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Wednesday, September 10, 2014

Scam of three hundred crore land

राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करके करीब ब्0 बीघा जमीन बेचने का आरोप पूर्व सांसद राम नारायन साहू पर लगाया गया है. जमीन की अनुमानित कीमत करीब पौने तीन सौ करोड़ रुपए है. पहले तो ग्राम समाज की जमीन फर्जी तरीके से साहू इन्वेस्टमेंट कंपनी के निदेशक ने हड़प ली और फिर इसे सरकारी संस्थाओं अौर पब्लिक को बेच दी.

पीआईएल की थी दाखिल

वी फॉर ऑल संस्था के महामंत्री अक्षय कटियार की ओर से इस संबंध में रिट पिटीशन ब्ख्फ्7 एमबी दाखिल की गई थी. उन्होंने बताया कि गाटा संख्या ख्, ख्7, ख्8, फ्क्, क्म्7, क्म्9 अलीगंज के पुरनिया में है. इस इलाके की करीब ब्0 बीघा जमीन राजस्व अभिलेखों में हेर-फेर कर हड़प ली गई. फ्क् जनवरी ख्0क्ब् को डीएम स्तर पर इसकी जांच कराई गई. जांच में पाया गया कि जमीन हड़पने के आरोप सही हैं. अक्षय ने बताया कि इस धांधली की जानकारी उन्हें तब हुई जब वह लल्ला का केस साहू इन्वेस्टमेंट कंपनी के खिलाफ लड़ रहे थे. इसी भूमि से संबंधित गाटा नंबर ख् जिसे कूटरचित करके गाटा नंबर ख्/ भ् बताया गया था के संबंध में नायब तहसीलदार के आदेश पर मडि़यांव थाने में एफआईआर दर्ज की गई. केवल यही नहीं जिस गाटा नंबर ख्7 को कंपनी ने गाटा नंबर ख्7/ क्, ख्7/ फ् बनाया गया था. इसका एरिया था एक लाख ख्8 हजार भ्क्8 वर्ग फीट. ख्भ् मई 9म् में इसे राम नारायन साहू की पत्‍‌नी वीरमती साहू ने मंडी परिषद को बेच दी. इसी विवाद के चलते लल्ला पर प्राण घातक हमला भी कराया गया. जिसकी एफआईआर भी मडि़याव में दर्ज है. जब इस पर भी बात नहीं बनी तो संस्था के पदाधिकारी शिवाधर द्विवेदी पर हमला कराया गया. इसकी एफआईआर भी दर्ज है. जब इन आरोपों के बारे में पूर्व सांसद राम नारायन साहू से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया. 

Wednesday, September 3, 2014

uptu comebacj phellowship yojna for ther colleges

रिसर्च के साथ-साथ टीचिंग को बढ़ावा देने के लिए वर्ष ख्009 में बंद की गयी टीचर्स फेलोशिप योजना को उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) ने फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है. इस फेलोशिप में रिसर्च स्कॉलर को असिस्टेंट प्रोफेसर की भांति भत्ता दिया जाएगा. इस योजना को शुरू करने के लिए टेक्निकल यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल ने मंजूरी दे दी है.

क्भ्0 स्कॉलर को फायदा

टीचर्स फेलोशिप योजना को इस बार शुरू करने के लिए यूनिवर्सिटी में सम्पन्न हुई ब्0वीं एकेडमिक काउंसिल ने इस मामले पर अपनी सहमति दे दी है. यह योजना केवल सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों पर ही लागू होगी. फेलोशिप के फिर से शुरू होने से तकरीबन क्भ्0 से ज्यादा रिसर्च स्कॉलर्स को लाभ मिलेगा. इसके तहत छात्रों को रिसर्च के साथ ही पढ़ाई करने का भी अवसर दिया जाएगा.

टीचर्स की कमी होगी दूर

यूपीटीयू में टीचर्स फेलोशिप शुरू हो जाने की वजह से शिक्षकों की कमी का दंश झेल रहे सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की कुछ दिक्कतें कम हो जाएंगी. इन कॉलेजों में विभिन्न कोर्सेस में पीएचडी कर रहे छात्रों को शामिल किया जाएगा, जिससे एक तो रिसर्च स्कॉलर के अंदर टीचिंग के स्किल को डेवलप करने में मदद मिलेगी. वहीं, संस्थानों की समस्याएं काफी हद तक दूर हो सकेंगी.

विज्ञापन के जरिए आवेदन

इस फेलोशिप के लिए यूनिवर्सिटी स्तर पर विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा. उसके बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार करते हुए रिसर्च स्कॉलर का चयन किया जाएगा. चयनित स्कॉलर ही इस फेलोशिप को पाने के लिए अधिकृत होंगे. चयन के बाद इन सभी स्कॉलर को उनके काम के आधार पर भत्ता ि1दया जाएगा.

इस फेलोशिप से रिसर्च स्कॉलर को काफी मदद मिलेगी. फेलोशिप से जहां छात्रों को बेहतर शोध करने में मदद मिल सकेगी. वहीं, टीचिंग का भी अनुभव छात्रों को मिल सकेगा.

-पवन गंगवार

कुलसचिव, यूपीटीयू.

 
 

Saturday, August 30, 2014

108 ambulance accident

लोगों की जान बचाने वाली क्08 एंबुलेंस ने गुरुवार को मोहनलालगंज में दो लोगों को मौत की नींद सुला दिया. विपरीत दिशा से आ रही एंबुलेंस ने डयूटी पर जा रहे बाइक पर सवार दो लोगों को कुचल डाला. इस हादसे में बीडीओ ऑफिस में कार्यरत असिस्टेंट एकाउंटेंट ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि बाइक पर पीछे बैठे सफाई कर्मचारी की इलाज के दौरान ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई. हादसे से नाराज ब्लॉक कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को घेर लिया और ड्राइवर की जमकर पिटाई कर दी. जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को अरेस्ट कर लिया है.

ऑफिस के सामने हुई दुर्घटना

मोहनलालगंज के उतरेठिया निवासी अशोक कुमार शुक्ला (भ्फ्) बीडीओ ऑफिस में असिस्टेंड एकाउंटेंट थे. वह गुरूवार की सुबह करीब दस बजे अपनी बाइक पर सवार होकर ड्यूटी जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में उन्हें हुसैनगंज के लालकुआं निवासी और उन्हीं के ऑफिस में सफाईकर्मी विमल गौतम (ब्0), मिल गया. अशोक ने उसे अपनी बाइक पर बिठा लिया. वह बाइक लेकर ब्लाक के सामने पहुंचे ही थे कि विपरीत दिशा से आ रही तेजरफ्तार क्08 एंबुलेंस ने उनकी बाइक में ठोकर मार दी. जिससे अशोक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि, विमल गौतम बुरी तरह से घायल हो गया. स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को घेर लिया. उन लोगों ने ड्राइवर को खींचकर पीटना शुरू कर दिया. कुछ लोगों ने एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त कर दिया. अशोक और विमल की मौत की खबर कार्यालय पहुंची तो वहां से भी सभी कर्मचारी पहुंच गए. सड़क पर हंगामा शुरू हो गया. जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल विमल को सीएचसी ले गए. जहां हालत नाजुक होने की वजह से विमल को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया. ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर डॉक्टर्स ने उसका इलाज शुरू किया लेकिन कुछ ही देर में उसकी भी मौत हो गई. 

Friday, August 22, 2014

Coaching teacher sexalky abused his elevan year old student

सआदतगंज एरिया में गुरु-शिष्य का रिश्ता तार-तार करते हुए एक वहशी टीचर ने क्क् साल के स्टूडेंट के साथ डेढ़ साल तक दुष्कर्म करता रहा और उसे धमकाकर चुप करा दिया. बुधवार को असहनीय दर्द होने पर किशोर ने परिजनो को आप बीती सुनाई. जिसके बाद हरकत में आए परिजनों ने पुलिस में इसकी शिकायत की. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.

परिजनों ने दी पुलिस को सूचना

एसओ सआदतगंज शशिकांत यादव के मुताबिक, नौबस्ता मंसूर नगर निवासी अशफाक सउदी अरब में टेलर है. उसका क्क् वर्षीय बेटा आरिफ (दोनो नाम काल्पनिक) क्लास ब् का स्टूडेंट है. वह पिछले डेढ़ साल से मूनलाइट एजूकेशन कोचिंग सेंटर में ट्यूशन पढ़ता है. आरोप है कि बीते डेढ़ साल से कोचिंग संचालक मो. इस्लाम आरिफ को डरा धमकाकर उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म करता रहा और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी. बुधवार को जब आरिफ को असहनीय दर्द हुआ तो उसने परिजनों को आपबीती सुनाई. जिसे सुनकर उनके होश उड़ गए. इसके बाद परिजन उसे लेकर सआदतगंज थाने पहुंचे. पुलिस ने आरोपी मो. इस्लाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आरिफ को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है. 

Wednesday, August 20, 2014

B Tech 2nd year students can change his branch

उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) से जुड़े कॉलेजेस से बीटेक करने वाले ऐसे स्टूडेंट जो ब्रांच (शाखा) परिवर्तन का इंतजार कर रहे थे, के लिए अच्छी खबर है. यूपीटीयू ने ब्रांच चेंज का ऑप्शन मुहैया कराने का न सिर्फ फैसला लिया है, बल्कि इसके लिए डेट भी फाइनल कर दी है. अब स्टूडेंट्स शाखा परिवर्तन के लिए आवेदन कर सकते हैं.

बड़ी संख्या में हैं बीटेक कॉलेज

गौरतलब है कि यूपीटीयू से जुड़े प्रदेशभर में बड़ी संख्या में कॉलेज हैं जहां से स्टूडेंट्स बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं. हर साल बीटेक में पढ़ाई कर रहे ऐसे छात्र अच्छी खासी तादाद में होते हैं, जो सेकेंड इयर में पहुंचने के बाद किन्हीं कारणों से ब्रांच चेंज करने के लिए अप्लाई करते हैं. इस बार भी वे स्टूडेंट जो नए सेशन 2014-15 में सेकेंड इयर थर्ड सेमेस्टर में आ चुके हैं. उन्हें ब्रांच चेंज करवाने के प्रॉसेस का इंतजार था. ऐसे स्टूडेंट्स के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से अंतिम तिथि का निर्धारण किया गया है.

वेबसाइट से कर सकते हैं डाउनलोड

यूपीटीयू के अपर परीक्षा नियंत्रक डॉ. विक्रम सिंह की ओर से सभी बीटेक इंस्टीट्यूशंस को पत्र जारी करके कहा गया है कि बीटेक सेकेंड इयर थर्ड सेमेस्टर के जो छात्र अपना ब्रांच चेंज कराना चाहते हैं, वे 25 अगस्त तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद यूनिवर्सिटी की ओर से कोई आवेदन एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा. यूपीटीयू की वेबसाइट www.uptu.ac.in पर आवेदन पत्र का प्रारुप भी अपलोड कर दिया गया है. जिसे स्टूडेंट्स डाउनलोड करके आवेदन कर सकते हैं.

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कॉलेजेस को करना होगा प्रमाणित

उपरोक्त आवेदन से जुड़ी खास बात यह है कि ब्रांच चेंज करवाने के लिए आवेदन केवल वही स्टूडेंट कर सकेंगे, जिन्होंने सेशन 2013-14 में एडमिशन लिया है और प्रथम वर्ष के दोनों सेमेस्टर के सभी पेपर फ‌र्स्ट डिविजन के साथ पास किया है. किसी भी सेमेस्टर में कैरीओवर एग्जाम देने वाले अथवा ग्रेस पाने वाले स्टूडेंट आवेदन के लिए इलिजिबल नहीं होंगे. ऐसे स्टूडेंट्स को आवेदन से रोकने के लिए संस्थान के डायरेक्टरर/प्रिंसिपल की ओर से इस बात का प्रमाण पत्र भी देना होगा कि आवेदनकर्ता की ओर से सभी रुल्स फालो किए गए हैं.

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वेकेंट सीटों पर निर्भर करेगा संशोधन

हालांकि, बीटेक बायोटेक्नोलॉजी, बीटेक एग्रीकल्चर और लेटरल इंट्री के स्टूडेंट ब्रांच चेंज के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे. नए संशोधन के तहत होने वाला एडमिशन संस्थान में वेकेंट सीटों की संख्या पर निर्भर करेगा. स्टूडेंट्स को हिदायद दी गई है कि वे अपना नाम और रोल नम्बर सही तरीके से भरें. इसमें कोई भी त्रुटि होने पर आवेदन को रिजेक्ट कर दिया जाएगा. यूनिवर्सिटी ने सभी इंस्टीट्यूशंस से इस कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है. जिससे ऐसे स्टूडेंट्स का नया डाटा बैंक तैयार किया जा सके. 

Tuesday, August 19, 2014

Firing for extortion money in lucknow development athority

खुद को मंत्री का आदमी बता रहे दबंगों ने एक ठेकेदार पर रौब गांठने के लिये जमकर गोलियां दागीं. जवाब में ठेकेदार के ग्रुप की ओर भी फायरिंग की गई. दिनदहाड़े एलडीए कैंपस में हुई इस घटना से हड़कंप मच गया. जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के चार लोगों को अरेस्ट कर लिया. पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज कर फरार अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

मांग रहे थे रंगदारी

बीकेटी निवासी युवराज सिंह एलडीए में ठेकेदारी करते हैं. गुरुवार दोपहर वह अपने साथियों के साथ एलडीए में एक टेंडर डालने आए थे. बताया जाता है कि इसी दौरान खुद को एक मंत्री का करीबी बता रहा वेद यादव अपने साथियों के साथ वहां आ पहुंचा और युवराज से भ् लाख रुपये रंगदारी मांगने लगा. युवराज ने उसे रकम देने से इनकार किया तो दहशत फैलाने के लिये वेद और उसके साथियों ने बंदूक व रिवॉल्वर से फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में युवराज के साथियों ने भी गोलियां दागनी शुरू कर दी. दिनदहाड़े खुलेआम हो रही ताबड़तोड़ फायरिंग से वहां हड़कंप मच गया और लोग जान बचाने के लिये इधर-उधर भागने लगे. जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके से वेद यादव, उसके साथी संजय सिंह और युवराज सिंह व उसके साथी अरविंद को अरेस्ट कर लिया. पुलिस ने मौके से दो खोखे क्ख् बोर और एक खोखा फ्ख् बोर का बरामद किया. 

Tuesday, August 12, 2014

I Next created a Disclosures

सीएम अखिलेश यादव के नाम की फर्जी हाई स्कूल का सर्टिफिकेट बनाने की खबर आई नेक्स्ट में छपी तो हड़कंप मच गया. सीएम के सेक्रेटरी से लेकर चीफ सेक्रेटरी तक हरकत में आ गये और इस तरह के गैंग के खिलाफ एक्शन लेने की बात होने लगी. चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन ने इस मामले में कानपुर प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है. वहीं मामले की जांच के आदेश दे दिये गये हैं.

मांगी गयी रिपोर्ट

चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट मांगी गयी है. रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में ना सिर्फ गैंग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, बल्कि अगर कोई एजुकेशन डिपार्टमेंट या फिर किसी भी सरकारी डिपार्टमेंट का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इंवॉल्व हुआ तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी. आलोक रंजन का कहना है कि यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि लोगों के भविष्य से जुड़ा हुआ है.

ज्वाइंट डायरेक्टर करेंगे जांच

सेकण्डरी एजुकेशन की डायरेक्टर शैल कुमारी यादव का कहना है कि नयी-नयी टेक्निक्स आ गयी हैं जिससे इस तरह के फ्रॉड सामने आ रहे हैं. इससे कोई फर्क इसलिए नहीं पड़ता क्योंकि हर डॉक्यूमेंट वेरीफाई कराया जाता है. जहां तक इस तरह के फर्जीवाड़े का सवाल है तो इस बारे में कानपुर के ज्वाइंट डायरेक्टर से जांच करायी जाएगी.

कम्प्यूटर और स्कैनर का है कमाल

वहीं एजुकेशन डिपार्टमेंट के दूसरे बड़े अधिकारी इस पूरे मामले में बोलने से बचते नजर आये. जबकि कुछ अधिकारियों ने ऑफ द रिकॉर्ड बात करने पर कहा कि इस तरह का खेल कोई भी एक कंप्यूटर और स्कैनर रखकर कर सकता है. इसमें अगर कहीं से डिपार्टमेंट का इंवॉल्वमेंट नहीं हो सकता. इसकी वजह यह है कि सब कुछ ऑनलाइन हो चुका है. जो पुराने डाटा हैं, उनको भी डिजिटलाइज किया जा रहा है. इन अधिकारियों का यह भी कहना है कि फर्जी मार्कशीट बनाना या बनवाना क्राइम से जुड़ा मामला है, इसलिये इसमें लोकल पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए.

लोकल पुलिस भी कर रही है जांच

आई नेक्स्ट के इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में भी बेचैनी है. डीजीपी आनंद लाल बनर्जी ने बताया कि फर्जी डाक्यूमेंट तैयार करने के मामले तो सामने आते रहते हैं, लेकिन यहां सर्टिफिकेट सीएम के नाम से जारी कर दिया गया है. इसकी लोकल पुलिस से जांच करायी जाएगी.

आई नेक्स्ट ने किया था स्टिंग

कानपुर में सीएसजेएमयू यूनिवर्सिटी के बाहर चल रहे बड़े गैंग के बारे में आई नेक्स्ट को जानकारी मिली थी. आई नेक्स्ट रिपोर्टर ने इसका स्टिंग ऑपरेशन किया तो नमूने के तौर पर सीएम के नाम का हाई स्कूल का सर्टिफिकेट चंद पैसों में कुछ ही मिनटों में हाथ में था. 

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Friday, August 8, 2014

Administration-

प्रदेश के दर्जनों अधिकारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा केंद्र सरकार में गृह मंत्रालय को देने में कतरा रहे हैं. साल ख्0क्फ् ब्यौरा होम मिनिस्ट्री में ना देने वालों की संख्या ख्00 से अधिक है. इसमें अकेले भ्8 आईएएस अधिकारी यूपी कैडर के हैं जिसमें इलाहाबाद और आगरा के कमिश्नर, लखनऊ और बनारस के डीएम शामिल हैं. ख्0क्फ् का आईपीआर जमा करने के लिए फ्क् जनवरी तक का टाइम दिया गया था. लेकिन छह महीने बाद भी यूपी कैडर के भ्8 आईएएस अधिकारियों ने अपनी इम्मूवेबिल प्रापर्टी रिटर्न दाखिल नहीं किया है. जबकि, ख्0क्ख् के ऐसे अधिकारियों की संख्या म्ब् है जिनका आईपीआर अब तक होम मिनिस्ट्री तक नहीं पहुंचा है.

ख्0क्0 और ख्0क्क् का आईपीआर भी अब तक नहीं जमा

ऐसा नहीं है कि सिर्फ ख्0क्ख् और ख्0क्फ् का ही आईपीआर आईएएस अधिकारियों ने नहीं जमा किया है. यूपी कैडर के लगभग पौने चार सौ आईएएस अफसरों में कई अफसर ऐसे भी हैं जिन्होंने पिछले तीन सालों का आईपीआर जमा नहीं किया है. इसमें ख्00म् बैच के आईएएस अभिषेक प्रकाश जो अभी डीएम अलीगढ़ की पोस्ट पर तैनात है, का भी नाम शामिल है जिन्होंने ख्0क्क् और ख्0क्ख् में अपना आईपीआर होम मिनिस्ट्री को नहीं दिया है. इनके अलावा क्980 बैच सुशील मोहन, क्997 बैच की रीता सिंह ने ख्0क्क् में अपना आईपीआर नहीं जमा किया. जबकि ख्0क्0 में आईपीआर जमा ना करने वाले अधिकारियों में क्980 बैच के आईएएस शिशिर प्रियदर्शी, सुशील मोहन, क्98ख् बैच के प्रदीप भटनागर, क्98फ् बैच के अतुल बगई, क्990 बैच के संजय भाटिया और क्997 बैच की आईएएस रीता सिंह शामिल हैं.

आगरा और इलाहाबाद के कमिश्नर के भी आईपीआर का इंतजार

होम मिनिस्ट्री की वेबसाइट पर आगरा और इलाहाबाद के कमिश्नर के अलग अलग साल का आईपीआर नहीं है. इसमें आगरा के कमिश्नर प्रदीप भटनागर का साल ख्0क्0 का और इलाहाबाद के कमिश्नर बादल चटर्जी के साल ख्0क्ख् का आईपीआर नहीं है जबकि ऐसे जिला अधिकारियों की तादाद अनगिनत हैं जिन्होंने पिछले दो साल के आईपीआर नहीं जमा किये हैं. होम मिनिस्ट्री की वेबसाइट पर साल ख्0क्फ् का आईपीआर जमा करने वालों की लिस्ट में राजधानी लखनऊ के डीएम राजशेखर और वाराणसी के डीएम प्रांजल यादव का नाम भी शो हो रहा है.

सीएम के सेक्रेटरी का भी नहीं जमा है आईपीआर

सीएम अखिलेश यादव के सेक्रेटरी पार्थ सारथी सेन शर्मा जो क्99ब् बैच के आईएएस हैं, ने भी अब तक इस साल का आईपीआर जमा नहीं किया है. यह बात अलग है कि वह एक साल के लिए देश से बाहर स्टडी लीव पर थे. हाल ही में वह लौटे हैं और उन्हें सीएम सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गयी है.

लापता हैं कई अफसर

आईपीआर ना जमा करने वालों में दो अफसर ऐसे भी हैं जिनका रिकार्ड भी सरकार के पास नहीं है कि वह मौजूदा समय में कहां है. इसमें क्980 बैच के आईएएस शिशिर प्रियदर्शी, क्98फ् बैच के आईएएस अधिकारी अतुल बगई, क्990 बैच के संजय भाटिया और क्997 बैच की महिला आईएएस रीता सिंह का कोई अता पता नहीं है.

केंद्र सरकार में हैं यूपी कैडर के 7ब् आईएएस

ख्0क्फ् बैच मिलाकर यूपी कैडर के आईएएस की संख्या ब्म्ब् है. इसमें 7ब् आईएएस ऐसे हैं जो डेप्युटेशन पर हैं या प्रदेश के बाहर तैनात हैं. वहीं क्0 आईएएस अधिकारी ऐसे भी हैं जो अदर स्टेट के हैं और यूपी में नौकरी कर रहे हैं. 

 
 
 

Friday, August 1, 2014

Now let's homegrown Cirque fun

यह देसी डब्लूडब्लूई है. यहां गद्देदार रिंग नहीं हैं और न ही चकाचौंध करने वाली रोशनी. लेकिन इन पहलवानों का जज्बा देखने लायक है. गोमती अखाड़े की एक खासियत काबिलेगौर है. यहां एक ओर अली हैं तो दूसरी ओर बजरंगबली. हिन्दू और मुस्लिम भाईचारे की यह अद्भुत मिसाल चौक में दिखती है. दोनों सम्प्रदायों के लोग यहां दांव-पेंच आजमाते हैं. नाग पंचमी के मौके पर बुजुर्ग उस्तादों से लेकर छोटे-छोटे बच्चे तक अखाड़े की मिट्टी को पहले सिर पर लगाते हैं और फिर उठापटक का दौर शुरू हो जाता है.

नहीं जानते हैं अंडर टेकर और रॉक को

गोमती पहलवान अखाड़े का नजारा नाग पंचमी को देखने लायक रहता है. बड़ी संख्या में लोग यहां दंगल देखने के लिए मौजूद रहते हैं. कोई धोबी पाट मारता है तो कोई ढाक और डिपली जैसे दांव आजमाता है. मुकाबला मुश्किल होता है. हैरत की बात तो यह है कि जब इन पहलवानों से डब्लूडब्लूई के रेसलर्स के बारे में बात की तो वह यह नहीं बता सके कि अंडरटेकर और रॉक कौन हैं. वह तो केवल अर्जुन पुरस्कार विजेता चांदगी राम और दारा सिंह को ही जानते हैं.

मिट्टी में डाला जाता था तेल

पहलवान गोपाल साहू बताते हैं कि अखाड़े का मतलब केवल कुश्ती से ही नहीं था. बल्कि पहले तो यहां चिकनी मिट्टी में कई पीपे तेल, हल्दी, दूध और मट्ठा डाला जाता था. इसकी वजह थी कि यह मिट्टी इतनी ताकतवर हो जाए कि शरीर को इससे कुछ पौष्टिक तत्व मिल सकें. लेकिन अब तो अखाड़े खात्मे की ओर हैं. यंग जनरेशन जिम की ओर रुख कर रही है. डीपी सिंह बताते हैं कि पिता ओंकार सिंह स्पो‌र्ट्स चैम्पियन थे. लखनऊ से करीब फ्भ् किलोमीटर की दूरी पर जयपालपुर में उनके मकान के सामने पिता जी ने अखाड़ा बनवा रखा था. बचपन से ही शौक जाग गया जो अभी तक बरकरार है. अखाड़े में देसी कसरत का मजा ही कुछ और था. भीगे चने और दूध पीकर कसरत करने में जो मजा आता था, वह अभी तक यादगार है. नाग पंचमी के मौके पर चौक, सदर, गणेशगंज में दंगल होंगे.

प्रतियोगिता में आएंगे नामी पहलवान

गणेशगंज स्थित उस्ताद गिरधारी लाल पहलवान अखाड़े में नागपंचमी के अवसर पर शुक्रवार को राज्य स्तरीय विराट दंगल आयोजित किया जाएगा. इस दंगल में आस-पास के जिलों के नामी पहलवान हिस्सा लेंगे. यह जानकारी देते हुए दंगल प्रतियोगिता केसंयोजक और यूपी ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष टीपी हवेलिया ने बताया कि समारोह में चीफ गेस्ट भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और सांसद बृजभूषण शरण सिंह और अति विशिष्ट अतिथि यूपी ओलंपिक संघ के महासचिव आनन्देश्वर पाण्डेय होंगे. चारबाग के सभासद राम गोपाल जायसवाल की अध्यक्षता में होने वाले इस राज्य स्तरीय विराट दंगल में गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, वाराणसी, मथुरा के पहलवान अपने गुरुओं के साथ कुश्ती कला का प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने बताया कि दंगल के विजेता पहलवानों को कैश प्राइज दिया जाएगा. 

Thursday, July 31, 2014

Public are waiting for there flats for four years

एलडीए भी प्राइवेट बिल्डर की तर्ज पर काम कर रहा है. पेमेंट भी जमा करा लिया और समय पर कब्जा भी नहीं मिल रहा है. सबसे ज्यादा परेशान तो वह लोग हैं जिन्होंने होम लोन लिया था. वह किश्तें भी दे रहे हैं और साथ ही मकान का किराया भी. दो साल में कब्जा देने का दावा था लेकिन चार साल बीतने के बाद भी आवंटी परेशान हैं.

अभी करना होगा वेट

ऐसे हजारों आवंटी हैं, जिन्होंने एलडीए के खातों में अरबों रुपये जमा करने के बावजूद अभी तक अपना आशियाना नहीं मिल सका है़ सृष्टि, सनराइज, सरगम, कल्पतरु अपार्टमेंट की योजनाएं में प्राधिकरण के कम से कम तीन हजार आवंटियों का आशियाने का सपना जुड़ा हुआ है़ मगर कभी किसान आंदोलन तो कभी काम की धीमी रफ्तार के चलते अभी इनको और इंतजार करना पड़ेगा.

चार साल में पूरा नहीं हुआ काम

सनराइज अपार्टमेंट स्कीम में लगभग भ्भ्0 फ्लैट हैं़ यहां ख्0क्0 में निर्माण कार्य शुरू किया गया था़ मगर काम जब अपने अंतिम दौर में पहुंचा तो किसान आंदोलन शुरू हो गया. इस साल काम का आगाज हुआ तो फिर से रोड़े अटकाए जाने लगे़ यहां पेंट के रंग का विवाद सामने आ गया़ एक एक्सईएन ने रंग तय किया तो दूसरे ने आकर उसको मना कर दिया़ जैसे तैसे काम धीमी रफ्तार में चल रहा है़ मगर आशियाना लोगों को कब मिलेगा, ये तय नहीं है़

ब्0 लाख रुपए के हैं फ्लैट

सृष्टि अपार्टमेंट में करीब म्00 आवंटी हैं़ कुर्सी रोड पर इस योजना की लांचिंग ख्0क्0 में की गई थी़ इसमें फ्लैटों की कीमत क्क् लाख से लेकर ब्0 लाख रुपये के बीच है़ लगभग सभी आवंटियों ने निर्धारित धन जमा कर दिया है़ जिनमें से करीब 7भ् फीसदी ने होम लोन लेकर रुपया जमा कर दिया है़ वे मकान का किराया भी दे रहे हैं और होम लोन की किस्त भी, मगर उनका मकान नहीं मिल पा रहा है़ पहले तो किसान आंदोलन ने उनका काम रोक दिया है और अब इसके बाद में निर्माणकर्ता कंपनी मार्ग की रफ्तार बहुत धीमी है़ ऐसे में काम बहुत धीमी चल रहा है़ इसी रफ्तार से कंपलीशन कम से कम दो साल का समय और लगेगा़

फ्00 आवंटी हैं सरगम अपाटर्मेंट में

कुर्सी रोड पर सरगम अपार्टमेंट बनाया जा रहा है़ इसमें करीब फ्00 आवंटी हैं़ यहां भी किसान आंदोलन की गाज गिरी थी़ इस वजह से इस योजना का काम शुरू होते ही रुक गया था़ किसान आंदोलन खत्म हुआ तो दोबारा काम शुरू किया गया़ मगर रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है़ ऐसे में आवंटियों का बुरा हाल है़

सुलभ आवासीय स्कीम का काम सुस्त

कम आय वर्ग के लिए सुलभ आवासीय स्कीम लांच की गई थी़ तीन हजार के करीब फ्लैट बनाए जाने थे़ जानकीपुरम, गोमती नगर विस्तार और शारदा नगर में तीन जगह योजना अभी भी अस्तित्व में हैं़ जहां केवल गोमती नगर विस्तार सेक्टर-क् के कुछ पॉकेट में आवंटियों को कब्जा दिया जा चुका है़ बाकी जगह काम बहुत धीमी गति से जारी है़ फ्लैट बन गए हैं तो सड़क नहीं है और कहीं अभी अपार्टमेंट का ही काम पूरा नहीं किया गया है़ ऐसे में जनता का बुरा हाल है़

सभी अपार्टमेंट के निर्माण और गुणवत्ता पर कड़ी नजर रखने का निर्देश अभियंताओं और अन्य संबंधित अधिकारियों को दिया गया है़ अगर कहीं से भी गड़बड़ी की कोई भी शिकायत मिलेगी तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा़ निर्माणरत अपार्टमेंट के काम में तेजी के लिए भी कार्यदाई कंपनियों को कड़े निर्देश जारी किये गये हैं़

अष्टभुजा प्रसाद तिवारी, उपाध्यक्ष

एलडीए 

Wednesday, July 30, 2014

Bansal institute threating his student

यूपीटीयू की नाक के नीचे स्टूडेंट्स से अवैध वसूली का खेल सिटी में जोरों से चल रहा है. मंडे को सिटी के बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में एक ऐसा ही मामला सामने आया है. जहां इस साल बीटेक फ‌र्स्ट इयर में एडमिशन लेने वाले एक स्टूडेंट ने फीस वापसी की मांग की तो कॉलेज प्रशासन ने उसे धमकी देते हुए वहां से भगा दिया.

मांगी फीस वापस

स्टूडेंट का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने उस से अधिक फीस वसूल की है. जबकि, इसी कोर्स के लिए दूसरे कॉलेज में इसे कम फीस ली जा रही है. ऐसे में वह अपनी जमा फीस वापस लेने और एडमिशन कैंसिल करने की मांग की. इस पर कॉलेज प्रशासन उस पर भड़क गया है और उसे कॉलेज से भगा दिया.

सीटें भरने का चल रहा है खेल

यूपीटीयू ने अपनी नाकामी छुपाने और कॉलेजों की खाली सीटें भरने के लिए प्राइवेट कॉलेजों को खुद ही सीटें भरने का मौका दिया है. इसका फायदा उठाकर कॉलेज प्रशासन मनमाने तरीके से अपनी फीस वसूली कर एडमिशन दे रहे हैं. बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में सामने आया मामले इसी का एक सबूत है. फीस वापसी न करना हो और स्टूडेंट हाथ से न निकल जाए. इसे रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन किसी भी हद तक जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि पहले स्टूडेंट को एडमिशन कैंसिल न करने दबाव बनाया. पर बाद में जब स्टूडेंट नहीं माना तो उसे धमकी देते हुए बाद में देख लेने की धमकी तक दी है. हालांकि, स्टूडेंट की ओर से अभी तक इस मामले की कोई भी सूचना पुलिस को नहीं दी गई है.

पैरेंट्स के आने पर मिलेगी फीस

बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर एसके अग्रवाल ने बताया कि मंडे को एक स्टूडेंट अपना एडमिशन कैंसिल कर फीस वापस करने की मांग कर रहा था. हमने उसे पहले काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन स्टूडेंट के साथ आए एडमिशन कराने वाले माफियाओं ने फीस वापस की बात को लेकर अड़ गए. इस पर उनसे थोड़ी बहस भी हुई. उन्होंने बताया कि एडमिशन माफियाओं ने उसे कम फीस में दूसरे अच्छे कॉलेज में एडमिशन दिलाने का लालच दिया है. एसके अग्रवाल ने बताया कि हमने स्टूडेंट को वापस भेज दिया है फीस वापस करने के लिए पेरेंट्स के साथ आने के लिए कहा है. अगर पेरेंट्स कहेंगे तो उसकी फीस वापस कर दी जाएगी.

Tuesday, July 29, 2014

Bansal institute threating his student

यूपीटीयू की नाक के नीचे स्टूडेंट्स से अवैध वसूली का खेल सिटी में जोरों से चल रहा है. मंडे को सिटी के बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में एक ऐसा ही मामला सामने आया है. जहां इस साल बीटेक फ‌र्स्ट इयर में एडमिशन लेने वाले एक स्टूडेंट ने फीस वापसी की मांग की तो कॉलेज प्रशासन ने उसे धमकी देते हुए वहां से भगा दिया.

मांगी फीस वापस

स्टूडेंट का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने उस से अधिक फीस वसूल की है. जबकि, इसी कोर्स के लिए दूसरे कॉलेज में इसे कम फीस ली जा रही है. ऐसे में वह अपनी जमा फीस वापस लेने और एडमिशन कैंसिल करने की मांग की. इस पर कॉलेज प्रशासन उस पर भड़क गया है और उसे कॉलेज से भगा दिया.

सीटें भरने का चल रहा है खेल

यूपीटीयू ने अपनी नाकामी छुपाने और कॉलेजों की खाली सीटें भरने के लिए प्राइवेट कॉलेजों को खुद ही सीटें भरने का मौका दिया है. इसका फायदा उठाकर कॉलेज प्रशासन मनमाने तरीके से अपनी फीस वसूली कर एडमिशन दे रहे हैं. बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में सामने आया मामले इसी का एक सबूत है. फीस वापसी न करना हो और स्टूडेंट हाथ से न निकल जाए. इसे रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन किसी भी हद तक जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि पहले स्टूडेंट को एडमिशन कैंसिल न करने दबाव बनाया. पर बाद में जब स्टूडेंट नहीं माना तो उसे धमकी देते हुए बाद में देख लेने की धमकी तक दी है. हालांकि, स्टूडेंट की ओर से अभी तक इस मामले की कोई भी सूचना पुलिस को नहीं दी गई है.

पैरेंट्स के आने पर मिलेगी फीस

बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर एसके अग्रवाल ने बताया कि मंडे को एक स्टूडेंट अपना एडमिशन कैंसिल कर फीस वापस करने की मांग कर रहा था. हमने उसे पहले काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन स्टूडेंट के साथ आए एडमिशन कराने वाले माफियाओं ने फीस वापस की बात को लेकर अड़ गए. इस पर उनसे थोड़ी बहस भी हुई. उन्होंने बताया कि एडमिशन माफियाओं ने उसे कम फीस में दूसरे अच्छे कॉलेज में एडमिशन दिलाने का लालच दिया है. एसके अग्रवाल ने बताया कि हमने स्टूडेंट को वापस भेज दिया है फीस वापस करने के लिए पेरेंट्स के साथ आने के लिए कहा है. अगर पेरेंट्स कहेंगे तो उसकी फीस वापस कर दी जाएगी.

Wednesday, July 23, 2014

I wish so much to be alerted police to a friend

तमाम शोहदे और गुंडे यह क्षेत्र छोड़ दें. महिलाओं को किसी तरह की परेशानी है पुलिस को फौरन सूचित करें. किसी को बख्शा नहीं जाएगा. बेटियों को डरने का खौफ नहीं है. अब तुम्हारी जिम्मेदारी हमारी है. ऐसा ही एनाउंसमेंट करते हुए दोपहर दो बजे नाके थाने से एक पुलिस जीप निकली. इस जीप में पुलिस के जवान मौजूद थे. इस गाड़ी का रुख नाका पुल की तरफ था.

अभी चौराहा पार ही किया था..
अभी इस गाड़ी ने चौराहा पार ही किया था कि डीएवी कॉलेज के सामने बने पेट्रोप पंप से सटे कुछ लड़के खड़े हुए थे. यहां से एक रोड सीएमएस के लिए जाती हैं. गाड़ी यहां पर रुकी और यहां बाइक पर खड़े लोगों को उसने भगाया. थोड़ी ही दूर बने विधायक आवास पहुंची. यहां मेन रोड पर चौकी पर कुछ पुलिस की एक जीप खड़ी थी और एक जवान उससे टेक लगाकर खड़ा हुआ था. जीप में मौजूद पुलिस के अधिकारी ने उसे डांटा और क्षेत्र भर में घूमने की बात कही.
मगर फंस ही गए

यहां से बढ़ते हुए जीप सीधे नवयुग डिग्री कॉलेज के सामने रुकी. यहां से गुजरते ही पुलिस के जवानों ने यहां पर खड़ी बाइकस पर बैठे लोगों से पूछताछ करनी शुरू कर दी. पुलिस को देखते ही तमाम शोहदे तो गाड़ी उठाकर भाग खड़े हुए. लेकिन नवयुग कॉलेज की तंग गली में भागते हुए ये फंस ही गए. किसी ने बताया कि गलती से इधर आ गए तो किसी ने दोबारा यहां ना आने की कसम खाई. पुलिस को देखते ही यहां पर बने मकान से एक महिला और लड़की बाहर आ गए और जोर-जोर से चिल्लाकर यहां की अव्यवस्था के बारे में बताने लगे.

जो शोहदों का अड्डा है

उन्होंने बताया कि इस तंग गली में खड़ी कारें शोहदों का अड्डा है. इनमें बैठे ड्राइवर सिर्फ कॉलेज की लड़कियों से नहीं, बल्कि यहां बने मकानों में रहने वाली लड़कियों और महिलाओं से भी छेड़छाड़ करने से बाज नहीं आते. ऐसे में खुद इंस्पेक्टर विजय प्रकाश सिंह ने इस क्षेत्र के एसएसआई पवन कुमार पाण्डेय को बुलाया और कहा कि 'तुम्हें यहां पर सिंघम की तरह काम करना है. किसी भी लड़की के साथ कोई घटना नहीं होनी चाहिए.' इसके बाद यह जीप शोहदों को उठा कर नाका थाना ले आई.

कई लड़कियों से पूछा..

इस दौरान पुलिस वालों ने कई लड़कियों से भी पूछा कि किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं है. गश्त के दौरान दल में शामिल संजय कुमार पाण्डेय, राजीव पाण्डेय, वीरपाल सिंह और लाल बहादुर यादव ने रोड पर खड़ी गाडि़यां भी हटवाई. इस कार्रवाई को देखकर तमाम लोगों ने यही कहा कि इतनी तेजी यदि हर क्षेत्र की पुलिस दिखाए तो कई तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है.

नाका क्षेत्र में तमाम स्कूल और कॉलेज मौजूद हैं. ऐसे में यहां पर शोहदों के खिलाफ यह अभियान चलता रहेगा. पब्लिक को कोई भी परेशानी है तो वह सूचना दे सकती है.
- विजय प्रकाश सिंह
इंस्पेक्टर नाका थाना


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