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Wednesday, June 1, 2016

साकची में पिस्तौल की नोक पर टेम्पो और रुपए लूटे

 सभी संसाधनों से लैंस साकची थाने की पुलिस कितनी सक्रिय है रात्रि गश्ती करती है। इसकी सक्रियता की पोल ख्9 मई की रात खुल गई। थाना से कुछ ही दूरी पर ग्रेजुएट कॉलेज के पास पिस्तौल से लैंस अपराधियों ने टेम्पो चालक को न केवल हथियार का भय दिखा रोका। बल्कि उसकी पिटाई भी की। इसके बाद पिस्तौल का भय दिखा उससे टेम्पो, मोबाइल और ब्भ्0 रुपये भी लूट ले गए। सीतारामडेरा थाना क्षेत्र निवासी टेम्पो चालक सत्यजीत सिंह ने थाने में इसकी शिकायत उसी समय की। बावजूद पुलिस कुछ नहीं कर पाई। तीन अज्ञात के खिलाफ टेम्पो ड्राइवर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है.

जवान के घर से नगद और अंगूठी ले उड़े

उधर, साकची थाना क्षेत्र निवासी ओल्ड बारीडीह निवासी टीओपी में तैनात जवान विपिन    Read more http://inextlive.jagran.com/jamshedpur/ and http://inextepaper.jagran.com/

Tuesday, May 31, 2016

जमीन कारोबार में वर्चस्व को लेकर गई संजीव की जान

गोविंदपुर थाना क्षेत्र के जोजोबेड़ा स्थित रेलवे फाटक के पास जमीन कारोबारी संजीव सिंह की हुई हत्या में संलिप्त अपराधी मिथुन चक्रवर्ती को गोविंदपुर के इंस्पेक्टर दयानंद कुमार ने धर- दबोचा है। उसने कबूल किया कि पुरानी रंजिश और जमीन की खरीद- ब्रिकी को लेकर वर्चस्व की लड़ाई के लिए संजीव सिंह की हत्या की गई। इसके लिए कुख्यात अपराधी मंगल टुडू को दो लाख की सुपारी दी गई थी। यह जानकारी एसएसपी अनुप टी मैथ्यू ने सोमवार को दी। उन्होंने बताया कि अपराधी दुबराज नाग और उसके सहयोगी मनोज कच्छप ने पांच अन्य अपराधियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। इसमें कांट्रेक्ट किलर मंगल टुडू भी शामिल था।

ऐसे दिया घटना को अंजाम

एसएसपी ने बताया कि घटना वाले दिन चित्रू सरदार और सरफू नामक अपराधी जोजोबेड़ा रेलवे फाटक के सामने छुपे हुए थे। अपराधी मोहन कच्छप और डोमनिक सैमसंग पैशन प्रो बाइक लेकर कृष्णा नगर ऑटो स्टैंड के पीछे छुपे हुए थे। दुबराज नाग और मंगल टुडू सरजामदा से बारीगोड़ा जाने वाले रास्ते में ग्लैमर बाइक पर बैठ सभी गतिविधियों पर निगाह बनाये हुए थे। वहीं मिथुन चक्रवर्ती बाइक से संजीव के गतिविधियों पर नजर रख रहा था। मिथुन संजीव का पीछा करते हुए कृष्णा नगर ऑटो स्टैंड तक पहुंचा। इसी दौरान संजीव सिंह जैसे ही जोजोबेड़ा रेलवे फाटक के पास पहुंचा उस वक्त ट्रेन क्रास करने के चलते रेलवे क्रासिंग बंद थी। इस का फायदा उठाते हुए दुबराज नाग, मंगल टुडू, मनोज कच्छप और डोमनिक सैमसंग अपनी- अपनी बाइक लेकर संजीव के सामने सट गये और ताबड़तोड़ फायरिंग कर बाइक घुमाकर बारीगोड़ा के रास्ते गदरा होते हुए पोटका की ओर फरार हो गये।  Read more http://inextlive.jagran.com/jamshedpur/

Friday, May 27, 2016

नक्सली कमांडर कानू और सचिन का घर कुर्क

कोकपाड़ा स्टेशन पर हमले के बाद से पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी कड़ी में पुलिस ने गुरुवार को गुड़ाबांधा दस्ता के कमांडर कान्हू मुंडा व आमदा पहाड़ी दस्ता के राम प्रसाद मार्डी उर्फ सचिन के घर को कोर्ट के आदेश पर कुर्क किया। कुर्की के दौरान पुलिस ने दोनों के घर से ना केवल सामान जब्त किया बल्कि खिड़की- दरवाजे तक उखड़वा दिये। ग्रामीण एसपी मोहम्मद अर्शी ने बताया कि दोनों के खिलाफ कोर्ट से कुर्की वारंट जारी था। कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया गया है।

कई सामान किए जब्त

नक्सलियों की ओर से किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस अब तक केवल सर्च अभियान चलाने का काम करती थी, लेकिन कोकपाड़ा घटना के बाद पुलिस ने पहली वार कुर्की- जब्ती की कार्रवाई की है। पुलिस एक साथ गुड़ाबांधा व आमदा पहाड़ी दस्ता के खिलाफ आक्रामक हो गई है। गुड़ाबांधा पुलिस व सीआरपीएफ की टीम आज कान्हू मुंडा के गांव जियान पहुंची। जियान गांव के मुंडा टोला में कान्हू का घर है। कान्हू के घर में उसके पिता योगेश्वर मुंडा को कुर्की का आदेश दिखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की। उसके घर से धान, बर्तन, चौकी समेत अन्य सामान को जब्त कर लिया गया।

सक्रिय रही पुलिस

कुर्की के दौरान सीआरपीएफ की टीम पूरे क्षेत्र में सक्रिय थी। वहीं आमदा पहाड़ दस्ता के सदस्य राम प्रसाद मार्डी उर्फ सचिन का घर पटमदा थाना क्षेत्र के झुंझका में है। घाटशिला थाना की कांड संख्या 74/2015 में सचिन के खिलाफ कुर्की वारंट था। डीएसपी संजीव बेसरा के नेतृत्व में पटमदा, बोड़ाम व कमलपुर थाना की पुलिस के अलावा सीआरपीएफ की टीम झुंझका पहुंची और सचिन के घर के सामान को जब्त किया। इस दौरान उसके घर के दरवाजा- खिड़की को भी पुलिस टीम निकाल कर ले गई।  Read more http://inextlive.jagran.com/jamshedpur/

Monday, April 4, 2016

पिता को विधायक बता कर राहुल ने जमाई थी धाक

राहुल राज सिंह ने प्रत्युषा बनर्जी और उसके परिवार पर अपने पिता के तीन बार विधायक होने की बात कह धाक जमाई थी। यह बात सोनारी कागलनगर निवासी प्रत्युषा की चाची राजश्री मुखर्जी ने सोमवार को कही। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी होने पर जब उनलोगों ने राहुल के पिता के बारे में उसके आस- पड़ोस से पता किया तो हर्षव‌र्द्धन सिंह (राहुल के पिता) के विधायक होने की बात पड़ोसी तक नहीं जानते थे। राहुल झूठ बोल रहा था।

पिता ने दी थी सलाह

राजश्री बनर्जी ने बताया कि प्रत्युषा की राहुल के साथ जैसे- जैसे नजदीकियां बढ़ रहीं थी, पिता शंकर बनर्जी ने बेटी को राहुल से दूर रहने की सलाह दी थी। यही नहीं शंकर ने तो प्रत्युषा से कहा था कि राहुल उसके लायक नहीं है। राहुल उसे सीढि़यों की तरह इस्तेमाल कर रहा है और धोखाबाजी कर रहा है लेकिन प्रत्युषा जज्बाती थी और दिल की सुनती थी। राहुल के आकर्षण से वह निकल ही नहीं पा रही थी। प्रत्युषा की चाची ने बताया कि जब वह राहुल के घर रांची गई थी तो उसने अपने माता- पिता को यह कहते हुए मुंबई आने से मना कर दिया था कि वह काम में व्यस्त रहेगी। इस कारण वे लोग अभी मुंबई नहीं आएं। तब प्रत्युषा के माता- पिता को मुंबई जाने का टिकट कैंसल करवाना पड़ा था।

प्रत्युषा निभा रही थी सच्चा प्यार

राजश्री ने बताया कि राहुल ने इस कदर प्रत्युषा को अपने चंगुल में फांस रखा था कि वह अपने माता- पिता सहित चाचा- चाची तक की बात को अनसुना कर देती थी। प्रत्युषा तो अपना सच्चा प्यार निभा रही थी लेकिन राहुल उसे धोखा दे रहा था। प्रत्युषा ने कम समय में इतनी ऊंचाई हासिल की। उसके सामने राहुल कुछ भी नहीं था। वह तो सिर्फ प्रत्युषा का इस्तेमाल कर रहा था।

एक करोड़ की पॉलिसी में जबरन बना नामिनी

प्रत्युषा के रिश्तेदार के मुताबिक, प्रत्युषा ने एक करोड़ की बीमा पॉलिसी कराई थी, जिसका प्रीमियम ख्7 हजार रुपए प्रति वर्ष देती थी। उस पालिसी में राहुल ने जबरन प्रत्युषा पर दबाव देकर खुद को नॉमिनी बनवाया।

निकाल लेता था रुपए

प्रत्युषा के रिश्तेदार ने बताया कि उसके आर्थिक रुप से तंगी की बात समझ से परे है, क्योंकि प्रत्युषा के अकाउंट में हमेशा रुपए रहते थे। पावर कपल में राहुल और प्रत्युषा ने हिस्सा लिया था, जिसमें उनलोगों को चार करोड़ रुपए मिले थे। दो करोड़ राहुल को और दो करोड़ प्रत्युषा को। प्रत्युषा के हिस्से में आये रुपये भी राहुल उसके एकाउंट से निकलवा लेता था।

दूसरी लड़की से था तनाव

राजश्री ने बताया कि पिछले कुछ माह से राहुल के साथ प्रत्युषा का झगड़ा होने लगा था। इसकी जानकारी वह अक्सर अपने माता- पिता को फोन कर देती थी। प्रत्युषा ने अपने माता- पिता को बताया था कि राहुल की जिंदगी में दूसरी लड़की भी है, जिसको लेकर वह तनाव में रहते लगी है। उस लड़की को लेकर भी झगड़े होते थे।

सीबीआइ जांच की मांग

राजश्री मुखर्जी के अनुसार प्रत्युषा मामले की सीबीआइ जांच होनी चाहिए, ताकि सच सामने आए। प्रत्युषा के माता- पिता क्रिया- कर्म के बाद इसकी मांग करेंगे। शंकर ने फोन कर यह जानकारी दी है। राजश्री ने बताया कि पूरा परिवार अभी सदमे से उबर नहीं पाया है। प्रत्युषा को इंसाफ मिलना चाहिए क्योंकि प्रत्युषा तो चली गई लेकिन दूसरी प्रत्युषा के साथ ऐसा नहीं हो। इसके लिए पुलिस को सच्चाई की तह तक जाना चाहिए। क्या सच में प्रत्युषा ने आत्महत्या ही की है। या फिर कुछ और ही मामला है?

जल्द लौटेंगे माता- पिता

प्रत्युषा के माता- पिता श्राद्ध आदि कर्म से निवृत्त होते ही शहर लौट आएंगे। प्रत्युषा की चाची राजश्री बनर्जी ने बताया कि राहुल को परिवार में कोई पसंद नहीं करता, लेकिन उनलोगों को यह नहीं पता था कि इसका अंजाम इस कदर उनलोगों के सामने आयेगा।

Monday, August 10, 2015

No Drinking Water Facilities At Mango Bus Stand

अगर आप मानगो बस स्टैंड आएं तो पानी की बोतल साथ लाएं. यहां पीने के पानी की सुविधा नहीं है. इस बस स्टैंड से रोज सैकड़ों यात्री सफर करते हैं, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं होने की वजह से प्यास लगने पर पैसेंजर्स के पास पानी खरीदने के अलावा कोई चारा नहीं है. कुछ महीने पहले स्टैंड में नल लगाया भी गया था, लेकिन इसकी सुविधा लोगों को महीने भर भी नहीं मिल पाई. लिहाजा मानगो बस स्टैंड आए यात्रियों को पानी के लिए फजीहत झेलनी पड़ रही है. 

बसें चलती हैं रोज 

मानगो बसे स्टैंड से हर रोज फ्00 से अधिक बसों का परिचालन होता है. बिहार, ओडि़शा और वेस्ट बंगाल के लिए यहां से बसें चलती हैं. इसके अलावा रांची, चाईबासा, चांडिल, चक्रधरपुर, बड़बिल, धनबाद, हजारीबाग, देवघर आदि स्थानों के लिए भी स्थानीय बसों का परिचालन होता है. मानगो बस स्टैंड में रोजाना से अधिक यात्री आते हैं, लेकिन बस स्टैंड में जन सुविधा के नाम पर पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं है.
कोई चारा नहीं है 

स्टैंड पर बस के लिए इंतजार करने वाले लोगो को अगर प्यास लगे तो पैसेंजर्स के पास पानी की बोतल खरीदने के अलावा कोई चारा नहीं है. वहीं, स्टैंड पर मौजूद बसों के कर्मचारियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है. बस के एक स्टाफ ने बताया कि उन्हें रोज करीब क्ख् घंटे स्टैंड में रहना पड़ता है इस दौरान पानी नहीं होने की वजह से काफी दिक्कत होती है. 

दस दिन भी नहीं आया पानी 

बस स्टैंड में पिछले साल ड्रिंकिंग वाटर के लिए नल लगाए गए थे, लेकिन इस नल का पानी ज्यादा दिनों तक लोगो की प्यास नही बुझा पाया. बस के कर्मचारी पप्पू सिंह ने बताया कि पिछले साल अप्रैल में नल लगाए गए थे, लेकिन क्0 दिन में ही नल खराब हो गए. इसके बाद से ही नल के पाइप और पानी टंकी बेकार पडे़ हुए हैं. See more - http://inextlive.jagran.com/no-drinking-water-facilities-at-mango-bus-stand-88062