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Wednesday, July 16, 2014

First somwari of sawan celebration

बम बम भोले के जयकारों से गूंजे शिवालयसावन की पहली सोमवारी. शिवभक्तों के लिए खास दिन. सोमवारी को लेकर शहर के तमाम शिवालयों में पूजा-अर्चना के लिए खास तैयारी की गई थी. मंदिरों की विशेष सजावट की गई थी, तो बाबा भोलेनाथ के गीतों से माहौल भक्तिमय बना हुआ था. हर तरफ बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है और बोल बम बोल बम के जयकारे सुनाई दे रहे थे. इस दिन अहले सुबह से ही बाबा के जलाभिषेक के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दिनभर चलता रहा. पहाड़ी मंदिर, राम मंदिर चुटिया, शिव मंदिर डोरंडा और शिव मंदिर कोकर को सोमवारी के मद्देनजर खास तौर पर सजाया-संवारा गया था.

उत्साहित दिखे श्रद्धालु

पहाड़ी मंदिर में सोमवारी को भोले बाबा के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. रविवार की रात से ही यहां श्रद्धालु पहुंचने लगे थे. मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना में श्रद्धालुओं को दिक्कत नहीं हो, इस बाबत पूरी व्यवस्था की गई थी. यहां महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइन बनाए गए थे. लंबे इंतजार के बाद भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. श्रद्धालु लगातार बोल बम बोल बम, हर हर महादेव के जयकारे लगा रहे थे. क्या बच्चे, क्या महिला, क्या जवान और क्या बुजुर्ग, हर कोई बाबा के जलाभिषेक के लिए बेताब था.

3.30 बजे सुबह खुला पट

अहले सुबह 3.30 बजे पहाड़ी मंदिर में भोले बाबा की विशेष व सरकारी पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. सुबह चार बजे से जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश शुरू हुआ, जो देर शाम सात बजे तक चलता रहा. इसके बाद मंदिर में भोले बाबा का श्रृंगार हुआ और महाआरती के बाद पट को बंद कर दिया गया. इधर, दिनभर पहाड़ी मंदिर के पास उत्सवी नजारा बना रहा. भोले बाबा के जलाभिषेक को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह था. मंदिर की व्यवस्था स्वयंसेवकों ने संभाल रखी थी, ताकि यहां आनेवाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो.

सिर्फ बाबा भोले के जयकारे

पहली सोमवारी के मद्देनजर पहाड़ी मंदिर में भोले बाबा के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु रविवार की रात ही निकल पड़े थे. स्वर्णरेखा नदी से जल लेकर श्रद्धालुओं की टोली पहाड़ी मंदिर की ओर बढ़ रही थी. इस दौरान सड़कों के किनारे स्थित मंदिरों में भोले बाबा के गीत बज रहे थे. मंदिरों की विद्युत सज्जा भी की गई थी. सड़क के किनारे कई जगहों पर श्रद्धालुओं के लिए चाय की भी व्यवस्था कुछ ऑर्गनाइजेशंस ने की थी. पहाड़ी मंदिर जाने के क्रम में श्रद्धालुओं की टोली बज रहे भक्ति गीतों पर झूम रहे थे.

ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था

पहाड़ी मंदिर में पहली सोमवारी को हजारों की संख्या में आनेवाले श्रद्धालुओं को देखते हुए यहां ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था की गई थी. रातू रोड, श्री राणी सती मंदिर मार्ग में वेंकटेश्वर मंदिर के पास से और हरमू रोड में बानो मंजिल रोड से सभी छोटी-बड़ी गाडि़यों का प्रवेश बंद रहा. इसके अलावे श्रद्धालुओं के लिए बानो मंजिल
रोड में प्रज्ञा केंद्र के पास गाडि़यों के पार्किग की व्यवस्था की गई थी. ट्रैफिक कंट्रोल के लिए एडिशनल ट्रैफिक पुलिस की भी ड्यूटी यहां लगाई गई थी.

लगाए गए थे सीसीटीवी कैमरे

पहाड़ी मंदिर में कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिसके जरिए यहां की व्यवस्था और एक्टिविटीज पर नजर रखी जा रही है. सोमवारी को मंदिर के अंदर हो रहे बाबा के जलाभिषेक का लाइव टेलीकॉस्ट मंदिर के नीचे श्रद्धालुओं ने लाइव देखा. इतना ही नहीं श्रद्धालुओं की भीड़ को कंट्रोल में करने के लिए सौ के करीब पुलिसकर्मियों की डयूटी लगाई गई थी. कई पुलिसवाले सिविल ड्रेस में भी थे. इसके अलावे 300 के करीब स्वंयसेवक भी व्यवस्था को संभालने में मदद कर रहे थे.

Source: Ranchi News