोसी परिक्रमा लगाई। जबकि साल के अंतिम दिनों में बांके बिहारी समेत अन्य मंदिरों के दर्शन को भीड़ का हुजूम टूटता रहा। इस दौरान अनेक स्थानों पर घंटो जाम के हालात बने रहे। पुलिस जाम हटाने को मशक्कत करती देखी गई।

Saturday, December 20, 2014

Cold wave had enormous faith

भले ही हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा हो, सड़क पर नंगे पांव चलने पर कंकड़ों की चुभन का भी उन्हें एहसास नहीं हो रहा था, कारण यह कि यमुना स्नान के बाद सीधे पंचकोसी परिक्रमा शुरू कर दी थी।

पौष माह की कड़कड़ाती ठंड और पिछले तीन दिनों से चल रही शीतलहर में हजारों आस्थावान पुरुष और महिलाओं के शरीर शीत से शुन्न से हो रहे थे लेकिन प्रभु बांके बिहारी के प्रति आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी।

ऐसा नहीं कि इन्हें ठंड नहीं लग रही थी, लेकिन आस्थावानों में इसकी कतई परवाह नहीं दिखी। दोपहर ग्यारह बजे के करीब जगन्नाथ घाट के निकट कुछ महिलाएं सड़क किनारे जल रही फूंस के अलाव को देखकर रुक गयीं। कुछ ने कहा कि हाथ सेंक लें, और कुछ ही पलों में झुंड आग के चारों ओर फैल गया।

Source: Weekly Horoscope 2015