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Wednesday, July 23, 2014

The men robbed the courier company

लाटूश रोड पर इलेक्ट्रिकल शॉप ऑनर तरुण कुमार शर्मा की रातों की नींद हराम हो गई है. ब्लू एक्सप्रेस कोरियर कंपनी की फ्रेंचाइजी पाने के लिए उनके करीब सवा तीन लाख रुपए डूब गए हैं. कंपनी ने फ्रेंचाइजी देने के नाम पर उन्हें चूना लगा दिया है. वह केवल एकमात्र शख्स नहीं हैं. उन जैसे करीब क्7 लोग हैं जिनका करीब एक करोड़ रुपए अब फंस गया है. इस कंपनी के नाम पर ठगी करने वाले दो जालसाजों को दिल्ली में गिरफ्तार किया जा चुका है.

सोने की चेन बेच दी

प्राइवेट सर्विस छोड़कर मोहित का करीब सवा लाख रुपए फंस गया है. वह तो अब बेहद पछता रहे हैं. नौकरी भी छोड़ दी और कोरियर कंपनी की फे्रंचाइजी भी नहीं मिली. अपनी सोने की चेन बेचकर यह रकम इकट्ठा की थी. संजय पाठक को तो दिल की बीमारी है. करीब ढाई लाख रुपए उन्होंने भी लगाए थे. एग्रीमेंट भी हुआ था, लेकिन पिछले दो महीने से पार्क रोड स्थित ब्लू एक्सप्रेस कोरियर सर्विस के ऑफिस के चक्कर काटकर वह थक चुके हैं.

दिल्ली में गिरफ्तार हुए दो ठग

रिलेशनशिप मैनेजर और जोनल सेल्स मैनेजर बनकर लाखों हड़पने वाले दो ठग गिरफ्तार किए गए तो लखनऊ के लोगों को इसकी जानकारी हुई. आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है. लोगों को लखपति बनाने के नाम पर यह गिरोह अभी तक करोड़ों रुपये डकार चुका है. गिरफ्तार ठग मान सिंह उर्फ जय नारायण और नितिन खुराना हैं. इनका सरगना राहुल गुप्ता फरार है. पूछताछ में दोनों ठगों से छह बैंक अकाउंट की डिटेल मिली है. इनमें चार आईसीआईसीआई बैंक, एक कोटक महिंद्रा और एक एक्सिस बैंक का अकाउंट है. कालकाजी पुलिस ने सभी अकाउंट सीज कर दिए हैं और इनमें मौजूद ख्0 लाख रुपये भी जब्त कर लिया है.

दिसम्बर ख्0क्फ् में खोली थी कंपनी

दिसंबर ख्0क्फ् में कुरियर कंपनी खोलने के बाद ठगों ने जनवरी में एडवर्टिजमेंट छपवाए. इसमें फ्रेंचाइजी लेने और एक महीने में तीन लाख रुपये तक कमाने का ऑफर था. एटवर्टिजमेंट देखते ही कई लोगों ने इसमें पैसे लगा दिए. लेकिन, कुछ महीने बीतने के बाद भी जब उन्हें कंपनी से रिस्पांस नहीं मिला तो लोगों का माथा ठनका. तरुण के मुताबिक उन्होंने क्भ् मई को कंपनी के नाम फ् लाख फ्क् हजार का चेक दिया. इसके बाद से ही क्0 दिन-क्भ् दिन कहकर टाला जाता रहा और कभी भी उनकी फ्रेंचाइजी नहीं शुरू करवाई.

मैं तो यहां का इम्प्लाई हूं. मेरे साथ 7भ् लोगों के स्टाफ को दो महीने से सैलरी नहीं मिली है. अब लोगों की जो रकम फंसी है, उसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं. दिल्ली में केस रजिस्टर्ड है.